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Lakhimpur Kheri News: 20 लाख की ठगी से आहत युवक ने जहर खाकर जान दी
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मृतक अर्शदीप का फाइल फोटो
लखीमपुर खीरी। महंगापुर चौकी क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय अर्शदीप सिंह ठगों के जाल में ऐसे फंसे कि जिंदगी भी गंवा बैठे। ठग ने रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 20 लाख रुपये ठग लिए। इससे आहत युवक ने शनिवार की दोपहर जहर खाकर जान दे दी।
महंगापुर चौकी क्षेत्र निवासी अर्शदीप सिंह पुत्र गुरपेज सिंह के चाचा गुलमेल सिंह ने बताया कि उनका भतीजा पढ़ने में काफी होनहार था। विदेश जाने के लिए वीजा भी आने वाला था। विदेश जाने के लिए अर्शदीप के पिता ने डेढ़ एकड़ जमीन बेची थी। बताते हैं कि अर्शदीप के खाते में पांच लाख जमा रुपये थे, जबकि उसके पिता के खाते में 15 लाख रुपये थे।
अर्शदीप विदेश जा पाता, इससे पहले ही ठग के झांसे में आ गया। चाचा गुलमेल ने बताया कि अर्शदीप के मोबाइल से मिली चैट में ठग ने उससे रकम दोगुनी करने का झांसा दिया था। ठग ने पहली बार भेजी धनराशि को दोगुना कर वापस कर दिया था। इससे अर्शदीप को विश्वास हो गया था।
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28 मई से लेकर एक जून तक अर्शदीप ने ठग के अलग-अलग खातों में 20 लाख रुपये भेज दिए। जिसमें 15 लाख रुपये गुरपेज सिंह के खाते से कटे। बताया जा रहा है कि अर्शदीप ने पिता के चेक पर फर्जी साइन करते हुए उक्त धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी। हस्ताक्षर फर्जी होने के बाद भी बैंक से धनराशि किस तरह आरटीजीएस होती रही, इसमें बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
शनिवार को अर्शदीप ने ठगों से संपर्क करते हुए धनराशि वापस मांगी, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। परिजनों के सामने मामला खुलने के डर से अर्शदीप ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर शनिवार की देर शाम उसने दम तोड़ दिया।
परिजन शव लेकर घर चले गए थे। लेकिन, ठगी का मामला सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। रविवार को परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजनों का कहना था कि अंतिम संस्कार के बाद पुलिस और साइबर सेल को तहरीर दी जाएगी।
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महंगापुर चौकी क्षेत्र निवासी अर्शदीप सिंह पुत्र गुरपेज सिंह के चाचा गुलमेल सिंह ने बताया कि उनका भतीजा पढ़ने में काफी होनहार था। विदेश जाने के लिए वीजा भी आने वाला था। विदेश जाने के लिए अर्शदीप के पिता ने डेढ़ एकड़ जमीन बेची थी। बताते हैं कि अर्शदीप के खाते में पांच लाख जमा रुपये थे, जबकि उसके पिता के खाते में 15 लाख रुपये थे।
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अर्शदीप विदेश जा पाता, इससे पहले ही ठग के झांसे में आ गया। चाचा गुलमेल ने बताया कि अर्शदीप के मोबाइल से मिली चैट में ठग ने उससे रकम दोगुनी करने का झांसा दिया था। ठग ने पहली बार भेजी धनराशि को दोगुना कर वापस कर दिया था। इससे अर्शदीप को विश्वास हो गया था।
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28 मई से लेकर एक जून तक अर्शदीप ने ठग के अलग-अलग खातों में 20 लाख रुपये भेज दिए। जिसमें 15 लाख रुपये गुरपेज सिंह के खाते से कटे। बताया जा रहा है कि अर्शदीप ने पिता के चेक पर फर्जी साइन करते हुए उक्त धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी। हस्ताक्षर फर्जी होने के बाद भी बैंक से धनराशि किस तरह आरटीजीएस होती रही, इसमें बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
शनिवार को अर्शदीप ने ठगों से संपर्क करते हुए धनराशि वापस मांगी, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। परिजनों के सामने मामला खुलने के डर से अर्शदीप ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर शनिवार की देर शाम उसने दम तोड़ दिया।
परिजन शव लेकर घर चले गए थे। लेकिन, ठगी का मामला सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। रविवार को परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद परिजनों का कहना था कि अंतिम संस्कार के बाद पुलिस और साइबर सेल को तहरीर दी जाएगी।

मृतक अर्शदीप का फाइल फोटो