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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   If a speeding vehicle is taken out of the forests of Dudhwa, the radar will catch it.

Lakhimpur Kheri News: दुधवा के जंगलों से तेज रफ्तार वाहन निकाले तो पकड़ लेगा रडार

Tue, 05 Sep 2023 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 Sep 2023 12:36 AM IST
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If a speeding vehicle is taken out of the forests of Dudhwa, the radar will catch it.
दुधवा गौरीफंटा रोड पर लगा गति सीमा का बोर्ड
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल से गुजरने वाले रास्तों पर रडार स्पीड गन से लैस वनकर्मियों को तैनात करने की योजना है, ताकि जंगल के अंदर वाहनों की गति को नियंत्रित किया जा सके। यह गन वाहनों की गति का पता लगाएगी। यदि निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार पाई गई, तो उस वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी ये उपकरण मंगाए नहीं जा सके हैं।
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वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर जंगल के अंदर वाहनों की गति सीमा 30 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित की गई है। इसके बावजूद जंगल से गुजरने वाले तेज रफ्तार वाहनों से वन्यजीव घायल हो रहे है। कभी-कभी दुर्लभ वन्यजीव की मौत हो तक हो जाती है। एक सितंबर को दुधवा-गौरीफंटा रोड पर एक कार की चपेट में आकर एक वन्यजीव घायल हो गया।
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बैरियर पर वाहन के अगले हिस्से को क्षतिग्रस्त देखकर दुर्घटना की आशंका हुई, तो वनकर्मियों ने पूछताछ की। पूछताछ में चालक ने वन्यजीव के कार से टकराने की पुष्टि की। कार चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। संवाद
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दुधवा के बफर जोन ही नहीं, कोर जोन से भी गुजरते हैं वाहन
दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन ही नहीं, कोर जोन से होकर भी वाहन गुजरते हैं। पलिया से गौरीफंटा रोड, पलिया से चंदनचौकी रोड दुधवा नेशनल पार्क के कोर जोन में आती हैं। इन दोनों रास्तों पर रोज एक हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। रास्ते में वन विभाग ने कई बैरियर लगाए हैं। यहां से गुजरने वाले वाहन शायद ही कभी गति सीमा का पालन करते हों। वन्यजीव बहुल क्षेत्र भीरा से मैलानी रोड और गोला-खुटार रोड पर भी हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व बनने के बाद से अब तक सौ से अधिक दुर्लभ वन्यजीव इन दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।

इस तरह काम करती है रडार स्पीड गन
रडार स्पीड गन को स्पीड ट्रैप गन के नाम से भी जाना जाता है। यह डॉपलर प्रभाव के कारण लौटे रडार सिग्नल की आवृत्ति में परिवर्तन का पता लगाकर गति बताती है।


दुधवा टाइगर रिजर्व में दुर्लभ वन्यजीवों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए जंगल के रास्तों पर रडार स्पीड गन से लैस वनकर्मियों को तैनात किया जाएगा। 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से अधिक गति से वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। बजट मिलते ही दुधवा में रडार स्पीड गन मंगाई जाएंगी।
- ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व
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