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अस्पताल में भर्ती बच्चे
निघासन
Updated Fri, 18 Sep 2015 05:44 PM IST
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ग्राम सेमरापुरवा में दलिया खाने से सगे भाई-बहन बीमार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें एंबुलेंस से सीएचसी में भर्ती कराया गया। सूचना पर अस्पताल पहुंचे एसडीएम पीके सिंह ने बच्चों का हाल जाना और बच्चों के पिता से पूछताछ की।
गांव सेमरापुरवा निवासी नरेश के यहां मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। आरोप है कि केंद्र पर दलिया रखी थी लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायब थी। शुक्रवार की सुबह अशोक कुमार के सात वर्षीय पुत्र रंजीत और चार वर्षीय पुत्री काजल ने अपनी मां से एक पॉलीथिन दलिया लेने के लिए मांगी। पॉलीथिन मिलने के बाद वे दोनों केंद्र पर पहुंचे। केंद्र पर मौजूद नरेश की पत्नी ने पॉलीथिन में दलिया दे दी। दलिया खाते हुए काजल और नरेश घर आ गए। यहां आते ही दोनों ने पेट में दर्द होने की बात कही। कुछ ही देर में दोनों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। कुछ समय बाद दोनों बच्चे बेहोश हो गए। परिवार वालों ने 108 एंबुलेंस से उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को दी जाने वाली दलिया काफी समय की रखी हुई थी। बरसात के दौरान दलिया की बोरी पूरी तरह भीगी हुई थी। यह दलिया निघासन बाल विकास स्टोर से लाई गयी थी जो पहले से ही बदबू मार रही थी। इसे खाने से बच्चे बीमार हो गए।
सीएचसी प्रभारी एसआर वर्मा ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग से बच्चे बीमार हुए है। उनका इलाज किया जा रहा है। कार्यवाहक सीडीपीओ माधुरी सिंह ने बताया कि दलिया खाने से बच्चे बीमार हुए हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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गांव सेमरापुरवा निवासी नरेश के यहां मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। आरोप है कि केंद्र पर दलिया रखी थी लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायब थी। शुक्रवार की सुबह अशोक कुमार के सात वर्षीय पुत्र रंजीत और चार वर्षीय पुत्री काजल ने अपनी मां से एक पॉलीथिन दलिया लेने के लिए मांगी। पॉलीथिन मिलने के बाद वे दोनों केंद्र पर पहुंचे। केंद्र पर मौजूद नरेश की पत्नी ने पॉलीथिन में दलिया दे दी। दलिया खाते हुए काजल और नरेश घर आ गए। यहां आते ही दोनों ने पेट में दर्द होने की बात कही। कुछ ही देर में दोनों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। कुछ समय बाद दोनों बच्चे बेहोश हो गए। परिवार वालों ने 108 एंबुलेंस से उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को दी जाने वाली दलिया काफी समय की रखी हुई थी। बरसात के दौरान दलिया की बोरी पूरी तरह भीगी हुई थी। यह दलिया निघासन बाल विकास स्टोर से लाई गयी थी जो पहले से ही बदबू मार रही थी। इसे खाने से बच्चे बीमार हो गए।
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सीएचसी प्रभारी एसआर वर्मा ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग से बच्चे बीमार हुए है। उनका इलाज किया जा रहा है। कार्यवाहक सीडीपीओ माधुरी सिंह ने बताया कि दलिया खाने से बच्चे बीमार हुए हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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