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मेटल डिटेक्टर से लैस हुईं वन विभाग की पेट्रोलिंग टीमें
बांकेगंज।
Updated Tue, 19 Jan 2016 05:36 PM IST
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डीएफओ साउथ नीरज कुुमार ने प्रभाग के रेंज अधिकारियों और वन कर्मियों को जंगल में सघन पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए है। डीएफओ ने डिवीजन के मैलानी, गोला, भीरा, मोहम्मदी, शारदा नगर और मैगलगंज रेंज के अधिकारियों को वन कर्मियों की टीमें गठित करने आदेश दिए है। वन्यजीवों और जंगलों की सुरक्षा के लिए टीमें मेटल डिटेक्टर से लैस रहेंगी।
पिछले एक माह के अंतराल में बाघ और उनके शावक के अलावा तेंदुओ की हो रहीं मौतों को देखते हुए गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएफओ ने बताया कि सर्दियों की शुरुआत होते ही वन्यजीव अक्सर रास्ता भटकर बाहरी किनारों पर जंगल से सटे गन्ने खेतों और आबादी के करीब पहुंच जाते है। रास्ता भटकर जंगल के बाहरी किनारों पर पहुंचने वाले वन्यजीवों की सुुरक्षा को लेकर डिवीजन की छह रेंजों में वन कर्मियों की टीम गठित कर गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए है। डीएफओ ने बताया कि पेट्रोलिंग के लिए गठित की गई टीमें मेटल डिटेक्टर से लैस होंगी। गश्त के दौरान वन कर्मी बाहरी किनारों और गन्ने खेतों में इसके जरिए शिकार के लिए लगाए गए कुड़के या अन्य साधनों का आसानी से पता लगा सकेंगे।
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जलाशयों की भी कड़ी निगरानी
डीएफओ ने बताया जंगलों के साथ ही मैलानी और मोहम्मदी रेंज स्थित नगरा, सेमरई झीलों के अलावा डिवीजन के अन्य जलाशयों पर आने वाले प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की भी कड़ी सुरक्षा के निर्देश दिए गए है। पेट्रोलिंग के दौरान वन कर्मी तालाबों के अंदर परिंदों के शिकार के लिए बनाए जाने वाले तार के फंदो की मेटल डिटेक्टर के जरिए आसानी से जानकारी हासिल कर सकेंगे।
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पिछले एक माह के अंतराल में बाघ और उनके शावक के अलावा तेंदुओ की हो रहीं मौतों को देखते हुए गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएफओ ने बताया कि सर्दियों की शुरुआत होते ही वन्यजीव अक्सर रास्ता भटकर बाहरी किनारों पर जंगल से सटे गन्ने खेतों और आबादी के करीब पहुंच जाते है। रास्ता भटकर जंगल के बाहरी किनारों पर पहुंचने वाले वन्यजीवों की सुुरक्षा को लेकर डिवीजन की छह रेंजों में वन कर्मियों की टीम गठित कर गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए है। डीएफओ ने बताया कि पेट्रोलिंग के लिए गठित की गई टीमें मेटल डिटेक्टर से लैस होंगी। गश्त के दौरान वन कर्मी बाहरी किनारों और गन्ने खेतों में इसके जरिए शिकार के लिए लगाए गए कुड़के या अन्य साधनों का आसानी से पता लगा सकेंगे।
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जलाशयों की भी कड़ी निगरानी
डीएफओ ने बताया जंगलों के साथ ही मैलानी और मोहम्मदी रेंज स्थित नगरा, सेमरई झीलों के अलावा डिवीजन के अन्य जलाशयों पर आने वाले प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की भी कड़ी सुरक्षा के निर्देश दिए गए है। पेट्रोलिंग के दौरान वन कर्मी तालाबों के अंदर परिंदों के शिकार के लिए बनाए जाने वाले तार के फंदो की मेटल डिटेक्टर के जरिए आसानी से जानकारी हासिल कर सकेंगे।
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