{"_id":"608c55768ebc3ebcc37e1984","slug":"health-lakhimpur-news-bly445417479","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटे की जान बचाने के लिए अस्पताल में भटक रहा पिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटे की जान बचाने के लिए अस्पताल में भटक रहा पिता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में एक 12 साल का बच्चा भर्ती है। जो थैलेसीमिया रोग से पीड़ित है और उसे एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत है। मगर, ब्लड बैंक में रक्त का अभाव है। ऐसे में पीड़ित पिता पिछले तीन दिन से एबी पॉजिटिव ब्लड के लिए जिला अस्पताल में भटक रहा है।
सदर तहसील के गांव अशोगापुर निवासी मुरली ने बताया कि उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। 12 साल का बेटा उमेश थैलेसीमिया रोग से पीड़ित है, जिसे लगभर हर माह रक्त चढ़वाना होता है। इसके लिए बुधवार को चिल्ड्रन वार्ड में बेटे को भर्ती करवाया था। मगर, ब्लड बैंक में इस ग्रुप का रक्त न होने के कारण अभी तक बेटा भर्ती है। मुरली ने बताया कि ब्लड बैंक के लोगों ने व्यवस्था करने के लिए कहा है। देखो कब तक हो पाती है।
.......
ब्लड बैंक में रक्त न के बराबर है। बच्चे का ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव है। जो बिल्कुल नहीं है। बच्चे के लिए एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वालों को फोन कराया जा रहा है। ब्लड का इंतजाम होते ही बच्चे को दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
-डॉ. केपी सिंह, प्रभारी ब्लड बैंक जिला अस्पताल
विज्ञापन
सदर तहसील के गांव अशोगापुर निवासी मुरली ने बताया कि उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। 12 साल का बेटा उमेश थैलेसीमिया रोग से पीड़ित है, जिसे लगभर हर माह रक्त चढ़वाना होता है। इसके लिए बुधवार को चिल्ड्रन वार्ड में बेटे को भर्ती करवाया था। मगर, ब्लड बैंक में इस ग्रुप का रक्त न होने के कारण अभी तक बेटा भर्ती है। मुरली ने बताया कि ब्लड बैंक के लोगों ने व्यवस्था करने के लिए कहा है। देखो कब तक हो पाती है।
विज्ञापन
.......
ब्लड बैंक में रक्त न के बराबर है। बच्चे का ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव है। जो बिल्कुल नहीं है। बच्चे के लिए एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वालों को फोन कराया जा रहा है। ब्लड का इंतजाम होते ही बच्चे को दे दिया जाएगा।
विज्ञापन
-डॉ. केपी सिंह, प्रभारी ब्लड बैंक जिला अस्पताल