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प्रदूषित पानी और खानपान से बच्चे हो रहे बीमार
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लखीमुपर खीरी। एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम की चपेट में आकर जिले में बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। सैकड़ों बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती कराए जा चुके हैं। अभी भी इनकी संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। इसके चलते करीब 13 मासूमों की जान भी जा चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रही।
जिला अस्पताल पहुंचने वाले बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित बच्चों की संख्या कम नहीं हो रही। लगातार इन गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चे अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। प्रदूषित पानी और खानपान से बच्चे एईएस (एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम) और डायरिया की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। पिछले एक माह में ही बुखार पीड़ित 28 और डायरिया पीड़ित 19 बच्चे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हुए थे। गंभीर हालत और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं के चलते इसमें से बुखार और डायरिया पीड़ित करीब 13 बच्चों की मौत भी हो गई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा का कहना है कि बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों के खान पान पर विशेष ध्यान दें। बाजार की चीजें न खिलाकर ताजा बना भोजन कराएं और साफ पानी पिलाएं।
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जिला अस्पताल पहुंचने वाले बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित बच्चों की संख्या कम नहीं हो रही। लगातार इन गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चे अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। प्रदूषित पानी और खानपान से बच्चे एईएस (एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम) और डायरिया की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। पिछले एक माह में ही बुखार पीड़ित 28 और डायरिया पीड़ित 19 बच्चे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हुए थे। गंभीर हालत और स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं के चलते इसमें से बुखार और डायरिया पीड़ित करीब 13 बच्चों की मौत भी हो गई। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा का कहना है कि बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों के खान पान पर विशेष ध्यान दें। बाजार की चीजें न खिलाकर ताजा बना भोजन कराएं और साफ पानी पिलाएं।
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