{"_id":"6ad50580b8d7959970038bda","slug":"homecoming-procession-on-dussehra-fair-held-at-gauriphanta-border-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1010-187828-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: दशहरे पर घर वापसी का रेला, गौरीफंटा सीमा पर लगा मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: दशहरे पर घर वापसी का रेला, गौरीफंटा सीमा पर लगा मेला
Sun, 18 Oct 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
गौरीफंटा सीमा पर उमड़ी भारी भीड़। संवाद
धनगढ़ी (नेपाल)। दशहरे पर घर लौट रहे नेपाली कामगारों की भीड़ से गौरीफंटा सीमा पर दबाव बढ़ गया है। सुबह पांच बजे से लंबी कतारें लग रही हैं। भीड़ के बीच सुरक्षा जांच पूरी करने में समय लग रहा है।
नेपाल में 21 अक्तूबर को मुख्य दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इसे मनाने के लिए भारत सहित अन्य देशों में काम करने वाले नेपाली नागरिक सपरिवार लौट रहे हैं। गौरीफंटा सीमा से रोजाना हजारों कामगारों की आवाजाही हो रही है।
भारतीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान सामान की एक्स-रे जांच, फेस स्कैनिंग और प्रवेश पंजीकरण के बाद ही लोगों को आगे जाने दे रहे हैं। नेपाल की ओर धनगढ़ी त्रिनगर/गौरीफंटा सीमा पर आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) भी जांच के बाद प्रवेश दे रही है।
विज्ञापन
भीड़ और लंबी जांच प्रक्रिया से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी हो रही है। अचानक बढ़ी आवाजाही के बीच सुरक्षा एजेंसियों को व्यवस्था संभालने में भी मशक्कत करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
नेपाल में 21 अक्तूबर को मुख्य दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इसे मनाने के लिए भारत सहित अन्य देशों में काम करने वाले नेपाली नागरिक सपरिवार लौट रहे हैं। गौरीफंटा सीमा से रोजाना हजारों कामगारों की आवाजाही हो रही है।
विज्ञापन
भारतीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान सामान की एक्स-रे जांच, फेस स्कैनिंग और प्रवेश पंजीकरण के बाद ही लोगों को आगे जाने दे रहे हैं। नेपाल की ओर धनगढ़ी त्रिनगर/गौरीफंटा सीमा पर आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) भी जांच के बाद प्रवेश दे रही है।
विज्ञापन
भीड़ और लंबी जांच प्रक्रिया से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी हो रही है। अचानक बढ़ी आवाजाही के बीच सुरक्षा एजेंसियों को व्यवस्था संभालने में भी मशक्कत करनी पड़ रही है।