{"_id":"57bc60064f1c1bcc59d4f722","slug":"forest-department-had-taken-away-from-the-cage-to-let-him-down-badin","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग को गच्चा दे पिंजरे के पास से पड्डा उठा ले गई बाघिन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन विभाग को गच्चा दे पिंजरे के पास से पड्डा उठा ले गई बाघिन
अमर उजाला ब्यूरो/मैलानी।
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:45 PM IST
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tiger
- फोटो : amar ujala
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गन्ने के खेत में ही मौजूद है बाघिन, तीन-चार किमी तक की चहलकदमी
ट्रेंक्युलाइज करने को तैयार हैं एक्सपर्ट, पड्डा मारने वाले स्थान पर डटे हैं वनकर्मी
ट्रेंक्युलाइज एक्सपर्ट पूर्व डीडी पीपी सिंह और आफताब खां भी पहुंचेंगे
आदमखोर बाघिन ने सोमवार की रात खेत में पिंजरे के पास बांधे गए पड्डे को मारकर आधा खाया और वन विभाग की टीम को गच्चा देकर उठा ले गई। अब वनकर्मियों को पूरा यकीन है कि बाघिन गन्ने के खेतों में ही अपना डेरा जमाए हुए है।
वनकर्मियों ने बाबूराम की जान लेने वाले खेत में रविवार को पड्डा बांधा था ,लेकिन बाघिन उस रात पड्डे के पास नहीं पहुंची। आदमखोर बाघिन को सोमवार की शाम छेदीपुर गांव में राजाराम के घर के पास रामनिवास के गन्ने के खेत को क्रॉस करते हुए देखा गया। सूचना पर मैलानी रेंजर डीएस यादव भी मौके पर पहुंचे, हवाई फायर भी किए। सोमवार की रात बाघिन ने पड्डे को मार दिया। सुबह कांबिंग के दौरान वनकर्मियों ने देखा तो पड्डा गायब था। बाघिन पड्डे को मारकर गन्ने के खेत में उसी जगह ले गई, जहां वह हमला करने के बाद बाबूराम को ले गई थी। वनकर्मियों ने कांबिंग के दौरान बाघिन के पगमार्क देखे, तो वह गांव के पूरब से पश्चिम की ओर करीब तीन-चार किमी तक खेतों में थे। वनकर्मियों ने संभावना जताई कि बाघिन अपने अधखाए शिकार पड्डे को खाने के लिए मंगलवार की रात को जरूर आएगी। इसलिए मंगलवार को वनकर्मियों का सारा फोकस पड्डा मारने वाली जगह पर ही रहा।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रोजेक्ट आफिसर रोहित राय और सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव भी शाम को मौके पर पहुंच गए। ये लोग ऑटोमोशन कैमरे में बाघिन की गतिविधियों का जायजा लेंगे, क्योंकि जहां पर पड्डा बांधा गया था, वहां पर कैमरा लगा है।
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लखनऊ चिड़ियाघर के ट्रेंक्युलाइजिंग एक्सपर्ट डॉ उत्कर्ष शुक्ला, डीएफओ संजय बिस्वाल सहित तमाम वनकर्मी डेरा डाले हुए हैं। ट्रेंक्युलाइजिंग एक्सपर्ट दुधवा नेशनल पार्क के पूर्व डीडी पीपी सिंह और पूर्व रेंजर आफताब खां भी शाम तक मौके पर पहुंचने वाले हैं। कुल मिलाकर मंगलवार की रात आदमखोर बाघिन को ट्रेंक्युलाइज कर पकड़ने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है।
बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की खरेहटा बीट के गांव छेदीपुर में दो किसानों को निवाला बनाने वाली बाघिन और वन विभाग के बीच आंख मिचौली का खेल जारी है। दो हाथियों पुष्पाकली और पवनकली लगातार खेतों की कांबिंग कर रही हैं। चप्पे-चप्पे पर वन कर्मियों और पीएसी जवानों के तैनात होने से फिलहाल लोग अपने को सुरक्षित मान रहे हैं लेकिन बाघिन की मौजूदगी के चलते लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। न किसान खेतों में जा रहे है और न बच्चे स्कूल। यहां तक कि जानवरों के चारे की समस्या भी पैदा हो गई है।
ढाका में दिखा बाघ, दहशत
बांकेगंज। मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे गांव ढाका में सोमवार शाम बाघ दिखने से लोगो में दहशत व्याप्त हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। बाघ देखकर दहशत में आए ग्रामीणों मोहम्मद जाबिर, प्रधान रामकिशुन, हैपी सिंह आदि ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे जटपुरा फारेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह बाघ की लोकेशन ट्रेस करने में जुट गए। उन्होंने बताया कि अंधेरा होने के कारण बाघ के पगमार्क नहीं दिखाई दिए। उधर इस संबध में रेंजर मैलानी डीएस यादव ने बताया कि लोगों की सूचना पर वन कर्मियों की टीम बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही उसकी निगरानी कर रही है।
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ट्रेंक्युलाइज करने को तैयार हैं एक्सपर्ट, पड्डा मारने वाले स्थान पर डटे हैं वनकर्मी
ट्रेंक्युलाइज एक्सपर्ट पूर्व डीडी पीपी सिंह और आफताब खां भी पहुंचेंगे
आदमखोर बाघिन ने सोमवार की रात खेत में पिंजरे के पास बांधे गए पड्डे को मारकर आधा खाया और वन विभाग की टीम को गच्चा देकर उठा ले गई। अब वनकर्मियों को पूरा यकीन है कि बाघिन गन्ने के खेतों में ही अपना डेरा जमाए हुए है।
वनकर्मियों ने बाबूराम की जान लेने वाले खेत में रविवार को पड्डा बांधा था ,लेकिन बाघिन उस रात पड्डे के पास नहीं पहुंची। आदमखोर बाघिन को सोमवार की शाम छेदीपुर गांव में राजाराम के घर के पास रामनिवास के गन्ने के खेत को क्रॉस करते हुए देखा गया। सूचना पर मैलानी रेंजर डीएस यादव भी मौके पर पहुंचे, हवाई फायर भी किए। सोमवार की रात बाघिन ने पड्डे को मार दिया। सुबह कांबिंग के दौरान वनकर्मियों ने देखा तो पड्डा गायब था। बाघिन पड्डे को मारकर गन्ने के खेत में उसी जगह ले गई, जहां वह हमला करने के बाद बाबूराम को ले गई थी। वनकर्मियों ने कांबिंग के दौरान बाघिन के पगमार्क देखे, तो वह गांव के पूरब से पश्चिम की ओर करीब तीन-चार किमी तक खेतों में थे। वनकर्मियों ने संभावना जताई कि बाघिन अपने अधखाए शिकार पड्डे को खाने के लिए मंगलवार की रात को जरूर आएगी। इसलिए मंगलवार को वनकर्मियों का सारा फोकस पड्डा मारने वाली जगह पर ही रहा।
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लखनऊ चिड़ियाघर के ट्रेंक्युलाइजिंग एक्सपर्ट डॉ उत्कर्ष शुक्ला, डीएफओ संजय बिस्वाल सहित तमाम वनकर्मी डेरा डाले हुए हैं। ट्रेंक्युलाइजिंग एक्सपर्ट दुधवा नेशनल पार्क के पूर्व डीडी पीपी सिंह और पूर्व रेंजर आफताब खां भी शाम तक मौके पर पहुंचने वाले हैं। कुल मिलाकर मंगलवार की रात आदमखोर बाघिन को ट्रेंक्युलाइज कर पकड़ने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है।
बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की खरेहटा बीट के गांव छेदीपुर में दो किसानों को निवाला बनाने वाली बाघिन और वन विभाग के बीच आंख मिचौली का खेल जारी है। दो हाथियों पुष्पाकली और पवनकली लगातार खेतों की कांबिंग कर रही हैं। चप्पे-चप्पे पर वन कर्मियों और पीएसी जवानों के तैनात होने से फिलहाल लोग अपने को सुरक्षित मान रहे हैं लेकिन बाघिन की मौजूदगी के चलते लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। न किसान खेतों में जा रहे है और न बच्चे स्कूल। यहां तक कि जानवरों के चारे की समस्या भी पैदा हो गई है।
ढाका में दिखा बाघ, दहशत
बांकेगंज। मैलानी रेंज की जटपुरा बीट से सटे गांव ढाका में सोमवार शाम बाघ दिखने से लोगो में दहशत व्याप्त हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। बाघ देखकर दहशत में आए ग्रामीणों मोहम्मद जाबिर, प्रधान रामकिशुन, हैपी सिंह आदि ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे जटपुरा फारेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह बाघ की लोकेशन ट्रेस करने में जुट गए। उन्होंने बताया कि अंधेरा होने के कारण बाघ के पगमार्क नहीं दिखाई दिए। उधर इस संबध में रेंजर मैलानी डीएस यादव ने बताया कि लोगों की सूचना पर वन कर्मियों की टीम बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही उसकी निगरानी कर रही है।