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कार्यवाही रजिस्टर पर नहीं लिखे प्रस्ताव तो चली गईं सभासद
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बैठक से अलग बैठे सभासद।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
नगर पालिका प्रशासन ने करीब 14 माह बाद बुलाई बैठक
कई सभासदों ने बैठक का कर दिया बहिष्कार
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका के बोर्ड में उठा पटक जारी है। अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी से लेकर सभासदों के बीच की रार थमने का नाम नहीं ले रही है। इसका नजारा एक बार फिर करीब 14 माह बाद बुलाई बोर्ड की बैठक में मंगलवार को देखने को मिला। तमाम सभासद जहां बैठक में शामिल ही नहीं हुए तो वहीं कार्यवाही रजिस्टर पर प्रस्ताव न लिखे जाने से आहत महिला सभासद बीच में ही बैठक छोड़कर चली गईं।
नगर के विकास को लेकर पालिका प्रशासन गंभीर नहीं है। इसी का परिणाम है कि नियमानुसार बोर्ड बैठक नहीं हो रही है। इससे शहर का विकास प्रभावित है। पालिका रिकार्ड के अनुसार मंगलवार को आठवीं बैठक बुलाई गई थी, जबकि सभासदों के अनुसार यह छठी थी।
सभासद बताते हैं कि नियमत: हर माह बोर्ड बैठक होनी चाहिए, लेकिन पालिका अध्यक्ष और ईओ का जब मन होता है तब बैठक बुलाते हैं। कपूरथला के सभासद रविंद्र रावत बताते हैं कि पिछली बैठक अगस्त 2020 में हुई थी। इसके बाद अब बैठक बुलाई गई। उधर, हिदायननगर की सभासद अमरीन खान का कहना है कि वार्ड के विकास को लेकर जो प्रस्ताव देते हैं उन्हें तत्काल कार्यवाही रजिस्टर पर नहीं लिखा जाता। बाद में मनमाने तरीके से कार्यवाही रजिस्टर पर कार्य अंकित किए जाते हैं। इसलिए बैठक में जाने से क्या फायदा।
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बैठक छोड़कर चली गईं महिला सभासद
राजगढ़ वार्ड की सभासद मनीषा माथुर ने बताया कि बैठक में गए थे, लेकिन जो प्रस्ताव दिए उन्हें बोर्ड प्रोसीडिंग बुक पर बैठक के समक्ष नहीं लिखा गया। इसलिए बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए। उन्होंने बताया कि नियमत: प्रस्ताव कार्यवाही पंजिका पर बैठक में ही अंकित किए जाने चाहिए। वहीं सभासदों की संख्या भी बेहद कम थी।
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कई सभासदों ने बैठक का कर दिया बहिष्कार
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका के बोर्ड में उठा पटक जारी है। अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी से लेकर सभासदों के बीच की रार थमने का नाम नहीं ले रही है। इसका नजारा एक बार फिर करीब 14 माह बाद बुलाई बोर्ड की बैठक में मंगलवार को देखने को मिला। तमाम सभासद जहां बैठक में शामिल ही नहीं हुए तो वहीं कार्यवाही रजिस्टर पर प्रस्ताव न लिखे जाने से आहत महिला सभासद बीच में ही बैठक छोड़कर चली गईं।
नगर के विकास को लेकर पालिका प्रशासन गंभीर नहीं है। इसी का परिणाम है कि नियमानुसार बोर्ड बैठक नहीं हो रही है। इससे शहर का विकास प्रभावित है। पालिका रिकार्ड के अनुसार मंगलवार को आठवीं बैठक बुलाई गई थी, जबकि सभासदों के अनुसार यह छठी थी।
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सभासद बताते हैं कि नियमत: हर माह बोर्ड बैठक होनी चाहिए, लेकिन पालिका अध्यक्ष और ईओ का जब मन होता है तब बैठक बुलाते हैं। कपूरथला के सभासद रविंद्र रावत बताते हैं कि पिछली बैठक अगस्त 2020 में हुई थी। इसके बाद अब बैठक बुलाई गई। उधर, हिदायननगर की सभासद अमरीन खान का कहना है कि वार्ड के विकास को लेकर जो प्रस्ताव देते हैं उन्हें तत्काल कार्यवाही रजिस्टर पर नहीं लिखा जाता। बाद में मनमाने तरीके से कार्यवाही रजिस्टर पर कार्य अंकित किए जाते हैं। इसलिए बैठक में जाने से क्या फायदा।
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बैठक छोड़कर चली गईं महिला सभासद
राजगढ़ वार्ड की सभासद मनीषा माथुर ने बताया कि बैठक में गए थे, लेकिन जो प्रस्ताव दिए उन्हें बोर्ड प्रोसीडिंग बुक पर बैठक के समक्ष नहीं लिखा गया। इसलिए बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए। उन्होंने बताया कि नियमत: प्रस्ताव कार्यवाही पंजिका पर बैठक में ही अंकित किए जाने चाहिए। वहीं सभासदों की संख्या भी बेहद कम थी।