पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ: लखीमपुर खीरी के धौरहरा में 45 दिनों से थी दहशत, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने 45 दिन तक ऑपरेशन तेंदुआ चलाया, जिसमें बुधवार को सफलता मिली। इलाके में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है।
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लखीमपुर खीरी जिले में धौरहरा वन रेंज के ग्रंट और धूसाखुर्द घोसियाना सहित धौरहरा कस्बे के पास तक चहलकदमी करने वाला तेंदुआ आखिर वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
धौरहरा वन रेंज के दुघट्टा धौरहरा, सुजईकुंड़ा और धूसाखुर्द घोसियाना सहित क्षेत्र में छुट्टा पशुओं और कुत्तों का शिकार करने वाला तेंदुए को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। वन विभाग तेंदुआ की लोकेशन के आधार पर अलग-अलग जगहों पर पिंजरे और नाइट विजन कैमरे लगा रहा था।
वन विभाग ने 45 दिन तक ऑपरेशन तेंदुआ चलाया। जोगी बाबा स्थान धौरहरा के पास खेत में चार दिन पहले लगाए गए पिजरे में तेंदुआ कैद हो गया। पकड़े गया तेंदुआ नर है, जिसकी उम्र करीब तीन वर्ष है। वह पूरी तरह स्वस्थ है।
मेडिकल परीक्षण के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा
क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि 45 दिनों से ऑपरेशन तेंदुआ चल रहा था। तेंदुए की चहलकदमी के आधार पर पिंजरों की जगह बदली जाती थी। बुधवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
बता दें कि बीते तीन माह पहले तेंदुआ ने धूसाखुर्द घोसियाना में किसानों के पशुओं का शिकार कर दहशत फैला दी थी। तब से वह लगातार इलाके में देखा जा रहा था। तेंदुआ पकड़े जाने की सूचना से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।