दूल्हे के इंतजार में कटी रात: दुल्हन समेत पूरे परिवार ने वर पक्ष की ताकी राह, लड़की बोली- अभी बरात आएगी, पढ़े पूरा मामला
लखीमपुर खीरी में मैगलगंज थाना क्षेत्र में वधू पक्ष ने वर पक्ष की ओर से दहेज के लालच में बरात लाने से इनकार करने पर रात पर उनकी राह देखी। मामले की जानकारी पर पुलिस की सख्ती पर दूसरे दिन विवाह संपन्न हुआ।
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पीड़ित शिवानी पुत्री अनिल कुमार पाल की बरात पंकज पुत्र रामासरे गांव बसबिरवा थाना मोहम्मदी से आनी थी, लेकिन दहेज के कारण वर पक्ष बरात लेकर नहीं पहुंचा। जिससे दुल्हन बिन ब्याही रह गई और लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया। बताया गया है कि परिवार वालों ने पूरी रात बरात के इंतजार में काटी। इसके बाद सुबह होने पर रिश्तेदारों ने एक एककर कई लोगों ने फोन किया, लेकिन दहेज के लालची वर पक्ष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और लड़के के पिता ने साढ़े तीन लाख रुपये एडवांस न मिलने पर बरात लाने से इनकार कर दिया। तमाम मिन्नतों के बावजूद भी दहेज के लालची दुल्हन के सगे फूफा और बुआ का दिल नहीं पसीजा और बरात लाने से साफ इनकार कर दिया।
उधर, दुल्हन शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पूरे गांव में बरात न आने को लेकर सन्नाटा था। चारों तरफ दहेज के लालची कि लोग आलोचना कर रहे थे। सभी मेहमान 24 घंटे इंतजार करने के बाद बिना खाना खाए ही बैरंग अपने अपने घरों को लौट गए। वहीं दुल्हन के पिता ने दुल्हन की तरफ से मैगलगंज थाने में दहेज लोभी के खिलाफ तहरीर दी, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने जब सख्ती बरती तो पुलिस ने दोनों पक्ष को बुलाया और समझाया बुझाया, जिस पर दोनों पक्ष राजी हो गए और शादी के तय दिन के एक दिन बाद शुक्रवार को शिवानी और पंकज का विवाह सम्पन्न हुआ। थाना प्रभारी मैगलगंज अनिल कुमार ने बताया कि लड़की की तरफ से तहरीर मिली है। दोनों पक्षों को बुला लिया गया है। दोनों पक्ष के राजी होने पर विवाह संपन्न कराया गया।
शिवानी बोली- अभी बरात आएगी.. वह लोग आ ही रहे होंगे
लाल जोड़े में सजी संवरी दुल्हन शिवानी ने बिलखते हुए हर किसी को बताती रही कि भैया मेरी बरात अभी आएगी। वह लोग आ ही रहे होंगे। शुक्रवार को भी शिवानी बरात के इंतजार में सजी-धजी बैठी रहे। शिवानी को आस थी कि उसका होने वाला पति पंकज बरात लेकर आएगा और उसे ब्याह कर ले जाएगा। एक तरफ शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल था। लेकिन, मामले के तूल पकड़ने के बाद देर शाम वर पक्ष लड़के को लेकर शिवानी के द्वार पहुंचा और विवाह सम्पन्न करवाया।
पैसो के आगे खून के रिश्ते भी हुए तार-तार
शिवानी की बरात उसकी सगी बुआ के यहां से आनी थी। लेकिन शादी वाले दिन दुल्हन की सगी बुआ भी काम नहीं आई। शिवानी की शादी रिश्ते में सगी बुआ के लड़के के साथ तय हुई थी, जिसमें दो माह पूर्व लड़की के पिता ने अपनी हैसियत के हिसाब से पचास हजार नगद और पचास हजार के कपड़े और फल जेवर सहित सगाई में दिये थे। 22 अप्रैल को बरात लेकर आना था। लेकिन अतिरिक्त दहेज बाधा बन गया। जिस की मांग पर लड़की पक्ष के लोगों ने असमर्थता जाहिर की तो लड़के पक्ष के लोग बरात लाने से मना कर दिया।