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जंगल से भटका लकड़बग्घा ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो धौरहरा खीरी।
Updated Tue, 24 Jan 2017 10:22 PM IST
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लकड़बग्घा
- फोटो : अमर उजाला
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वन विभाग ने कब्जे में लिया, मांद में सो रहा था जानवर
जंगल से भटककर आया लकड़बग्घा मंगलवार को ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। ईसानगर ब्लॉक के ग्राम मूड़ी निवासी रमेश सिह के खेत में दोपहर बाद देखा गया लकड़बग्घा नाले के किनारे पानी की ठोकर से बन गई कछार में सो रहा था। जब उस पर ग्रामीणों की नजर पड़ी तो ग्रामीणों ने उसे मारने की कोशिश भी की लेकिन समय पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे बचा लिया। सूचना पाकर डीएफओ दिव्या भी उसे देखने रेंज कार्यालय पहुंची।
मंगलवार को जंगल के करीबी इलाके ग्राम मूड़ी ईसानगर में खेतों में काम कर रहे ग्रामीण एक जानवर को देख कर डर गए। बाद में पता चला कि बाघ जैसा दिख रहा यह जानवर लकड़बग्घा है। वह खेत के पास नाले में बन गई एक मांद में सो रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने एकत्र होकर उसपर हमला किया और भाला आदि से उसे मारने की कोशिश की। खबर गांव में फैली तो रमेश सिंह के बेटे राजू सिह ने रेंजर एचएस यादव को फोन कर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेंजर दरोगा हरीश श्रीवास्तव, ऋषभ प्रताप सिह और वन रक्षकों के साथ मौके पर पहुंच गए। टीम ने ग्रामीणों को दूर कर घायल हो चुके लकड़बग्घे को मांद से निकाल कर गाड़ी में डाला और तात्कालिक उपचार देकर रेंज कार्यालय ले आए। जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
रेंजर ने बताया कि लकड़बग्घे के इलाज के बाद उच्चधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जंगल से भटककर आया लकड़बग्घा मंगलवार को ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। ईसानगर ब्लॉक के ग्राम मूड़ी निवासी रमेश सिह के खेत में दोपहर बाद देखा गया लकड़बग्घा नाले के किनारे पानी की ठोकर से बन गई कछार में सो रहा था। जब उस पर ग्रामीणों की नजर पड़ी तो ग्रामीणों ने उसे मारने की कोशिश भी की लेकिन समय पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे बचा लिया। सूचना पाकर डीएफओ दिव्या भी उसे देखने रेंज कार्यालय पहुंची।
मंगलवार को जंगल के करीबी इलाके ग्राम मूड़ी ईसानगर में खेतों में काम कर रहे ग्रामीण एक जानवर को देख कर डर गए। बाद में पता चला कि बाघ जैसा दिख रहा यह जानवर लकड़बग्घा है। वह खेत के पास नाले में बन गई एक मांद में सो रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने एकत्र होकर उसपर हमला किया और भाला आदि से उसे मारने की कोशिश की। खबर गांव में फैली तो रमेश सिंह के बेटे राजू सिह ने रेंजर एचएस यादव को फोन कर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेंजर दरोगा हरीश श्रीवास्तव, ऋषभ प्रताप सिह और वन रक्षकों के साथ मौके पर पहुंच गए। टीम ने ग्रामीणों को दूर कर घायल हो चुके लकड़बग्घे को मांद से निकाल कर गाड़ी में डाला और तात्कालिक उपचार देकर रेंज कार्यालय ले आए। जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
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रेंजर ने बताया कि लकड़बग्घे के इलाज के बाद उच्चधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।