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दिवाली के अगले दिन नहीं 26 अक्तूबर को होगी गोवर्धन पूजा
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25 अक्तूबर को है सूर्य ग्रहण, 12 घंटे पहले ही लग जाएगी सूतक
लखीमपुर खीरी। आमतौर पर दिवाली के दूसरे दिन ही गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा की जाती है, लेकिन इस साल 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण गोवर्धन पूजा 26 अक्तूबर को होगी।
गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषी पंडित रामदेव शास्त्री बताते हैं कि 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार 12 घंटे पहले सूर्य ग्रहण का सूतक लग जाता है। 25 अक्तूबर को सुबह 4 बजकर 42 मिनट के बाद सूतक लग जाएगा। इस बीच में अन्न और जल नहीं ग्रहण करना चाहिए, लेकिन वृद्ध रोगी, बच्चो, गर्भवती महिलाओं पर ये नियम लागू नहीं होता है। भारतीय मानक के अनुसार शाम 4 बजकर 42 मिनट से 5 बजकर 22 मिनट तक ग्रहण काल रहेगा। यह समय स्थान के आधार पर कम और ज्यादा भी हो सकता है। ग्रहण काल की अवधि 40 मिनट है।
पं. रामदेव शास्त्री बताते हैं कि यह सूर्य ग्रहण भारत में सूर्य अस्त होने के समय पड़ रहा है। अत: इस ग्रहण को खुली आंखों से भी देखा जा सकता है। इस कारण अगले दिन यानी 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मनाया जाएगा। अन्नकूट पूजा और गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित है।
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अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर श्रीकृष्ण ने बचाई थी ब्रजवासियों की जान
उन्होंने बताया कि इंद्रदेव का घमंड तोड़ने के लिए भगावन श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था। इसी कारण हर साल इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें चने की दाल और चावल का भोग लगाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण के द्वारा ही सर्वप्रथम गोवर्धन पूजा आरंभ करवाई गई थी। श्रीकृष्ण ने ही गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर इंद्रदेव के क्रोध से ब्रज वासियों और पशु-पक्षियों की रक्षा की थी। इस दिन अन्नकूट का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो रही है। ये तिथि 26 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
26 अक्तूबर 2022, बुधवार
शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 29 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 43 मिनट तक।
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लखीमपुर खीरी। आमतौर पर दिवाली के दूसरे दिन ही गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा की जाती है, लेकिन इस साल 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण गोवर्धन पूजा 26 अक्तूबर को होगी।
गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषी पंडित रामदेव शास्त्री बताते हैं कि 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार 12 घंटे पहले सूर्य ग्रहण का सूतक लग जाता है। 25 अक्तूबर को सुबह 4 बजकर 42 मिनट के बाद सूतक लग जाएगा। इस बीच में अन्न और जल नहीं ग्रहण करना चाहिए, लेकिन वृद्ध रोगी, बच्चो, गर्भवती महिलाओं पर ये नियम लागू नहीं होता है। भारतीय मानक के अनुसार शाम 4 बजकर 42 मिनट से 5 बजकर 22 मिनट तक ग्रहण काल रहेगा। यह समय स्थान के आधार पर कम और ज्यादा भी हो सकता है। ग्रहण काल की अवधि 40 मिनट है।
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पं. रामदेव शास्त्री बताते हैं कि यह सूर्य ग्रहण भारत में सूर्य अस्त होने के समय पड़ रहा है। अत: इस ग्रहण को खुली आंखों से भी देखा जा सकता है। इस कारण अगले दिन यानी 26 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मनाया जाएगा। अन्नकूट पूजा और गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित है।
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अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर श्रीकृष्ण ने बचाई थी ब्रजवासियों की जान
उन्होंने बताया कि इंद्रदेव का घमंड तोड़ने के लिए भगावन श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था। इसी कारण हर साल इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें चने की दाल और चावल का भोग लगाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण के द्वारा ही सर्वप्रथम गोवर्धन पूजा आरंभ करवाई गई थी। श्रीकृष्ण ने ही गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर इंद्रदेव के क्रोध से ब्रज वासियों और पशु-पक्षियों की रक्षा की थी। इस दिन अन्नकूट का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो रही है। ये तिथि 26 अक्तूबर को दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
26 अक्तूबर 2022, बुधवार
शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 29 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 43 मिनट तक।