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Lakhimpur Kheri News: चीन के युवक की सुपुर्दगी के लिए दूतावास से संपर्क में गृह मंत्रालय
Tue, 14 Apr 2026 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:06 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में निरुद्ध चीनी युवक वांग गोर्जुन की कोर्ट से रिहाई के आदेश के बावजूद अब तक रिहाई नहीं हो सकी है। गृह मंत्रालय उसकी सुपुर्दगी के लिए चीनी दूतावास से संपर्क में है। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी वतन वापसी संभव होगी।
वर्तमान में युवक को अन्य बंदियों से अलग अस्थाई डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। वांग गोर्जुन चीन के मोमिंग गौंग डांग प्रांत का निवासी है। उसे 17 फरवरी, 2023 को सीमा पर रोका गया था। एसएसबी ने दस्तावेज मांगने पर वह कोई वैध कागज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद उसे संदिग्ध मानते हुए अधिकारियों को सूचना दी गई। जांच के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
आठ अप्रैल, 2026 को न्यायालय ने उसकी रिहाई मंजूर कर दी थी। इसके बाद स्थानीय स्तर पर कागजी कार्यवाही पूरी कर पत्रावली गृह मंत्रालय को भेजी गई। मामला अब सुपुर्दगी प्रक्रिया में है, जिसमें दूतावास द्वारा सत्यापन के बाद ही युवक को उसके परिजनों या अधिकृत प्रतिनिधि को सौंपा जाएगा।
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कारागार अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि छुट्टियों के कारण प्रक्रिया में कुछ विलंब हुआ है, लेकिन जल्द ही युवक की वतन वापसी कराई जाएगी।
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वर्तमान में युवक को अन्य बंदियों से अलग अस्थाई डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। वांग गोर्जुन चीन के मोमिंग गौंग डांग प्रांत का निवासी है। उसे 17 फरवरी, 2023 को सीमा पर रोका गया था। एसएसबी ने दस्तावेज मांगने पर वह कोई वैध कागज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद उसे संदिग्ध मानते हुए अधिकारियों को सूचना दी गई। जांच के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
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आठ अप्रैल, 2026 को न्यायालय ने उसकी रिहाई मंजूर कर दी थी। इसके बाद स्थानीय स्तर पर कागजी कार्यवाही पूरी कर पत्रावली गृह मंत्रालय को भेजी गई। मामला अब सुपुर्दगी प्रक्रिया में है, जिसमें दूतावास द्वारा सत्यापन के बाद ही युवक को उसके परिजनों या अधिकृत प्रतिनिधि को सौंपा जाएगा।
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कारागार अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि छुट्टियों के कारण प्रक्रिया में कुछ विलंब हुआ है, लेकिन जल्द ही युवक की वतन वापसी कराई जाएगी।