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फिल्म उद्योग पर भारी पड़ा क्रिकेट का जुनून
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 26 Mar 2015 06:53 PM IST
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क्रिकेट का जुनून फिल्म उद्योग पर भारी पड़ रहा है। दर्शकों की रुचि को देखते हुए कई निर्देशक अपनी फिल्में रिलीज नहीं कर रहे हैं। इसके चलते मनोरंजन कर विभाग को जिले में बड़ा नुकसान हो रहा है। हालत यह है कि मार्च में मनोरंजन कर की राजस्व वसूली लाखों से घटकर हजारों तक पहुुंच गई है। फरवरी से मार्च तक करीब चार लाख के राजस्व का नुकसान हुआ है।
जिले के मनोरंजन क र विभाग के पास राजस्व के लिए सिनेमा उद्योग सबसे बड़ा साधन है। जिले में इस समय कई सिनेमा बंद हैं। शहर में आनंद और बसंत टाकीज, पलिया में कमल टाकीज तथा खीरी में सिद्धांत पैलेस ही संचालित हो रहे है। जिले से मनोरंजन कर विभाग को प्रत्येक माह सिनेमा उद्योग से लगभग 2,25,000 से 2,50,000 तक राजस्व की प्राप्ति होती है। इसके अलावा केबल व्यवसाय से भी मनोरंजन कर विभाग को प्रति माह लगभग दो लाख रुपये की आय होती है। सीडी की दुकानों के लाइसेंस रिन्यूवल से वर्ष में एक बार आय होती है। यह आय भी लगभग वर्ष में तीन से चार लाख तक होती है। इन सबमें सबसे अधिक राजस्व देने वाला सिनेमा उद्योग ही है लेकिन विश्वकप के चलते सिनेमा उद्योग से आय न के बराबर हो रही है।
दिसंबर माह में मनोरंजन कर विभाग को 2,25,000 हजार की आय हुई जबकि जनवरी में 2,20,000 हुई। जैसे ही क्रिकेट विश्वकप शुरू हुआ राजस्व घटने लगा जो फरवरी में घटकर 78 हजार तक पहुंच गया और मार्च में 26 मार्च तक केवल 25 हजार राजस्व प्राप्त हुआ। मार्च के महीने में राजस्व वसूली में आई इतनी बड़ी कमी से मनोरंजन कर विभाग के अधिकारी चिंतित हैं।
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नई फिल्में रिलीज न होना भी बड़ा कारण
मनोरंजन कर अधिकारी सुरेंद्र्र सिंह बताते हैं कि फिल्म निर्माता जानते हैं कि इस समय लोगों पर क्रिकेट का जुनून है। ऐसे में दर्शक सिनेमाघरों में न आने से उनकी फिल्म फ्लाप होने का खतरा रहता है। इसलिए तमाम फिल्म निर्माता अपनी फिल्में रिलीज नहीं कर रहे हैं। इससे जो दर्शक सिनेमा में जाते थे वे भी नहीं जा रहे हैं। सिनेमाघरों में दर्शक न पहुंचने से इस वर्ष राजस्व में कमी आई है।
आईपीएल भी घटाएगा राजस्व
मनोरंजन कर अधिकारी सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि अप्रैल लगभग विश्वकप में निकल जाएगा। इसके बाद मई से आईपीएल शुरू होने जा रहा है। आईपीएल के दौरान अगर नई फिल्में रिलीज भी हुई तो उसमें भी ग्राहक नहीं पहुंचेंगे। कर प्रत्येक टिकट की बिक्री पर मिलता है इसलिए मई से जून तक फिर राजस्व मिलने की आशंका है।
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जिले के मनोरंजन क र विभाग के पास राजस्व के लिए सिनेमा उद्योग सबसे बड़ा साधन है। जिले में इस समय कई सिनेमा बंद हैं। शहर में आनंद और बसंत टाकीज, पलिया में कमल टाकीज तथा खीरी में सिद्धांत पैलेस ही संचालित हो रहे है। जिले से मनोरंजन कर विभाग को प्रत्येक माह सिनेमा उद्योग से लगभग 2,25,000 से 2,50,000 तक राजस्व की प्राप्ति होती है। इसके अलावा केबल व्यवसाय से भी मनोरंजन कर विभाग को प्रति माह लगभग दो लाख रुपये की आय होती है। सीडी की दुकानों के लाइसेंस रिन्यूवल से वर्ष में एक बार आय होती है। यह आय भी लगभग वर्ष में तीन से चार लाख तक होती है। इन सबमें सबसे अधिक राजस्व देने वाला सिनेमा उद्योग ही है लेकिन विश्वकप के चलते सिनेमा उद्योग से आय न के बराबर हो रही है।
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दिसंबर माह में मनोरंजन कर विभाग को 2,25,000 हजार की आय हुई जबकि जनवरी में 2,20,000 हुई। जैसे ही क्रिकेट विश्वकप शुरू हुआ राजस्व घटने लगा जो फरवरी में घटकर 78 हजार तक पहुंच गया और मार्च में 26 मार्च तक केवल 25 हजार राजस्व प्राप्त हुआ। मार्च के महीने में राजस्व वसूली में आई इतनी बड़ी कमी से मनोरंजन कर विभाग के अधिकारी चिंतित हैं।
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नई फिल्में रिलीज न होना भी बड़ा कारण
मनोरंजन कर अधिकारी सुरेंद्र्र सिंह बताते हैं कि फिल्म निर्माता जानते हैं कि इस समय लोगों पर क्रिकेट का जुनून है। ऐसे में दर्शक सिनेमाघरों में न आने से उनकी फिल्म फ्लाप होने का खतरा रहता है। इसलिए तमाम फिल्म निर्माता अपनी फिल्में रिलीज नहीं कर रहे हैं। इससे जो दर्शक सिनेमा में जाते थे वे भी नहीं जा रहे हैं। सिनेमाघरों में दर्शक न पहुंचने से इस वर्ष राजस्व में कमी आई है।
आईपीएल भी घटाएगा राजस्व
मनोरंजन कर अधिकारी सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि अप्रैल लगभग विश्वकप में निकल जाएगा। इसके बाद मई से आईपीएल शुरू होने जा रहा है। आईपीएल के दौरान अगर नई फिल्में रिलीज भी हुई तो उसमें भी ग्राहक नहीं पहुंचेंगे। कर प्रत्येक टिकट की बिक्री पर मिलता है इसलिए मई से जून तक फिर राजस्व मिलने की आशंका है।