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Lakhimpur Kheri News: नजर धुंधली पड़े तो समझिए मोतियाबिंद का खतरा
Sun, 19 Apr 2026 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:53 AM IST
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लखीमपुर खीरी। धुंधला दिखने की समस्या को अक्सर लोग हल्के में लेकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकती है।
जिला अस्पताल में आंखों से जुड़ी समस्याओं के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं, जहां जांच के दौरान कई मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हो रही है। चिकित्सक उन्हें उचित परामर्श के साथ इलाज दे रहे हैं। मोतियाबिंद के मरीज प्रतिदिन करीब 4-5 की संख्या में जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
बीते एक वर्ष में यहां लगभग 1300 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा के अनुसार, यह बीमारी आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होती है, लेकिन समय पर उपचार न मिलने पर समस्या गंभीर हो सकती है। इसलिए आंखों की नियमित जांच कराना आवश्यक है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि धुंधला दिखाई दे, रोशनी के आसपास रंगीन घेरे नजर आएं, आंखों में चकाचौंध महसूस हो या पढ़ने-लिखने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत जांच कराकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा या ऑपरेशन कराना चाहिए।
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सर्जरी के बाद भी रखें सावधानी
डॉ. पूनम वर्मा के अनुसार, मोतियाबिंद सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक धूल-मिट्टी से बचाव जरूरी है, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। तेज रोशनी से भी आंखों को बचाना चाहिए और बाहर निकलते समय चश्मे का उपयोग करना लाभकारी रहता है। साथ ही डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन और समय-समय पर फॉलोअप जांच कराना जरूरी है, जिससे आंखों की सेहत बेहतर बनी रहती है और ऑपरेशन का पूरा लाभ मिल सके।
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जिला अस्पताल में आंखों से जुड़ी समस्याओं के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं, जहां जांच के दौरान कई मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हो रही है। चिकित्सक उन्हें उचित परामर्श के साथ इलाज दे रहे हैं। मोतियाबिंद के मरीज प्रतिदिन करीब 4-5 की संख्या में जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
बीते एक वर्ष में यहां लगभग 1300 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा के अनुसार, यह बीमारी आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होती है, लेकिन समय पर उपचार न मिलने पर समस्या गंभीर हो सकती है। इसलिए आंखों की नियमित जांच कराना आवश्यक है।
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डॉक्टरों का कहना है कि यदि धुंधला दिखाई दे, रोशनी के आसपास रंगीन घेरे नजर आएं, आंखों में चकाचौंध महसूस हो या पढ़ने-लिखने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत जांच कराकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा या ऑपरेशन कराना चाहिए।
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सर्जरी के बाद भी रखें सावधानी
डॉ. पूनम वर्मा के अनुसार, मोतियाबिंद सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक धूल-मिट्टी से बचाव जरूरी है, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। तेज रोशनी से भी आंखों को बचाना चाहिए और बाहर निकलते समय चश्मे का उपयोग करना लाभकारी रहता है। साथ ही डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन और समय-समय पर फॉलोअप जांच कराना जरूरी है, जिससे आंखों की सेहत बेहतर बनी रहती है और ऑपरेशन का पूरा लाभ मिल सके।