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एस डी एम को गोल्डन कार्ड गठ्ठर में बंधे मिले, पी एम के ड्रीम प्रोजेक्ट की दशा देख हतप्रभहुई एसडीएम
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जंगबहादुरगंज। पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना पर भी कर्मचारी पानी फेरने पर लगे हैं। मुफ्त में इलाज के लिए बनाए गए करीब डेढ़ हजार आयुष्मान गोल्डन कार्ड पसगवां सीएचसी में एक साल से यूं ही गट्ठर में बंध रखे थे। किसी ने इसकी शिकायत डीएम से की तो उन्होंने एसडीएम को भेजा। छापे में एसडीएम को यह गट्ठर मिल गया। इसके बाद मामला सीएमओ तक पहुंचा तो उन्होंने सीएचसी अधीक्षक का जवाब तलब किया है।
एसडीएम स्वाति शुक्ला ने बताया कि किसी व्यक्ति ने आयुष्मान योजना के कार्ड पात्रों को नहीं मिलने की शिकायत की थी। यह भी बताया था कि पसगवां सीएचसी पर कुछ कार्ड अक्तूबर 2018 से बने रखे हैं, जिनका पात्रों को वितरित नहीं किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने उन्हें जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इस पर एसडीएम ने गुरुवार को पसगवां सीएचसी पर छापा मारा तो बीसीपीएम कक्ष में एक गट्ठर में बंधे रखे मिल गए। कार्डों की संख्या डेढ़ हजार से अधिक बताई जा रही है।
एसडीएम ने बताया कि इस संबंध में डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। हालांकि सीएमओ को भी उन्होंने मामले की जानकारी दे दी है। साथ ही सफाई व्यवस्था खराब होने के बारे में सीएमओ को बताया। इसके बाद सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से जवाब तलब किया है। एसडीएम ने बताया कि बीसीपीएम से रोहित पाल से आयुष्मान कार्डों का रिकॉर्ड मांगा जिसे वह नहीं दिखा सके। सीएचसी अधीक्षक डॉ. गौरव खन्ना ने बताया कि 24 हजार से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनने हैं, लेकिन अभी तक 24 सौ गोल्डन कार्ड ही बन पाए हैं। जल्द ही पात्रों के कार्ड बनवाए जाएंगे।
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एसडीएम स्वाति शुक्ला ने बताया कि किसी व्यक्ति ने आयुष्मान योजना के कार्ड पात्रों को नहीं मिलने की शिकायत की थी। यह भी बताया था कि पसगवां सीएचसी पर कुछ कार्ड अक्तूबर 2018 से बने रखे हैं, जिनका पात्रों को वितरित नहीं किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने उन्हें जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इस पर एसडीएम ने गुरुवार को पसगवां सीएचसी पर छापा मारा तो बीसीपीएम कक्ष में एक गट्ठर में बंधे रखे मिल गए। कार्डों की संख्या डेढ़ हजार से अधिक बताई जा रही है।
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एसडीएम ने बताया कि इस संबंध में डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। हालांकि सीएमओ को भी उन्होंने मामले की जानकारी दे दी है। साथ ही सफाई व्यवस्था खराब होने के बारे में सीएमओ को बताया। इसके बाद सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से जवाब तलब किया है। एसडीएम ने बताया कि बीसीपीएम से रोहित पाल से आयुष्मान कार्डों का रिकॉर्ड मांगा जिसे वह नहीं दिखा सके। सीएचसी अधीक्षक डॉ. गौरव खन्ना ने बताया कि 24 हजार से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनने हैं, लेकिन अभी तक 24 सौ गोल्डन कार्ड ही बन पाए हैं। जल्द ही पात्रों के कार्ड बनवाए जाएंगे।
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