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खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त हुआ प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 25 May 2016 11:58 PM IST
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
- फोटो : अमर उजाला
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कोटेदारों से पूरी पारदर्शिता से काम करने के निर्देश
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने तथा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए जिले के कोटेदारों की बैठक मंडी परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएम आकाशदीप ने की। इसमें कोटेदारों को खाद्य सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ वितरण में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतने को कहा गया।
बैठक में डीएम आकाशदीप ने कहा कि महज कुछ कोटेदारों की वजह से अच्छा कार्य करने वाले कोटेदारों की छवि घूमिल हो रही है यह दुभाग्यपूर्ण है। डीएम ने कहा कि आप सब यह संकल्प लें कि मेहनत करने के बाद भी जो अपना पेट नहीं भर पा रहे हैं उनको राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से लाभांवित करेंगे।
उन्होंने कहा कि कोई पात्र व्यक्ति राशन पाने से वंचित न रह जाए। वितरण में कोई शिकायत मिली तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि आपको अपनी जिम्मेदारियां समझनी होंगी और पूरी इच्छा शक्ति और निष्ठा से उसका निवर्हन करना होगा। जो कोटेदार अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और अभिलेखों का ठीक ढंग से रखरखाव करेगे उन कोटेदारों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रशस्तिपत्र दिया जाएगा।
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इसी क्रम में डीएम ने मोहम्मदी के उचित दर विक्रेता जगेश्वर दयाल को प्रोत्साहित किया। साथ ही डीएसओ को विशेष प्रशस्ति पत्र देने को निर्देशित किया। मालूम हो कि जगेश्वर दयाल के वितरण की जांच शासन से कराई गई थी और इनका कार्य हर मानक पर ठीक पाया गया था।
सीडीओ अमित बंसल ने कहा कि जिला प्रशासन कोटेदारों से न केवल अपेक्षाएं रखता है बल्कि उनकी समस्याओं से वाकिफ है तथा उनकी सभी समस्याओं का निदान करने के लिए तत्पर भी है। एडीएम एसपी सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम की मंशा है कि पात्र परिवारों को अधिक से अधिक लाभांवित किया जाए तथा अपात्रों को सूची से बाहर किया जाए। एडीएम ने कहा कि नियमानुसार राशन की दुकानें खोलना सुनिश्चित करें। जो पर्यवेक्षणीय अधिकारी निर्धारित तिथि को वितरण कराने नहीं पहुचेगा उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश तिवारी ने किया। डीएसओ ने कहा कि एक से 15 जून के बीच प्रत्येक ग्राम सभा में एनएफएसए की पात्रता सूची का सत्यापन अभियान चलाकर किया जाएगा। डीएसओ ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के बारीकियों के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड का प्रयोग परिचय पत्र के रूप में नही किया जाएगा। अनुरोध किया कि ऐसे लोग जिनको सस्ते दर पर खाद्यान्न की आवश्यकता नही है अगर किसी तरह उनको एनएफएसए का राशन कार्ड प्राप्त हो गया है तो वह अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें ताकि वंचितों को उसका लाभ मिल सके।
बैठक में एसडीएम आलोक कुमार, नागेन्द्र कुमार, पीके सिंह, ज्ञानप्रकाश, सभी खंड विकास अधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक तथा जिले के सभी कोटेदार मौजूद रहे।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने तथा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए जिले के कोटेदारों की बैठक मंडी परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएम आकाशदीप ने की। इसमें कोटेदारों को खाद्य सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ वितरण में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतने को कहा गया।
बैठक में डीएम आकाशदीप ने कहा कि महज कुछ कोटेदारों की वजह से अच्छा कार्य करने वाले कोटेदारों की छवि घूमिल हो रही है यह दुभाग्यपूर्ण है। डीएम ने कहा कि आप सब यह संकल्प लें कि मेहनत करने के बाद भी जो अपना पेट नहीं भर पा रहे हैं उनको राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से लाभांवित करेंगे।
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उन्होंने कहा कि कोई पात्र व्यक्ति राशन पाने से वंचित न रह जाए। वितरण में कोई शिकायत मिली तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि आपको अपनी जिम्मेदारियां समझनी होंगी और पूरी इच्छा शक्ति और निष्ठा से उसका निवर्हन करना होगा। जो कोटेदार अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और अभिलेखों का ठीक ढंग से रखरखाव करेगे उन कोटेदारों को प्रोत्साहन स्वरूप प्रशस्तिपत्र दिया जाएगा।
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इसी क्रम में डीएम ने मोहम्मदी के उचित दर विक्रेता जगेश्वर दयाल को प्रोत्साहित किया। साथ ही डीएसओ को विशेष प्रशस्ति पत्र देने को निर्देशित किया। मालूम हो कि जगेश्वर दयाल के वितरण की जांच शासन से कराई गई थी और इनका कार्य हर मानक पर ठीक पाया गया था।
सीडीओ अमित बंसल ने कहा कि जिला प्रशासन कोटेदारों से न केवल अपेक्षाएं रखता है बल्कि उनकी समस्याओं से वाकिफ है तथा उनकी सभी समस्याओं का निदान करने के लिए तत्पर भी है। एडीएम एसपी सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम की मंशा है कि पात्र परिवारों को अधिक से अधिक लाभांवित किया जाए तथा अपात्रों को सूची से बाहर किया जाए। एडीएम ने कहा कि नियमानुसार राशन की दुकानें खोलना सुनिश्चित करें। जो पर्यवेक्षणीय अधिकारी निर्धारित तिथि को वितरण कराने नहीं पहुचेगा उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश तिवारी ने किया। डीएसओ ने कहा कि एक से 15 जून के बीच प्रत्येक ग्राम सभा में एनएफएसए की पात्रता सूची का सत्यापन अभियान चलाकर किया जाएगा। डीएसओ ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के बारीकियों के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड का प्रयोग परिचय पत्र के रूप में नही किया जाएगा। अनुरोध किया कि ऐसे लोग जिनको सस्ते दर पर खाद्यान्न की आवश्यकता नही है अगर किसी तरह उनको एनएफएसए का राशन कार्ड प्राप्त हो गया है तो वह अपना राशन कार्ड समर्पित कर दें ताकि वंचितों को उसका लाभ मिल सके।
बैठक में एसडीएम आलोक कुमार, नागेन्द्र कुमार, पीके सिंह, ज्ञानप्रकाश, सभी खंड विकास अधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक तथा जिले के सभी कोटेदार मौजूद रहे।