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एंबुलेंस स्टाफ के हड़ताल ने मरीज रहे बेहाल

Tue, 24 Sep 2019 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2019 01:55 AM IST
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Health
लखीमपुर खीरी। 108 एवं 102 नंबर वाली एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके के मनमाने रवैये से परेशान 94 एंबुलेंस चालक और ईएमटी ने सोमवार देर रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस के पहिए थम गए। इससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। बहुत से मरीज रास्ते में फंस गए। किसी तरह एक से डेढ़ हजार रुपये तक किराए का इंतजाम करके कुछ मरीज अस्पताल परिसर में खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए, मगर देर से पहुंचने के कारण इलाज नहीं मिला। एंबुलेंस स्टाफ ने महिला अस्पताल परिसर में धरना देकर जीवीके कंपनी के विरोध में नारेबाजी कर अपनी मांग संबंधी ज्ञापन डीएम के नाम सीएमओ को सौंपा।
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जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108 एवं 102 के बैनर तले एंबुलेंस स्टाफ सोमवार को महिला अस्पताल में एकत्र हो गया। जिलाध्यक्ष जयंकर मिश्रा ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत कंपनी 60 रुपये प्रति केस पर स्टाफ रखना चाहती है, यह गलत है। 2014 से स्टाफ की वेतन वृद्घि नहीं हुई। एंबुलेंस चालकों से आठ घंटे के बजाय 10 से 12 घंटे काम लिया जाता है। कहा कि स्टाफ को हरियाणा, दिल्ली की तरह एनएचएम के अधीन कर सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। एंबुलेंस चालकों ने कंपनी स्टाफ का शोषण करने का आरोप लगाया।
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