Lakhimpur Kheri: दुधवा नेशनल पार्क में वन अपराध रोकने की कवायद, 'तीसरी आंख' से की जाएगी निगरानी
दुधवा के पर्यटन परिसर में एफडी बी प्रभाकर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें यूएस से आए विशेषज्ञों ने ट्रेल गार्ड एआई कैमरा ट्रैप आधुनिक टेक्नोलॉजी के बारे में बताया।
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दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्षों को रोकने, वन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अब विदेशी कैमरों से जंगलों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए सोमवार को दुधवा के पर्यटन परिसर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। यूएस से आए विशेषज्ञों और कंपनी के लोगों ने कैमरे की खासियत बताई। साथ ही आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस कैमरों को चलाने के बारे में बताया। इसके अलावा यह कैमरे जीपीएस के माध्यम से कर्मचारियों को अलर्ट भी करेंगे।
दुधवा के पर्यटन परिसर में एफडी बी प्रभाकर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें यूएस की रिशॉल कंपनी के विशेषज्ञ डॉ. एरिक, डॉ. स्टीव के साथ ही भारतीय विशेषज्ञ डॉ. एचएस नेगी, डॉ. हर्षिता नेगी, डॉ. पीयूष यादव व एंडी ली द्वारा ट्रेल गार्ड एआई कैमरा ट्रैप आधुनिक टेक्नोलॉजी के बारे में बताया। बताया कि यह कैमरे आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस हैं, जो मानव-वन्यजीव संघर्षों को रोकने के साथ ही वन अपराधों को रोकने में भी विशेष भूमिका अदा करेंगे।
इसकी खासियत यह है कि यह कैमरे जीपीएस के माध्यम से कर्मचारियों को फोटो के जरिए अलर्ट भी करेंगे। बैठक में आए हुए विशेषज्ञों के साथ ही एफडी बी. प्रभाकर, डीडी डॉ. रंगाराजू टी., बेलरायां वार्डन प्रदीप कुमार वर्मा, किशनपुर वन्यजीव प्रतिपालक धर्मेंद्र द्विवेदी, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ समन्वयक डॉ मुदित गुप्ता, धनीराम, नाजरूल निशा समेत रेंजर, वन दरोगा और वनकर्मी मौजूद रहे।
बिना फ्लैश के कैमरा खींचेगा तस्वीर
भारतीय विशेषज्ञ डॉ. एचएस नेगी ने बताया कि इस कैमरे की खासियत यह है कि यह कैमरे छूने या फिर फोटो लेने पर फ्लैश नहीं करेगा। अक्सर यह होता है कि कोई शिकारी या फिर अराजक तत्व कैमरे को तोड़ देते हैं। ऐसे में उनकी तुरंत फोटो खिंच जाएगी और 40 सेकेंड के अंदर ही वनकर्मियों तक पहुंच जाएगी।
आबादी के पास बाघों को ढूंढ़ने का भी करेगा काम
विशेषज्ञों ने बताया कि अमूमन यह होता है कि आबादी के पास बाघ या फिर अन्य वन्यजीवों की मूवमेंट की खबरें आती हैं। ऐसे में यह कैमरा उस जगह लगाया जाएगा। लोकेशन ट्रेस होने के बाद से ही वनकर्मी वहां जाकर खदेड़ने का प्रयास करेंगे।
वन अपराधों पर लगेगा अंकुश
इन कैमरों के दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र में लग जाने से कुछ हद तक वन अपराधों पर भी अंकुश लगेगा। क्योंकि यह कैमरे जीपीएस सिस्टम से जुड़े होंगे, जिससे इनकी रेंज में आने वाले वन अपराधी या फिर वन्यजीव की फोटो खींचकर यह वनकर्मियों तक पहुंचाएगा। इसी के लिए इसे आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस कैमरा बोला जा रहा है।