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कोरोना वायरस: एसएसबी ने बिना मॉस्क भारत एंट्री पर लगाई रोक
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चंदनचौकी बॉर्डर से बिना मॉस्क पहने निकलते नेपाली लोग। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां-धनगढ़ी (लखीमपुर खीरी)। देश में कोरोना वायरस पीड़ित तीन मरीज मिलने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है, एसएसबी ने बिना मॉस्क भारत इंट्री पर रोक लगा दी है। इसके लिए गौरीफंटा और गड्ढा चौकी में कैंप लगाया गया है।
लखनऊ से आए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक ने मंगलवार को गौरीफंटा बार्डर का जायजा लेने के बाद कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कंचनपुर जिले के महेंद्रनगर के पास गड्ढ़ा चौकी पर तैनात एसएसबी ने नेपाल से भारत की ओर जाने वाले लोगों को बगैर मॉस्क जाने से रोक दिया। जिसके चलते आसपास क्षेत्र में मॉस्क की बिक्री बढ़ गई है।
अब भी बिना मास्क बार्डर क्रास कर रहे लोग
कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश अफरा-तफरी है, नेपाल बार्डर पर भी अलर्ट है, एसएसबी ने नेपाल से आने वाले लोगों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके इस आदेश का असर फिलहाल दिखाई नहीं पड़ रहा। काफी संख्या में लोग बिना मास्क ही बार्डर क्रास कर रहे हैं। इसके अलावा चंदनचौकी इलाके में अब तक सेंटर तक नहीं बनाया गया है तो खजुरिया में जांच के लिए बनाए गए सेंटर से टीम ही नदारद है।
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चंदनचौकी। इलाके में कोरोना वायरस के लिए कोई भी सेंटर नहीं बनाया गया है और न ही किसी भी कर्मचारी की तैनाती बार्डर पर की गई है। बार्डर से आने-जाने वाले बेरोकटोक भारत आ रहे हैं और यहां से नेपाल जा रहे हैं। टीम की तैनाती न होने से इनसे कोई पूछताछ करने वाला या रोकने वाला नहीं है।
यहां नहीं दिख रहा अलर्ट, टीम नदारद
संपूर्णानगर। मंगलवार को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य के निरीक्षण के दौरान भारत-नेपाल सीमा के पास लगे बैरियर के नजदीक एक चिकित्सक सीमा क्षेत्र से आने वाले नेपालियों व भारतीयों को कोरोना वायरस की जानकारी दे रहे थीं लेकिन बुधवार को यहां सब नदारद रहे। न ही कोई टीम और न ही कोई कैंप लगा मिला। बसही, संपूर्णानगर, खजुरिया में भी बगैर मॉस्क लगाए नेपाली युवक व युवती बाजार में घूमते मिले। कोरोना वायरस को लेकर अभी पूरे तरीके से सीमा के बाजारों में किसी तरह का कोई अलर्ट नहीं दिखाई दिया।
बॉर्डर से आने वाले हर नागरिक की हो रही जांच
तिकुनियां। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें नेपाल बार्डर पर तैनात हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलरायां के फार्मासिस्ट चंद्रशेखर मिश्रा, वार्ड ब्वाय श्रीराम ने एसएसबी पोस्ट खाखरा ओला में कैंप लगा रखा है। कैंप में नेपाल से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। बुधवार को कैंप में 250 लोगों का परीक्षण कर बचाव की जानकारी दी गई। पीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि इलाके में कोई भी संदिग्ध नहीं है। फिर भी लोगो को जागरूक किया जा रहा है। उधर सीएचसी निघासन अधीक्षक डॉ. लालजी पासी के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने सूरतनगर, इंद्रनगर, गंगानगर, रननगर आदि गांवों में चौपाल लगाकर कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी दी।
नेपालियों को फार्मासिस्ट बता रहे कोरोना से बचने का उपाय
गौरीफंटा। स्वास्थ्य विभाग ने 28 जनवरी से गौरीफंटा सीमा पर स्वास्थ्य डेस्क खोली है जो कि नेपाल से आने-जाने वाले नागरिकों से पूछताछ कर रही है। यहां फार्मासिस्ट अवधेश गुप्ता की ड्यूटी है। एंबुलेंस कभी-कभार ही नजर आती है। बगैर उपकरण के सहारे भारी संख्या में आने वाले नेपालियों को यहां किस प्रकार से जानकारी दी जाती होगी या पूछताछ होती होगी इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
कोरोना वायरस को लेकर नेपाल से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच के लिए चेक पोस्ट पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। यदि किसी शिविर से टीम गायब है तो इसकी जानकारी लेकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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लखनऊ से आए स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक ने मंगलवार को गौरीफंटा बार्डर का जायजा लेने के बाद कमियों को दूर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कंचनपुर जिले के महेंद्रनगर के पास गड्ढ़ा चौकी पर तैनात एसएसबी ने नेपाल से भारत की ओर जाने वाले लोगों को बगैर मॉस्क जाने से रोक दिया। जिसके चलते आसपास क्षेत्र में मॉस्क की बिक्री बढ़ गई है।
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अब भी बिना मास्क बार्डर क्रास कर रहे लोग
कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश अफरा-तफरी है, नेपाल बार्डर पर भी अलर्ट है, एसएसबी ने नेपाल से आने वाले लोगों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके इस आदेश का असर फिलहाल दिखाई नहीं पड़ रहा। काफी संख्या में लोग बिना मास्क ही बार्डर क्रास कर रहे हैं। इसके अलावा चंदनचौकी इलाके में अब तक सेंटर तक नहीं बनाया गया है तो खजुरिया में जांच के लिए बनाए गए सेंटर से टीम ही नदारद है।
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चंदनचौकी। इलाके में कोरोना वायरस के लिए कोई भी सेंटर नहीं बनाया गया है और न ही किसी भी कर्मचारी की तैनाती बार्डर पर की गई है। बार्डर से आने-जाने वाले बेरोकटोक भारत आ रहे हैं और यहां से नेपाल जा रहे हैं। टीम की तैनाती न होने से इनसे कोई पूछताछ करने वाला या रोकने वाला नहीं है।
यहां नहीं दिख रहा अलर्ट, टीम नदारद
संपूर्णानगर। मंगलवार को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य के निरीक्षण के दौरान भारत-नेपाल सीमा के पास लगे बैरियर के नजदीक एक चिकित्सक सीमा क्षेत्र से आने वाले नेपालियों व भारतीयों को कोरोना वायरस की जानकारी दे रहे थीं लेकिन बुधवार को यहां सब नदारद रहे। न ही कोई टीम और न ही कोई कैंप लगा मिला। बसही, संपूर्णानगर, खजुरिया में भी बगैर मॉस्क लगाए नेपाली युवक व युवती बाजार में घूमते मिले। कोरोना वायरस को लेकर अभी पूरे तरीके से सीमा के बाजारों में किसी तरह का कोई अलर्ट नहीं दिखाई दिया।
बॉर्डर से आने वाले हर नागरिक की हो रही जांच
तिकुनियां। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें नेपाल बार्डर पर तैनात हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलरायां के फार्मासिस्ट चंद्रशेखर मिश्रा, वार्ड ब्वाय श्रीराम ने एसएसबी पोस्ट खाखरा ओला में कैंप लगा रखा है। कैंप में नेपाल से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है। बुधवार को कैंप में 250 लोगों का परीक्षण कर बचाव की जानकारी दी गई। पीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि इलाके में कोई भी संदिग्ध नहीं है। फिर भी लोगो को जागरूक किया जा रहा है। उधर सीएचसी निघासन अधीक्षक डॉ. लालजी पासी के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने सूरतनगर, इंद्रनगर, गंगानगर, रननगर आदि गांवों में चौपाल लगाकर कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी दी।
नेपालियों को फार्मासिस्ट बता रहे कोरोना से बचने का उपाय
गौरीफंटा। स्वास्थ्य विभाग ने 28 जनवरी से गौरीफंटा सीमा पर स्वास्थ्य डेस्क खोली है जो कि नेपाल से आने-जाने वाले नागरिकों से पूछताछ कर रही है। यहां फार्मासिस्ट अवधेश गुप्ता की ड्यूटी है। एंबुलेंस कभी-कभार ही नजर आती है। बगैर उपकरण के सहारे भारी संख्या में आने वाले नेपालियों को यहां किस प्रकार से जानकारी दी जाती होगी या पूछताछ होती होगी इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
कोरोना वायरस को लेकर नेपाल से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच के लिए चेक पोस्ट पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। यदि किसी शिविर से टीम गायब है तो इसकी जानकारी लेकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ