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भगवान भरोसे होते हैं जिला अस्पताल में ऑपरेशन
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 21 Apr 2015 08:50 PM IST
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जिला अस्पताल में स्टाफ का अभाव है तो आपरेशन थियेटर में उपकरणों की भी कमी है। जिस कारण कई मामलों में डॉक्टरों को मरीज को रेफर कर देना पड़ता है।
जिला अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन नहीं है। ओटी टेक्नीशियन की जगह बाहरी लड़कों से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। जिला अस्पताल में दो सर्जन, एक हड्डी रोग सर्जन तथा एक ईएनटी सर्जन हैं। यहां प्रतिदिन लगभग 12 से 15 ऑपरेशन होते हैं। यह सभी आपरेशन बाहरी लड़कों की मदद से किए जाते हैं। आपरेशन थियेटर की हालत यह है कि बाहर का दरवाजा टूटा हुआ है तो दरवाजे के अंदर की प्लाई गायब है, इसकी जगह एक पुराना कपड़ा बांधा गया है। दरवाजे का फ्रेम खोलने पर आवाज करता है। वर्षों पहले पुताई हुई थी, इसका पेंट छूटने लगा है, यही नहीं प्लास्टर भी छूट कर गिरता है।
कान के आपरेशन के लिए नहीं है माइक्रोस्कोप
जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन तो है लेकिन नाक, कान और गले जैसे आपरेशनों के लिए आवश्यक माइक्रोस्कोप नहीं है। इससे लिए तमाम छोटे आपरेशन करने में दिक्कत आती है। जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन होने के बावजूद तमाम आपरेशन नहीं हो पाते।
उपकरण भी नहीं हैं पूरे
ओटी में तमाम आवश्यक उपकरण आधे अधूरे हैं, जिससे सर्जन किसी तरह अपना काम चलाते हैं। जैसे कौंसिल का सेट होना चाहिए, लेकिन कौंसिल के तमाम उपकरण हैं ही नहीं, जो हैं तो खराब हैं। ‘हेड लाइट’ भी नहीं है जिससे आपरेशन करने वाले डाक्टरों को दिक्कत होती है।
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जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय और स्टाफ नर्स हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण दिक्कत आ रही हैं। प्रशिक्षित स्टाफ का भी अभाव है अस्पताल में निर्माण कार्य चल रहा है, इसी के साथ ऑपरेशन थियेटर का भी निर्माण कराया जाएगा।
-वीके साहू, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन नहीं है। ओटी टेक्नीशियन की जगह बाहरी लड़कों से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। जिला अस्पताल में दो सर्जन, एक हड्डी रोग सर्जन तथा एक ईएनटी सर्जन हैं। यहां प्रतिदिन लगभग 12 से 15 ऑपरेशन होते हैं। यह सभी आपरेशन बाहरी लड़कों की मदद से किए जाते हैं। आपरेशन थियेटर की हालत यह है कि बाहर का दरवाजा टूटा हुआ है तो दरवाजे के अंदर की प्लाई गायब है, इसकी जगह एक पुराना कपड़ा बांधा गया है। दरवाजे का फ्रेम खोलने पर आवाज करता है। वर्षों पहले पुताई हुई थी, इसका पेंट छूटने लगा है, यही नहीं प्लास्टर भी छूट कर गिरता है।
कान के आपरेशन के लिए नहीं है माइक्रोस्कोप
जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन तो है लेकिन नाक, कान और गले जैसे आपरेशनों के लिए आवश्यक माइक्रोस्कोप नहीं है। इससे लिए तमाम छोटे आपरेशन करने में दिक्कत आती है। जिला अस्पताल में ईएनटी सर्जन होने के बावजूद तमाम आपरेशन नहीं हो पाते।
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उपकरण भी नहीं हैं पूरे
ओटी में तमाम आवश्यक उपकरण आधे अधूरे हैं, जिससे सर्जन किसी तरह अपना काम चलाते हैं। जैसे कौंसिल का सेट होना चाहिए, लेकिन कौंसिल के तमाम उपकरण हैं ही नहीं, जो हैं तो खराब हैं। ‘हेड लाइट’ भी नहीं है जिससे आपरेशन करने वाले डाक्टरों को दिक्कत होती है।
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जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय और स्टाफ नर्स हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण दिक्कत आ रही हैं। प्रशिक्षित स्टाफ का भी अभाव है अस्पताल में निर्माण कार्य चल रहा है, इसी के साथ ऑपरेशन थियेटर का भी निर्माण कराया जाएगा।
-वीके साहू, सीएमएस, जिला अस्पताल