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गन्ना भुगतान न होने के विरोध में किसानों ने मुंडन कराया, पुतला फूंकने की कोशिश, पुलिस से कहासुनी
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लखीमपुर खीरी में खंभारखेड़ा चीनी मिल गेट पर सिर मुड़वाकर विरोध जताते किसान नेता। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन पांचवें दिन भी खंभारखेड़ा मिल गेट के बाहर जारी रहा। शुक्रवार को किसान नेताओं ने विरोध स्वरूप मुंडन संस्कार कराया। मिल प्रबंधन के कल तक के आश्वासन पर फिलहाल जल सत्याग्रह टाल दिया गया। हालांकि इस बीच मिल मालिक का पुतला फूंकने जा रहे किसानों और पुलिस के बीच काफी कहासुनी हुई। उधर भुगतान को लेकर मिल प्रबंधन और किसानों के बीच कई दौर की वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने बताया कि किसानों का मिल पर 228 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें मात्र 15 करोड़ रुपयों का अब तक भुगतान किया गया है। शुक्रवार को खंभारखेड़ा मिल के यूनिट हेड एनसी अग्रवाल, जीएम केन सुबोध गुप्ता, एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह, डीसीओ ब्रजेश पटेल, सीओ अरविंद कुमार की किसानों से वार्ता हुई। मिल प्रबंधन ने शेष भुगतान फरवरी माह में करने की बात कही, जिस पर कोई किसान राजी नही हुआ। किसानों ने मिल को सहूलियत देते हुए अगस्त में सौ करोड़ और मिल चलने से पहले अवशेष भुगतान करने की मांग की। बताया कि इस बात को नकारते हुए मिल प्रबंधन ने हर माह 18 करोड़ रुपये आवंटित करने का बात की। इस पर किसान राजी नही हुए। ऐसे में कई दौर की वार्ता में कोई हल नही निकला। इधर, कई किसानों ने भुगतान न होने पर विरोध स्वरूप मुंडन संस्कार कराया, लेकिन मिल प्रबंधन के कल तक के आश्वासन पर फिलहाल जल सत्याग्रह टाल दिया। इस दौरान मिल मालिक का पुतला फूंकने जा रहे किसानों और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि 28 को संगठन प्रमुख वीएम सिंह के आने पर ही अब आगे की रणनीति तय होगी। किसान नेता पुन: धरने पर बैठ गए। इस मौके पर नरेंद्र सिंह, जरनैल सिंह, संजय, अजीत, अमरजीत संधू आदि किसान मौजूद रहे।
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सितंबर तक 20 करोड़ रुपया और अवशेष राशि फरवरी में देने की बात कही है। जिस पर किसान राजी नही हुए। वार्ता चल रही है। जल्द हल निकलेगा।
-एनसी अग्रवाल, यूनिट हेड, खंभारखेड़ा मिल
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भुगतान को लेकर प्रयास जारी है। किसान और मिल प्रबंधन के बीच अभी वार्ता चल रही है।
-डॉ अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने बताया कि किसानों का मिल पर 228 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें मात्र 15 करोड़ रुपयों का अब तक भुगतान किया गया है। शुक्रवार को खंभारखेड़ा मिल के यूनिट हेड एनसी अग्रवाल, जीएम केन सुबोध गुप्ता, एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह, डीसीओ ब्रजेश पटेल, सीओ अरविंद कुमार की किसानों से वार्ता हुई। मिल प्रबंधन ने शेष भुगतान फरवरी माह में करने की बात कही, जिस पर कोई किसान राजी नही हुआ। किसानों ने मिल को सहूलियत देते हुए अगस्त में सौ करोड़ और मिल चलने से पहले अवशेष भुगतान करने की मांग की। बताया कि इस बात को नकारते हुए मिल प्रबंधन ने हर माह 18 करोड़ रुपये आवंटित करने का बात की। इस पर किसान राजी नही हुए। ऐसे में कई दौर की वार्ता में कोई हल नही निकला। इधर, कई किसानों ने भुगतान न होने पर विरोध स्वरूप मुंडन संस्कार कराया, लेकिन मिल प्रबंधन के कल तक के आश्वासन पर फिलहाल जल सत्याग्रह टाल दिया। इस दौरान मिल मालिक का पुतला फूंकने जा रहे किसानों और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई।
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जिलाध्यक्ष ने बताया कि 28 को संगठन प्रमुख वीएम सिंह के आने पर ही अब आगे की रणनीति तय होगी। किसान नेता पुन: धरने पर बैठ गए। इस मौके पर नरेंद्र सिंह, जरनैल सिंह, संजय, अजीत, अमरजीत संधू आदि किसान मौजूद रहे।
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सितंबर तक 20 करोड़ रुपया और अवशेष राशि फरवरी में देने की बात कही है। जिस पर किसान राजी नही हुए। वार्ता चल रही है। जल्द हल निकलेगा।
-एनसी अग्रवाल, यूनिट हेड, खंभारखेड़ा मिल
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भुगतान को लेकर प्रयास जारी है। किसान और मिल प्रबंधन के बीच अभी वार्ता चल रही है।
-डॉ अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर