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सशक्त बनने के लिए छात्राएं सीख रहीं मार्शल आर्ट

Thu, 18 Nov 2021 12:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:04 AM IST
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Girls are learning martial arts to become strong
मार्शल आर्ट का अभ्यास करतीं छात्राएं।
प्रधानाचार्य दिला रहीं छात्राओं को प्रशिक्षण
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लखीमपुर खीरी। महिलाओं के प्रति अपराध निरंतर बढ़ रहे हैं। इससे वह घर के बाहर अपने को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। इसके लिए जरूरी है उन्हें सशक्त बनाने की, ताकि वह विषम परिस्थिति में अपनी सुरक्षा स्वयं कर सके। इसके लिए जीजीआईसी की प्रधानाचार्य ने छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाने की पहल करते हुए मार्शल आर्ट्स सिखाने के लिए एक शिक्षिका की नियुक्ति की है, जो प्रतिदिन छात्राओं को सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बना रही हैं।
प्रशिक्षक आबिदा फिरदौस बताती हैं कि महिला अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे किस्से रोज ही सुनने में मिल रहे हैं। इन परिस्थितियों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
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प्रधानाचार्य डॉ. शालिनी दुबे ने बताया कि संबल संस्था छात्राओं केे आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रही थीं, लेकिन कारोना के कारण इस पर ग्रहण लग गया। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक शिक्षिका की नियुक्त कराई है, जिससे छात्राएं को अपनी सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।
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संबल संस्था की अध्यक्ष तृप्ती अवस्थी बताती हैं कि बेटियों के साथ निरंतर घटनाएं सुनने में मिल रही हैं। इसलिए जरूरी है छात्राओं को मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण देना। इसका आगाज भी किया था, लेकिन कोरोना ने पर ग्रहण लगा दिया। घरवालों को भी बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाने के लिए जागरूक होना चाहिए।


छात्राएं बोलीं, मार्शल आर्ट्स सीखकर अपनी और दूसरों की भी कर सकेंगे सुरक्षा
छात्रा दिप्ती मिश्रा ने बताया कि मार्शल आर्ट्स सीखना अच्छा लगता है और हम छात्राओं के लिए जरूरी भी है। इसलिए नियमित सीख रही हूं। इससे हम अपनी और दूसरों की भी सुरक्षा कर सकेंगे।
छात्रा अनामिका मौर्य बताती हैं कि कराटे सीखने से आत्मबल मजबूत हुआ है। इससे हम अपनी रक्षा स्वयं करने के साथ दूसरों की भी मदद कर सकेंगे।
छात्रा सलोनी ने बताया कि पहले हम घर से बाहर निकलने पर असुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन जब से प्रशिक्षण लेना शुरू किया है तब से डर दूूर होने लगा है।
छात्रा काजल का कहना है कि असामाजिक तत्वों केे जवाब देने और अपनी रक्षा के लिए इस तरह का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। इससे हमारा आत्मबल मजबूत होगा।
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