फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   IFFCO fertilizer in bags on the genuineness of the questions raised

इफको के बैग में खाद की असलियत पर उठे सवाल

Tue, 01 Nov 2016 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी। Updated Tue, 01 Nov 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
IFFCO fertilizer in bags on the genuineness of the questions raised
खाद - फोटो : अमर उजाला
पतरासी में बगैर लाइसेंस खाद बेचने का मामला
विज्ञापन

गोदाम सील किया पर भरा नहीं खाद का सैंपल

नकहा ब्लाक के गांव पतरासी में बरामद इफको ब्रांड की बोरियों में भरी खाद की असलियत पर सवाल का जवाब अभी सामने आना बाकी है, क्योंकि कीमती खाद (एनपीके) की आड़ में नकली माल खपाने का अंदेशा बढ़ गया है। विभागीय जांच में अब तक इस खाद के स्रोतों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती जांच में दुकानदार ने पहले किसानों से खाद की बोरियां खरीदने की बात कही, फिर शाहजहांपुर से खाद लाना बताया लेकिन उसके बिल नहीं मिले हैं। ऐसे में खाद के नकली होने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि विभाग ने लैब जांच के लिए खाद के नमूने नहीं लिए हैं।

पतरासी गांव में राजपूत खाद भंडार नाम से संचालित दुकान पर जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने छापा मारकर कालाबाजारी के लिए रखी काफी मात्रा में इफको ब्रांड खाद पकड़ी थी। दुकानदार के पास लाइसेंस भी नहीं मिला था। लिहाजा गोदाम को सील करते हुए डीएम के आदेश पर जिला कृषि अधिकारी ने आरोपी दुकानदार रामकिशोर निवासी पतरासी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत फूलबेहड़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया। गोदाम में 232 बोरी इफको ब्रांड एनपीके, एक बोरी खुली, 164 बोरी यूरिया कृभको ब्रांड, 50 किलो मोनो जिंक बरामद हुई थी। डीएपी के बाद महंगी खाद में शुमार एनपीके की गेहूं बुवाई के समय ज्यादा डिमांड रहती है। एनपीके की प्रति बोरी रेट एक हजार रुपये के आसपास होने के कारण मिलावट और नकली माल बेचे जाने की आशंका अधिक रहती हैं। सूत्र बताते हैं कि इफको ब्रांड की खाली बोरियों में नकली खाद भरकर बेचने के धंधे में कई मुनाफाखोर सक्रिय हैं तो दूसरा पहलू सहकारी समितियों के कालाबाजारी में लिप्त होने की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन अधिकारी अभी कुछ भी स्पष्ट तौर पर कहने से बच रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक डेढ़ साल से बगैर लाइसेंस के खाद का कारोबार किया जा रहा था। खाद की गुणवत्ता की प्रमाणिकता सिद्ध होना अभी बाकी है, क्योंकि डीएम के आदेश पर माल का डिस्पोजल करने के दौरान नमूने लिए जाएंगे। अभी प्रथम दृष्टया आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed