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लाचार और बीमार मतदाता भी पहुंचे बूथों पर
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 07 Dec 2015 07:07 PM IST
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प्रधानी के चुनाव में आम मतदाताओं की तरह ही शारीरिक रूप से लाचार और बीमार मतदाताओं में भी उत्साह देखने को मिला। ऐसे तमाम मतदाताओं को उनके घरवाले तथा प्रत्याशी के समर्थक पोलिंग बूथों तक ले गए। जहां उन्होंने अपना वोट डाला। बेड़नापुर निवासी रक्षपाल सिंह दोनों पैरों से विकलांग थे, लेकिन वोट डालने के लिए वह अपनी पत्नी को लेकर गए थे। सलेमपुर कोन निवासी अमित वर्मा भी विकलांगता के बावजूद वोट डालने पहुंचे। इसी बूथ पर 80 वर्षीय अलबेली देवी को वोट डालने के लिए उनके घरवाले लेकर पहुंचे थे। नकहा में शारीरिक रूप से कमजोर राहुल घरवालों के सहारे पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंचा था। लगुचा पोलिंग बूथ पर एक पैर टूटने के बावजूद यहीं का रहने वाला जगन्नाथ अपने पुत्र की गोद में वोट डालने पहुंचा। ऐसे मतदाताओं को देखकर लोगों ने उनके साहस को सलाम किया।
रजागंज। सदर ब्लाक लखीमपुर के अंतर्गत मतदान केंद्र रमुआपुर, बिझौली, रजागंज, मुर्तिहा, निपनिया, रामपुरगोकुल, चुरहा, बहेरवा, करमुलहापुर, पिपरहिया, सौंठन, भल्लिया बुजुर्ग, खेतौसा, जिगनहा में मतदान शांतिपूर्ण रहा। चार बजे तक मतदान का प्रतिशत 65 रहा। चूल्हा चौका की चिंता छोड़ कर महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नेत्रहीन जयप्रकाश ने वोट डाले। रामपुरगोकुल और मुर्तिहा में 4.15 पर मतदान बंद कर मतपेटियां सील कर दी गईं। मुर्तिहा निवासी दीपू, रामकुमार, रतना, छोटी, ओपी, संगीता और रामपुरगोकुल में लवकुश, चंद्रमोहन, प्रताप आदि मतदाता मतदान से वंचित रह गए। उन्होंने इसका विरोध किया, किंतु उनकी एक भी नहीं सुनी गई।
ऐसा प्रधान बने जो सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाए
ग्राम पंचायत करनपुर के बूथ पर दोनो पैरों से विकलांग मंसादेवी पुत्री मुन्ना लाल निवासी लोनिपुरवा ने मतदान किया। घर जाते समय उसने कहा कि हमारी पंचायत का प्रधान ऐसा हो, जो विकलांगों को रोजगार के अवसर दे। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाए। पंचायत के विकास के साथ शिक्षा को भी बढ़ावा दे।
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प्रधान पद के जुझारू प्रत्याशी हैं विकलांग संजय
नकहा ब्लाक की ग्राम पंचायत बेड़नापुर में प्रधान पद के लिए 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें विकलांग प्रत्याशी संजय कुमार भी शामिल हैं। संजय दोनों पैरों से विकलांग होने के बावजूद पूरे जोश के साथ चुनाव जीतने के लिए प्रयासरत हैं। गांव वालों का कहना है कि संजय ने विकलांगता के बावजूद न सिर्फ अपना चुनाव प्रचार किया, बल्कि सोमवार को मतदान के दिन मतदाताओं को पहचानने के लिए खुद एजेंट बने और दिनभर मतदान की प्रक्रिया की जानकारी लेते रहे। गांव के लोगों ने संजय के इस साहस की सराहना की।
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रजागंज। सदर ब्लाक लखीमपुर के अंतर्गत मतदान केंद्र रमुआपुर, बिझौली, रजागंज, मुर्तिहा, निपनिया, रामपुरगोकुल, चुरहा, बहेरवा, करमुलहापुर, पिपरहिया, सौंठन, भल्लिया बुजुर्ग, खेतौसा, जिगनहा में मतदान शांतिपूर्ण रहा। चार बजे तक मतदान का प्रतिशत 65 रहा। चूल्हा चौका की चिंता छोड़ कर महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नेत्रहीन जयप्रकाश ने वोट डाले। रामपुरगोकुल और मुर्तिहा में 4.15 पर मतदान बंद कर मतपेटियां सील कर दी गईं। मुर्तिहा निवासी दीपू, रामकुमार, रतना, छोटी, ओपी, संगीता और रामपुरगोकुल में लवकुश, चंद्रमोहन, प्रताप आदि मतदाता मतदान से वंचित रह गए। उन्होंने इसका विरोध किया, किंतु उनकी एक भी नहीं सुनी गई।
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ऐसा प्रधान बने जो सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाए
ग्राम पंचायत करनपुर के बूथ पर दोनो पैरों से विकलांग मंसादेवी पुत्री मुन्ना लाल निवासी लोनिपुरवा ने मतदान किया। घर जाते समय उसने कहा कि हमारी पंचायत का प्रधान ऐसा हो, जो विकलांगों को रोजगार के अवसर दे। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाए। पंचायत के विकास के साथ शिक्षा को भी बढ़ावा दे।
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प्रधान पद के जुझारू प्रत्याशी हैं विकलांग संजय
नकहा ब्लाक की ग्राम पंचायत बेड़नापुर में प्रधान पद के लिए 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें विकलांग प्रत्याशी संजय कुमार भी शामिल हैं। संजय दोनों पैरों से विकलांग होने के बावजूद पूरे जोश के साथ चुनाव जीतने के लिए प्रयासरत हैं। गांव वालों का कहना है कि संजय ने विकलांगता के बावजूद न सिर्फ अपना चुनाव प्रचार किया, बल्कि सोमवार को मतदान के दिन मतदाताओं को पहचानने के लिए खुद एजेंट बने और दिनभर मतदान की प्रक्रिया की जानकारी लेते रहे। गांव के लोगों ने संजय के इस साहस की सराहना की।