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Lakhimpur Kheri News: तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेगा वन विभाग
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ढकवा गांव के पास तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजडा
लखीमपुर खीरी। शारदानगर रेंज में एक किशोर और एक बालिका को निवाला बनाने वाले तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग विशेषज्ञों की मदद लेगा। दो बच्चों की जान लेने वाले इस हिंसक वन्यजीव की पहचान के लिए आबादी, खेत और कच्चे रास्तों पर उसके पगमार्क तलाशे जा रहे है। ड्रोन कैमरों कैमरे की सहायता से वन्यजीव की लोकेशन पता लगाई जा रही है।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के शारदानगर रेंज अंतर्गत जनुनिया बीट की ग्राम सभा खइंया के मजरा ढखवा में सात सितंबर को हिंसक वन्यजीव ने गांव में घुसकर इदरीश के 14 वर्षीय पुत्र जलीश पर हमला कर उसे मार डाला था। इससे पहले एक सितंबर को मंझरा गौढ़ी में आबादी क्षेत्र के राजेश कुमार की सात वर्षीय पुत्री रिमझिम को हिंसक वन्यजीव ने मार दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक, किशोर और बालिका की जान लेने वाला हिंसक वन्यजीव तेंदुआ था।
हिंसक वन्यजीव का पता लगाने के लिए वनकर्मियों की चार टीमें गठित की गई हैं। वनकर्मी दोनों घटनास्थलों के आसपास कांबिंग कर रहे हैं। वन्यजीव की पहचान के लिए आबादी, खेतों और कच्चे रास्तों पर वन्यजीव के पगमार्क तलाशे जा रहे हैं। ड्रोन कैमरों की मदद से मौजूदगी का पता लगाया जा रहा है। दोनों घटनास्थलों के आसपास आवागमन के रास्तों पर चार चार जोड़ी कैमरा लगाए गए हैं। हालांकि अभी तक किसी कैमरे में उसकी तस्वीर ट्रैप नहीं हुई है।
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प्रभावित गांव मंझरा गौढ़ी के पास लगाए गए पिंजरे
डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक की अनुमति मिलने के बाद मंझरा गौढ़ी और ढखवा के पास कैमरे लगा दिए गए हैं। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मानव और वन्यजीव की सुरक्षा के मद्देनजर वन्यजीव को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। इसके लिए प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि बाघ, तेंदुआ आदि वन्यजीव स्वभाव से हिंसक नहीं होते बल्कि स्वयं को असुरक्षित महसूस होने पर हमला करते हैं।
ग्रामीणों को दी सतर्कता बरतने की सलाह
डीएफओ संजय विश्वाल ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह खुले में शौच न जाएं। अवयस्कों को अकेले न घूमने दें। प्रभावित क्षेत्रों के लोग खेतों में काम करने के लिए समूहों में जाएं और आवाज करते रहें। पालतू पशुओं को खुले में न छोड़े। खेती बाड़ी का काम करते समय एक व्यक्ति लगातार आसपास क्षेत्र पर नजर बनाए रखे। खेतों में किसी वन्यजीव के दिखाई देने या पगचिह्न दिखने पर तत्काल नजदीकी वन चौकी या वनकर्मी को इसकी सूचना दें। किसी भी वन्यजीव को देखने पर खेतों में मौजूद होने का आभास होने पर उसे घेरने के बजाय निकलने का रास्ता दें। घर के आसपास झाड़ी आदि न रहने दें।
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दक्षिण खीरी वन प्रभाग के शारदानगर रेंज अंतर्गत जनुनिया बीट की ग्राम सभा खइंया के मजरा ढखवा में सात सितंबर को हिंसक वन्यजीव ने गांव में घुसकर इदरीश के 14 वर्षीय पुत्र जलीश पर हमला कर उसे मार डाला था। इससे पहले एक सितंबर को मंझरा गौढ़ी में आबादी क्षेत्र के राजेश कुमार की सात वर्षीय पुत्री रिमझिम को हिंसक वन्यजीव ने मार दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक, किशोर और बालिका की जान लेने वाला हिंसक वन्यजीव तेंदुआ था।
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हिंसक वन्यजीव का पता लगाने के लिए वनकर्मियों की चार टीमें गठित की गई हैं। वनकर्मी दोनों घटनास्थलों के आसपास कांबिंग कर रहे हैं। वन्यजीव की पहचान के लिए आबादी, खेतों और कच्चे रास्तों पर वन्यजीव के पगमार्क तलाशे जा रहे हैं। ड्रोन कैमरों की मदद से मौजूदगी का पता लगाया जा रहा है। दोनों घटनास्थलों के आसपास आवागमन के रास्तों पर चार चार जोड़ी कैमरा लगाए गए हैं। हालांकि अभी तक किसी कैमरे में उसकी तस्वीर ट्रैप नहीं हुई है।
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प्रभावित गांव मंझरा गौढ़ी के पास लगाए गए पिंजरे
डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक की अनुमति मिलने के बाद मंझरा गौढ़ी और ढखवा के पास कैमरे लगा दिए गए हैं। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मानव और वन्यजीव की सुरक्षा के मद्देनजर वन्यजीव को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। इसके लिए प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि बाघ, तेंदुआ आदि वन्यजीव स्वभाव से हिंसक नहीं होते बल्कि स्वयं को असुरक्षित महसूस होने पर हमला करते हैं।
ग्रामीणों को दी सतर्कता बरतने की सलाह
डीएफओ संजय विश्वाल ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह खुले में शौच न जाएं। अवयस्कों को अकेले न घूमने दें। प्रभावित क्षेत्रों के लोग खेतों में काम करने के लिए समूहों में जाएं और आवाज करते रहें। पालतू पशुओं को खुले में न छोड़े। खेती बाड़ी का काम करते समय एक व्यक्ति लगातार आसपास क्षेत्र पर नजर बनाए रखे। खेतों में किसी वन्यजीव के दिखाई देने या पगचिह्न दिखने पर तत्काल नजदीकी वन चौकी या वनकर्मी को इसकी सूचना दें। किसी भी वन्यजीव को देखने पर खेतों में मौजूद होने का आभास होने पर उसे घेरने के बजाय निकलने का रास्ता दें। घर के आसपास झाड़ी आदि न रहने दें।