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हरदोई के संडीला से लाई गई 80 बोरी रंगीन कचरी कूड़े में फिंकवाई
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लखीमपुर में रंगीन कचरी पापड़ नष्ट कराते खाद्य सुरक्षा अधिकारी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। होली पर सिंथेटिक रंगों का प्रयोग कर बनाई गई रंगीन कचरी को खपाने की कवायद तेज हो गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम को एलआरपी चौराहे पर रंगीन कचरी की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता मिली है। रविवार की सुबह हरदोई के संडीला से एक पिकअप में भरकर लाई जा रही कचरी बरामद की है, जिसमें 135 बोरी कचरी लदी थी। इसमें 80 बोरी (दो हजार किलोग्राम) रंगीन कचरी को मौके पर नष्ट कराया गया, जिसकी कीमत करीब 60 हजार रुपये आंकी गई है। साथ ही मौके पर रंगीन कचरी के दो नमूने भी भरे गए, जिनकी लैब रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभिहित अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा ने संडीला की फर्म रिजवान अली कचरी उद्योग को लखीमपुर जनपद में किसी भी प्रकार के उत्पाद की बिक्री करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
होली अभियान के तहत मिलावटखोरी को रोकने के लिए एफएसडीए की टीमें सुबह से प्रमुख चौराहों से गुजरने वाले वाहनों पर भी नजर रख रही हैं। अभिहित अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा के नेतृत्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक कुमार वर्मा, आदित्य वर्मा टीम समेत सुबह पांच बजे से एलआरपी चौराहे पर मुस्तैद थे। करीब दो घंटे इंतजार के बाद सीतापुर की ओर से एक पिकअप आती दिखी, जिसे रोककर जांच की गई। तो उसमें 135 बोरी कचरी भरी थी, जिसमें से 80 बोरी रंगीन कचरी थी। जांच में पता चला कि इस रंगीन कचरी को हरदोई के संडीला स्थित रिजवान अली कचरी उद्योग द्वारा जनपद लखीमपुर खीरी में बिक्री के लिए भेजा गया था, जिसके मालिक के पास मिले कागजों में श्रवण भाई लखीमपुर का पता लिखा मिला। पिकअप से रंगीन कचरी के दो नमूने भरने के बाद टीम ने 80 बोरी कचरी को मौके पर डंपिंग यार्ड में कूड़े में फिंकवाकर नष्ट कराया। अभिहित अधिकारी ने बताया कि रिजवान अली कचरी उद्योग को नोटिस देकर लखीमपुर में किसी भी प्रकार के उत्पाद बेचने से प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा एफएसडीए टीम ने मितौली क्षेत्र के सीतापुर रोड स्थित पिपरझला गांव से बेसन का एक, नमकीन का एक नमूना भरा है। होली अभियान में तीन दिनों के अंदर कुल 28 नमूने भरे जा चुके हैं।
होली पर रंगीन कचरी को बाजार में खपाने की कोशिशें हो रही हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए टीमें लगातार जांच कर रही हैं। फिर भी कहीं रंगीन कचरी बिकती है, तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा अधिकारियों व संबंधित तहसीलों के एसडीएम को दें। तुरंत कार्रवाई कराई जाएगी। लोग भी चटक रंगीन कचरी न खरीदें, क्योंकि यह कचरी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
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-कौशलेंद्र शर्मा, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए
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होली अभियान के तहत मिलावटखोरी को रोकने के लिए एफएसडीए की टीमें सुबह से प्रमुख चौराहों से गुजरने वाले वाहनों पर भी नजर रख रही हैं। अभिहित अधिकारी कौशलेंद्र शर्मा के नेतृत्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक कुमार वर्मा, आदित्य वर्मा टीम समेत सुबह पांच बजे से एलआरपी चौराहे पर मुस्तैद थे। करीब दो घंटे इंतजार के बाद सीतापुर की ओर से एक पिकअप आती दिखी, जिसे रोककर जांच की गई। तो उसमें 135 बोरी कचरी भरी थी, जिसमें से 80 बोरी रंगीन कचरी थी। जांच में पता चला कि इस रंगीन कचरी को हरदोई के संडीला स्थित रिजवान अली कचरी उद्योग द्वारा जनपद लखीमपुर खीरी में बिक्री के लिए भेजा गया था, जिसके मालिक के पास मिले कागजों में श्रवण भाई लखीमपुर का पता लिखा मिला। पिकअप से रंगीन कचरी के दो नमूने भरने के बाद टीम ने 80 बोरी कचरी को मौके पर डंपिंग यार्ड में कूड़े में फिंकवाकर नष्ट कराया। अभिहित अधिकारी ने बताया कि रिजवान अली कचरी उद्योग को नोटिस देकर लखीमपुर में किसी भी प्रकार के उत्पाद बेचने से प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा एफएसडीए टीम ने मितौली क्षेत्र के सीतापुर रोड स्थित पिपरझला गांव से बेसन का एक, नमकीन का एक नमूना भरा है। होली अभियान में तीन दिनों के अंदर कुल 28 नमूने भरे जा चुके हैं।
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होली पर रंगीन कचरी को बाजार में खपाने की कोशिशें हो रही हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए टीमें लगातार जांच कर रही हैं। फिर भी कहीं रंगीन कचरी बिकती है, तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा अधिकारियों व संबंधित तहसीलों के एसडीएम को दें। तुरंत कार्रवाई कराई जाएगी। लोग भी चटक रंगीन कचरी न खरीदें, क्योंकि यह कचरी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
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-कौशलेंद्र शर्मा, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए