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एईएस, जेई के बाद अब स्क्रब टायफस की दस्तक
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लखीमपुर खीरी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एईएस (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम), जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) के साथ स्क्रब टायफस ने भी जिले में दस्तक दे दी है। धौरहरा तहसील निवासी एक सात साल के बच्चे में इसकी पुष्टि हुई है। स्क्रब टायफस फैलने का मुख्य कारण चूहों को बताया जाता है। बताते हैं इनके शरीर पर रहने वाले पिस्सू के काटने से यह बीमारी होती है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में इसके मरीज अधिक मिलते है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।
धौरहरा तहसील के गांव हौकना मटेरा निवासी रामकिशोर ने बुखार आने पर सात साल के पुत्र पंकज को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाया। गंभीर हालत होने के कारण पंकज को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। मगर, सुधार न होने पर बाल रोग विशेषज्ञ ने उसे आईसीयू में शिफ्ट कर पैथोलॉजी जांच कराई। रिपोर्ट आने पर स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई। उन्होंने सचेत किया कि बारिश में घास या झाड़ियों के नजदीक जाने से बचें। गांव में पशुचारा आदि के लिए जाने पर शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहने और नंगे पैर बिल्कुल न रहें, जिससे पिस्सु के काटने से बचाव हो सके।
स्क्रब टायफस के कारण
स्क्रब टायफस पिस्सू के काटने से होता है। पिस्सू घास, झाड़ियों और चूहे के रहने वाले स्थानों में पाया जाता है। घास, झाड़ियों एवं जंगल आदि में जाते समय शरीर को ढकने वाले कपड़े न पहनने से इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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लक्षण
बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, मांसपेशियों में जकड़न के साथ जिस जगह पर पिस्सू काटता है उस स्थान पर त्वचा काली होने के साथ घाव तक बन जाता है।
इस तरह करें बचाव
तन ढकने वाले कपड़े पहनें, कपड़ों और खुद को घास, झाड़ियों से दूर रखें, घास एवं जमीन पर लेटने से बचें, घर में चूहे न पनपने दें और नंगे पैर न रहें।
अब तक आईसीयू में भर्ती हुए बच्चे
भर्ती बच्चों की संख्या-11
एईएस- आठ
जेई- दो
स्क्रब टायफस- एक
चिल्ड्रन वार्ड में बुखार पीड़ित छह बच्चे भर्ती
सोमवार को बुखार आने पर फूलबेहड़ के पूजागांव निवासी धर्मेश कुमार ने चार वर्षीय पुत्री मीनाक्षी, फरधान के गूमचीनी निवासी इस्लाम अली ने पांच वर्षीय पुत्री नजमा, निघासन के मन्नापुरवा निवासी इंद्रपाल ने ढाई साल की पुत्री आर्या, नीमगांव निवासी श्रीचंद्र ने नौ साल के पुत्र अनुराग, गुरुनानक पुरवा निवासी मनिंदर सिंह ने तीन साल के पुत्र फतेह सिंह और मिश्रागांव निवासी भगौती ने पांच साल के पुत्र मोहित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
आईसीयू में अब तक 11 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिसमें एईएस के आठ, जेई के दो और सक्रब टायफस संक्रमित एक बच्चा है। एईएस पीड़ित दो बच्चे वार्ड में भर्ती हैं। जबकि अन्य की हालत में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है।
डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस
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धौरहरा तहसील के गांव हौकना मटेरा निवासी रामकिशोर ने बुखार आने पर सात साल के पुत्र पंकज को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाया। गंभीर हालत होने के कारण पंकज को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। मगर, सुधार न होने पर बाल रोग विशेषज्ञ ने उसे आईसीयू में शिफ्ट कर पैथोलॉजी जांच कराई। रिपोर्ट आने पर स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई। उन्होंने सचेत किया कि बारिश में घास या झाड़ियों के नजदीक जाने से बचें। गांव में पशुचारा आदि के लिए जाने पर शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहने और नंगे पैर बिल्कुल न रहें, जिससे पिस्सु के काटने से बचाव हो सके।
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स्क्रब टायफस के कारण
स्क्रब टायफस पिस्सू के काटने से होता है। पिस्सू घास, झाड़ियों और चूहे के रहने वाले स्थानों में पाया जाता है। घास, झाड़ियों एवं जंगल आदि में जाते समय शरीर को ढकने वाले कपड़े न पहनने से इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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लक्षण
बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, मांसपेशियों में जकड़न के साथ जिस जगह पर पिस्सू काटता है उस स्थान पर त्वचा काली होने के साथ घाव तक बन जाता है।
इस तरह करें बचाव
तन ढकने वाले कपड़े पहनें, कपड़ों और खुद को घास, झाड़ियों से दूर रखें, घास एवं जमीन पर लेटने से बचें, घर में चूहे न पनपने दें और नंगे पैर न रहें।
अब तक आईसीयू में भर्ती हुए बच्चे
भर्ती बच्चों की संख्या-11
एईएस- आठ
जेई- दो
स्क्रब टायफस- एक
चिल्ड्रन वार्ड में बुखार पीड़ित छह बच्चे भर्ती
सोमवार को बुखार आने पर फूलबेहड़ के पूजागांव निवासी धर्मेश कुमार ने चार वर्षीय पुत्री मीनाक्षी, फरधान के गूमचीनी निवासी इस्लाम अली ने पांच वर्षीय पुत्री नजमा, निघासन के मन्नापुरवा निवासी इंद्रपाल ने ढाई साल की पुत्री आर्या, नीमगांव निवासी श्रीचंद्र ने नौ साल के पुत्र अनुराग, गुरुनानक पुरवा निवासी मनिंदर सिंह ने तीन साल के पुत्र फतेह सिंह और मिश्रागांव निवासी भगौती ने पांच साल के पुत्र मोहित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
आईसीयू में अब तक 11 बच्चे भर्ती हुए हैं, जिसमें एईएस के आठ, जेई के दो और सक्रब टायफस संक्रमित एक बच्चा है। एईएस पीड़ित दो बच्चे वार्ड में भर्ती हैं। जबकि अन्य की हालत में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है।
डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस