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Lakhimpur Kheri News: प्रदेश में पहली बार रेडियो कॉलर लगाकर आजाद हुआ तेंदुआ
Sun, 22 Feb 2026 12:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:31 AM IST
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बांकेगंज(लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व की धौरहरा रेंज से पकड़े गए तेंदुए के गले में रेडियो कॉलर लगाकर उसे कतर्निया घाट जंगल में आजाद किया गया। वन विभाग के अधिकारियों की ओर से तेंदुए के गले में रेडियो कॉलर लगाकर आजाद करने का यह पहला मामला प्रदेश में बताया जा रहा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि बफरजोन की धौरहरा रेंज की हौकना मटेरा बीट में आबादी के पास सक्रिय मादा तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाकर शुक्रवार को उसे कैद कर लिया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव की अनुमति के बाद उसे जंगल में आजाद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। विभागीय मंथन के बाद प्रदेश में पहली बार किसी तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर छोड़ने की योजना बनाई गई।
जंगल में छोड़ने से पहले पशु चिकित्सकों की टीम से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसमें वह स्वस्थ मिली। शनिवार को बफरजोन पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, एसडीओ निघासन मनोज तिवारी, रेंजर धौरहरा नृपेंद्र चतुर्वेदी, वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ) दबीर हसन, रोहित रवी की टीम गठित कर तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर उसे कतर्निया घाट वन्यजीव विहार के जंगल में आजाद किया गया। वन कर्मियों की टीमों को गले में लगे कॉलर के जरिये उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि बफरजोन की धौरहरा रेंज की हौकना मटेरा बीट में आबादी के पास सक्रिय मादा तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाकर शुक्रवार को उसे कैद कर लिया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव की अनुमति के बाद उसे जंगल में आजाद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। विभागीय मंथन के बाद प्रदेश में पहली बार किसी तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर छोड़ने की योजना बनाई गई।
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जंगल में छोड़ने से पहले पशु चिकित्सकों की टीम से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसमें वह स्वस्थ मिली। शनिवार को बफरजोन पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, एसडीओ निघासन मनोज तिवारी, रेंजर धौरहरा नृपेंद्र चतुर्वेदी, वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ) दबीर हसन, रोहित रवी की टीम गठित कर तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर उसे कतर्निया घाट वन्यजीव विहार के जंगल में आजाद किया गया। वन कर्मियों की टीमों को गले में लगे कॉलर के जरिये उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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