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‘प्रकृति के साथ जबरदस्ती ले जाएगी विनाश की ओर’
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 23 May 2016 10:46 PM IST
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कथा
- फोटो : अमर उजाला
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- श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव का दूसरा दिन
बिटिया वेलफेयर फाउंडेशन और सनातन परिवार सत्संग सेवा संस्थान के तत्वावधान में शहर के विलोबी मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव के दूसरे दिन कथा व्यास राम शरण शास्त्री ने गोकरन धुंधकारी की पावन कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गोकरन विवेक है और धुंधकारी अज्ञान है। हम सबको विवेक रूपी गोकरन का आश्रय लेना चाहिए। क्योंकि इसी से सब भवसागर पार हो सकते हैं।
कथा व्यास ने कहा कि व्यक्ति जितना विकास कर रहा है उतना ही वह विनाश की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ जितनी जबरदस्ती करोगे उतना ही भयानक व्यवहार प्रकृति हमारे साथ करेगी। इस पावन अमृत महोत्सव से लखीमपुर की पावन नगरी ही नहीं वरन पूरे जिले में प्यासी धरती मां की प्यास बुझ गई है। इस अमृत महोत्सव के प्रताप से ही इस जिले में अमृत रूपी वर्षा हुई है। कथा व्यास ने शुकदेव जी और राजा परीक्षित आदि की कथा सुनाकर भक्तों को भावुक कर दिया। उन्होंने कई भजन भी सुनाए।
कथा व्यवस्थापक के रूप में अभिषेक सिंह, मंगलम, शुभ्रम, सर्वेंद्र अनरेंद्र आदि मौजूद रहे। कथा के मुुख्य यजमान उत्तम सिंह और दिवस यजमान निधि सिंह, सुधीर सिंह, अनिल सिंह, नरेंद्र शर्मा, समेत संरक्षक परिषद के अध्यक्ष ज्ञान स्वरूप शुक्ल और कथा संयोजक संजय समेत हजारों श्रद्धालुु मौजूद रहे।
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बिटिया वेलफेयर फाउंडेशन और सनातन परिवार सत्संग सेवा संस्थान के तत्वावधान में शहर के विलोबी मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव के दूसरे दिन कथा व्यास राम शरण शास्त्री ने गोकरन धुंधकारी की पावन कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गोकरन विवेक है और धुंधकारी अज्ञान है। हम सबको विवेक रूपी गोकरन का आश्रय लेना चाहिए। क्योंकि इसी से सब भवसागर पार हो सकते हैं।
कथा व्यास ने कहा कि व्यक्ति जितना विकास कर रहा है उतना ही वह विनाश की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ जितनी जबरदस्ती करोगे उतना ही भयानक व्यवहार प्रकृति हमारे साथ करेगी। इस पावन अमृत महोत्सव से लखीमपुर की पावन नगरी ही नहीं वरन पूरे जिले में प्यासी धरती मां की प्यास बुझ गई है। इस अमृत महोत्सव के प्रताप से ही इस जिले में अमृत रूपी वर्षा हुई है। कथा व्यास ने शुकदेव जी और राजा परीक्षित आदि की कथा सुनाकर भक्तों को भावुक कर दिया। उन्होंने कई भजन भी सुनाए।
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कथा व्यवस्थापक के रूप में अभिषेक सिंह, मंगलम, शुभ्रम, सर्वेंद्र अनरेंद्र आदि मौजूद रहे। कथा के मुुख्य यजमान उत्तम सिंह और दिवस यजमान निधि सिंह, सुधीर सिंह, अनिल सिंह, नरेंद्र शर्मा, समेत संरक्षक परिषद के अध्यक्ष ज्ञान स्वरूप शुक्ल और कथा संयोजक संजय समेत हजारों श्रद्धालुु मौजूद रहे।
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