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शारदा का जलस्तर घटा, पर नगला रोड पर चल रहा पानी
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पलिया में शारदा नदी किनारे श्रीनगर गांव के पास बहता पानी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। शारदा नदी के जलस्तर के घटने और बढ़ने का क्रम जारी है। बनबसा बैराज से बुधवार को पानी रिलीज न होने से नदी का जलस्तर कम हुआ, लेकिन बाढ़ का पानी नगला रोड पर चलता रहा, यही नहीं चीनी मिल के सामने भी रोड किनारे तक पानी पहुंच गया। ऐसे में दो से तीन फीट पानी से निकलने को ग्रामीण मजबूर हैं।
बुधवार को बनबसा बैराज से पानी रिलीज न होने के कारण शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। जल आयोग के कार्य सहायक सतीश यादव ने बताया कि बुधवार की सुबह से ही नदी का जलस्तर कम हो रहा है। हालांकि नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर 154.780 सेंटीमीटर पर है। उधर नदी का पानी भीरा रोड से चीनी मिल के आगे से नगला जाने वाली रोड पर दो से तीन फीट तक चल रहा है। चीनी मिल के पास पानी ने रोड तो क्रॉस नहीं की है लेकिन दोनों तरफ पानी रोड के किनारों तक भरा हुआ है।
शारदा नदी के किनारे श्रीनगर गांव की तरफ भी पानी कम हुआ है। दूसरी तरफ सुहेली नदी के जलस्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। नदी में गिरावट के चलते निषादनगर घोला से पानी उतर रहा है लेकिन जलभराव की स्थिति अब भी बनी हुई है।
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मझगईं। शारदा नदी के कहर से नयापुरवा गांव दो हिस्सों में बंट गया था। इधर शारदा के उफनाते ही गांव में बना नाला भी बाढ़ के पानी से भर गया है। जिससे लोग नाव से आवाजाही कर रहे हैं। चौखड़ा फार्म में अब भी रास्तों पर सुहेली नदी का काफी पानी चल रहा है। जिससे आवागमन बंद है। नयापुरवा व चौखड़ा फार्म के लोग जान जोखिम में डालकर रास्ते से निकल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन से अब तक कोई भी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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बाढ़ पीड़ितों को राशन बैग बांटे
पलियाकलां। बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर सपा नेता रेहान खां ने उन्हें राशन बैग बांटे।
शारदा, सुहेली नदियों से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके चलते ग्रामीण खासे परेशान हैं और कहीं-कहीं ग्रामीणों के यहां चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं। इन समस्याओं को देखते हुए सपा नेता रेहान खान ने देवीपुर, मुंजहा, गजरौला, बिलहिया, टांडा, चंबरबोझ, फरसहिया आदि गांवों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को राशन बैग बांटे। संवाद
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धौरहरा : बाढ़ से प्रभावित पचास गांवों में नहीं पहुंची सरकारी मदद
धौरहरा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद लखीमपुर की नदियों में पानी छोड़े जाने से तहसील धौरहरा क्षेत्र में हालात बेकाबू हैं। घाघरा और शारदा नदी में आई बाढ़ से तहसील क्षेत्र के करीब पचास गांव प्रभावित हैं। नदी के किनारे के गांवों में बाढ का पानी भर गया है। बाढ़ पीड़ितों के सामने खाना पानी की समस्या खड़ी हो गयी है।
तहसील क्षेत्र में घाघरा और शारदा नदियां तबाही मचा रहीं हैं। घाघरा व शारदा नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। रैनी, इकबालपुरवा, शारदा नदी के पार बसे समदहा, खनवापुर, लखपेड़ा, कैरातीपुरवा, मिलिक, बैलागढ़ी,चकदहा, ओझापुरवा, पोखरा, मांझा सुमाली सहित 50 गांव प्रभावित हैं। नदी के उस पार बसे समदहा और चकदहा गांव में हालत ज्यादा नाजुक हैं और तहसील प्रशासन की तरफ से अब तक कोई राहत सामग्री भी नही दी गई है। बाढ़ पीड़ित छप्परों व छतों का सहारा लिए हुए हैं। तहसील प्रशासन ने सिर्फ बाढ़ का अलर्ट जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। बाढ़ से गांवों तक पहुंचने वाले सभी रास्ते बंद हो गए हैं। रास्तों पर कई फीट पानी चल रहा है। ईसानगर के लखपेड़ा गांव मे कई कच्चे घर गिर गए हैं।
तहसीलदार संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि तहसील क्षेत्र के छह गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। संवाद
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बुधवार को बनबसा बैराज से पानी रिलीज न होने के कारण शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। जल आयोग के कार्य सहायक सतीश यादव ने बताया कि बुधवार की सुबह से ही नदी का जलस्तर कम हो रहा है। हालांकि नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर 154.780 सेंटीमीटर पर है। उधर नदी का पानी भीरा रोड से चीनी मिल के आगे से नगला जाने वाली रोड पर दो से तीन फीट तक चल रहा है। चीनी मिल के पास पानी ने रोड तो क्रॉस नहीं की है लेकिन दोनों तरफ पानी रोड के किनारों तक भरा हुआ है।
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शारदा नदी के किनारे श्रीनगर गांव की तरफ भी पानी कम हुआ है। दूसरी तरफ सुहेली नदी के जलस्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। नदी में गिरावट के चलते निषादनगर घोला से पानी उतर रहा है लेकिन जलभराव की स्थिति अब भी बनी हुई है।
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मझगईं। शारदा नदी के कहर से नयापुरवा गांव दो हिस्सों में बंट गया था। इधर शारदा के उफनाते ही गांव में बना नाला भी बाढ़ के पानी से भर गया है। जिससे लोग नाव से आवाजाही कर रहे हैं। चौखड़ा फार्म में अब भी रास्तों पर सुहेली नदी का काफी पानी चल रहा है। जिससे आवागमन बंद है। नयापुरवा व चौखड़ा फार्म के लोग जान जोखिम में डालकर रास्ते से निकल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन से अब तक कोई भी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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बाढ़ पीड़ितों को राशन बैग बांटे
पलियाकलां। बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर सपा नेता रेहान खां ने उन्हें राशन बैग बांटे।
शारदा, सुहेली नदियों से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके चलते ग्रामीण खासे परेशान हैं और कहीं-कहीं ग्रामीणों के यहां चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं। इन समस्याओं को देखते हुए सपा नेता रेहान खान ने देवीपुर, मुंजहा, गजरौला, बिलहिया, टांडा, चंबरबोझ, फरसहिया आदि गांवों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को राशन बैग बांटे। संवाद
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धौरहरा : बाढ़ से प्रभावित पचास गांवों में नहीं पहुंची सरकारी मदद
धौरहरा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद लखीमपुर की नदियों में पानी छोड़े जाने से तहसील धौरहरा क्षेत्र में हालात बेकाबू हैं। घाघरा और शारदा नदी में आई बाढ़ से तहसील क्षेत्र के करीब पचास गांव प्रभावित हैं। नदी के किनारे के गांवों में बाढ का पानी भर गया है। बाढ़ पीड़ितों के सामने खाना पानी की समस्या खड़ी हो गयी है।
तहसील क्षेत्र में घाघरा और शारदा नदियां तबाही मचा रहीं हैं। घाघरा व शारदा नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। रैनी, इकबालपुरवा, शारदा नदी के पार बसे समदहा, खनवापुर, लखपेड़ा, कैरातीपुरवा, मिलिक, बैलागढ़ी,चकदहा, ओझापुरवा, पोखरा, मांझा सुमाली सहित 50 गांव प्रभावित हैं। नदी के उस पार बसे समदहा और चकदहा गांव में हालत ज्यादा नाजुक हैं और तहसील प्रशासन की तरफ से अब तक कोई राहत सामग्री भी नही दी गई है। बाढ़ पीड़ित छप्परों व छतों का सहारा लिए हुए हैं। तहसील प्रशासन ने सिर्फ बाढ़ का अलर्ट जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। बाढ़ से गांवों तक पहुंचने वाले सभी रास्ते बंद हो गए हैं। रास्तों पर कई फीट पानी चल रहा है। ईसानगर के लखपेड़ा गांव मे कई कच्चे घर गिर गए हैं।
तहसीलदार संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि तहसील क्षेत्र के छह गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। संवाद