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Lakhimpur Kheri News: वार्ड में गंदगी-पानी की समस्या है तो कंट्रोल रूम में फोन मिलाएं
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लखीमपुर खीरी। वार्ड में गंदगी, पानी और अन्य प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए नगरपालिका में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम में की गई शिकायत का प्राथमिकता पर समाधान किया जाएगा। यहां पर तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मौजूदा समय में सबसे ज्यादा जलनिकासी, टूटी नालियां बनवाने को लेकर शिकायतें दर्ज की जा रहीं हैं। अधिकारियों का दावा है कि आने वाली शिकायताें का एक सप्ताह में निस्तारण करा दिया जाता है।
लोगों की समस्याओं का समय से निस्तारण हो इसको लेकर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष निरूपमा मौनी बाजपेई ने डीसीसीसी यानी डेडीकेटेड कमांड कंट्रोल सेंंटर बनाया था। साथ ही एक टोल फ्री नंबर 18001800101, 1533 के अलावा दो मोबाइल नंबर भी 8604097174, 8887090615 भी जारी किए थे। टोल फ्री नंबर पर आने वाली शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर निस्तारण कराने का नियम है।
कंट्रोल रूम के कर्मचारियों का कहना था कि सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क सही कराने, नालियों को दुरुस्त कराने, बिजली के खंभों पर लगी लाइटों को सही कराने की आती हैं। साथ ही पेयजल, गंदगी की शिकायतों का भी निस्तारण कराया जाता है। ईओ संजय कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम की खुद से लगातार मॉनीटरिंग करते हुए क्रॉस चेक किया जाता है। कंट्रोल रूम पर तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। आने वाली शिकायतों को डाटा रजिस्टर में दर्ज कराया जाता है।
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एक से दो दिन में निस्तारित होती है गंदगी की शिकायत
रोड निर्माण, सड़क दुरुस्तीकरण की शिकायतें बजट के आधार पर निस्तारित की जाती हैं, जबकि गंदगी की शिकायतों का एक से दो दिन के भीतर समाधान कराया जाता है। बीते एक सप्ताह में गंदगी के अलावा पानी निकासी की समस्याएं हैं। हर रोज दो-चार शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज की जाती हैं।
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लोगों की समस्याओं का समय से निस्तारण हो इसको लेकर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष निरूपमा मौनी बाजपेई ने डीसीसीसी यानी डेडीकेटेड कमांड कंट्रोल सेंंटर बनाया था। साथ ही एक टोल फ्री नंबर 18001800101, 1533 के अलावा दो मोबाइल नंबर भी 8604097174, 8887090615 भी जारी किए थे। टोल फ्री नंबर पर आने वाली शिकायतों को एक सप्ताह के भीतर निस्तारण कराने का नियम है।
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कंट्रोल रूम के कर्मचारियों का कहना था कि सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क सही कराने, नालियों को दुरुस्त कराने, बिजली के खंभों पर लगी लाइटों को सही कराने की आती हैं। साथ ही पेयजल, गंदगी की शिकायतों का भी निस्तारण कराया जाता है। ईओ संजय कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम की खुद से लगातार मॉनीटरिंग करते हुए क्रॉस चेक किया जाता है। कंट्रोल रूम पर तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। आने वाली शिकायतों को डाटा रजिस्टर में दर्ज कराया जाता है।
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एक से दो दिन में निस्तारित होती है गंदगी की शिकायत
रोड निर्माण, सड़क दुरुस्तीकरण की शिकायतें बजट के आधार पर निस्तारित की जाती हैं, जबकि गंदगी की शिकायतों का एक से दो दिन के भीतर समाधान कराया जाता है। बीते एक सप्ताह में गंदगी के अलावा पानी निकासी की समस्याएं हैं। हर रोज दो-चार शिकायतें कंट्रोल रूम में दर्ज की जाती हैं।