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दहेज उत्पीड़न में पति और जेठ को आठ साल की कैद, जुर्माना
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लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज की मांग के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने के मामले में एडीजे दीपेंद्र कुमार सिंह ने पति, जेठ व सास ससुर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है, जिसमें पति व जेठ को आठ-आठ साल की कैद और सास ससुर को तीन तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आशा गुप्ता उर्फ अनीता की शादी गोला के मुन्नूगंज निवासी रामकिशोर गुप्ता के पुत्र सुशील कुमार के साथ 20 अप्रैल 2003 को हुई थी। शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते आशा को प्रताड़ित किया जाने लगा और गर्भवती होने पर सही ढंग से इलाज नहीं कराया गया, जिसके चलते 20 नवंबर 2006 की रात आशा उर्फ अनीता ने किसी तरह नवजात पुत्री को जन्म दिया और मरणासन्न होने पर जिला अस्पताल लाते समय उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस में शिकायत की गई तो पुलिस ने जबरन सुलहनामा लिखा दिया। बाद में उच्चाधिकारियों के आदेश पर बमुश्किल रिपोर्ट दर्ज हुई। जांच के बाद सीओ ने पति जेठ तथा सास ससुर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालती सुनवाई के दौरान ओंकार नाथ गुप्ता, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता हेड कांस्टेबल नेमपाल सिंह सीओ बीडी कठेरिया और डॉ. प्रवीण रंजन की गवाही दर्ज कराई तथा बचावपक्ष की कोई दलील नही लगने दी।
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अदालत ने पति सुशील कुमार और जेठ सुजीत कुमार को पांच साल का कारावास व दस-दस हजार रुपये का जुर्माना जबकि, सास मंजूलता गुप्ता तथा ससुर रामकिशोर को तीन तीन वर्ष का कारावास और दस दस हजार रुपये का जुर्माना की सजा दी है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आशा गुप्ता उर्फ अनीता की शादी गोला के मुन्नूगंज निवासी रामकिशोर गुप्ता के पुत्र सुशील कुमार के साथ 20 अप्रैल 2003 को हुई थी। शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग के चलते आशा को प्रताड़ित किया जाने लगा और गर्भवती होने पर सही ढंग से इलाज नहीं कराया गया, जिसके चलते 20 नवंबर 2006 की रात आशा उर्फ अनीता ने किसी तरह नवजात पुत्री को जन्म दिया और मरणासन्न होने पर जिला अस्पताल लाते समय उसकी मृत्यु हो गई।
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पुलिस में शिकायत की गई तो पुलिस ने जबरन सुलहनामा लिखा दिया। बाद में उच्चाधिकारियों के आदेश पर बमुश्किल रिपोर्ट दर्ज हुई। जांच के बाद सीओ ने पति जेठ तथा सास ससुर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालती सुनवाई के दौरान ओंकार नाथ गुप्ता, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता हेड कांस्टेबल नेमपाल सिंह सीओ बीडी कठेरिया और डॉ. प्रवीण रंजन की गवाही दर्ज कराई तथा बचावपक्ष की कोई दलील नही लगने दी।
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अदालत ने पति सुशील कुमार और जेठ सुजीत कुमार को पांच साल का कारावास व दस-दस हजार रुपये का जुर्माना जबकि, सास मंजूलता गुप्ता तथा ससुर रामकिशोर को तीन तीन वर्ष का कारावास और दस दस हजार रुपये का जुर्माना की सजा दी है।