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Lakhimpur Kheri News: शिवभक्तों की गहन आस्था का केंद्र है गजमोचननाथ शिव मंदिर

Sun, 13 Aug 2023 11:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 13 Aug 2023 11:57 PM IST
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Gajmochannath Shiva Temple is the center of deep faith of Shiva devotees
गजमोचन नाथ मंदिर का मुख्य द्वार
सिकंदराबाद। भगवान विष्णु द्वारा मगरमच्छ के चंगुल से गजराज को मुक्त कराने की गाथा संजोए गजमोचन नाथ मंदिर में दिव्य शिवलिंग भी स्थापित है। यह शिवलिंग करीब 4000 साल पुराना बताया जाता है। यहां हर अमावस को मेला लगाता है। सावन माह के हर सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। दूर-दूर से आकर कांवड़िये जलाभिषेक करते हैं।
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गोला तहसील क्षेत्र में लखीमपुर-मोहम्मदी रोड किनारे ग्राम पंचायत रोशननगर में सुरम्य प्राकृतिक वातावरण में प्राचीन गजमोचन नाथ मंदिर स्थित है। किवदंती है कि पहले यहां से आदि गंगा गोमती प्रवाहित होती थी। आज भी इस पवित्र नदी के अवशेष झील के रूप में मौजूद है। आदि गंगा गोमती में एक बार गजराज को मगरमच्छ ने पकड़ लिया था। गजराज ने आर्तनाद करते हुए जब भगवान विष्णु को पुकारा तो भगवान विष्णु ने गजराज को मगरमच्छ के चंगुल से मुक्त कराया। तब से इस स्थान का नाम गजमोचन नाथ पड़ा। यहां स्थित झील को गजमोचन झील कहते हैं। यह झील ढाई किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली है।
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पुरातत्व विभाग कर चुका है सर्वे
मंदिर की देखरेख करने वाले महंत रमेश गिरि बताते हैं कि 25 साल पहले पुरातत्व विभाग की टीम ने एक बार इस मंदिर का सर्वे किया था। शिवलिंग का वैज्ञानिक परीक्षण कर इसे 3800 साल पुराना बताया था। मंदिर भूतल से कुछ नीचे एक अरघे में स्थापित है। इसका आकार काफी बड़ा है। वह कहते हैं कि सच्चे मन से जो भगवान भोलेनाथ से मनौती मांगता है, उसकी मनौती पूरी होती है। यहां लोग बच्चों का मुंडन और अन्नप्राशन कराने आते हैं। मनौती पूरी होने पर श्रद्धालु भंडारे करते हैं।
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यहां लगे हैं कदंब के चार पेड़
महंत रमेश गिरि बताते हैं कि किसी समय पूरे परिक्षेत्र में कदंब के हजारों पेड़ थे और इस क्षेत्र को कजरी वन कहते थे। अब यह पेड़ कट चुके हैं, लेकिन कदंब के चार पेड़ अब भी मंदिर के पास लगे हैं। महंत का दावा है कि जिस प्रजाति के कदंब गजमोचन नाथ मंदिर परिसर में लगे हैं, उस प्रजाति के कदंब के पेड़ उत्तर प्रदेश में कहीं नहीं हैं। मंदिर के आसपास दूर-दूर तक ऊंचे टीले हैं। उनकी खोदाई करने पर प्राचीन ईंटे मिलती हैं। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कभी इस जगह समृद्ध बसावट रही होगी।

गजमोचन नाथ मंदिर का मुख्य द्वार

गजमोचन नाथ मंदिर का मुख्य द्वार

गजमोचन नाथ मंदिर का मुख्य द्वार

गजमोचन नाथ मंदिर का मुख्य द्वार

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