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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची शारदा

Thu, 26 Aug 2021 11:41 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 11:41 PM IST
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पलिया के इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दो दिनों से शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। बनबसा बैराज से 70 हजार क्यूसेक से अधिक पानी रिलीज होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी चलने लगा है। जिससे अब यह रास्ता लगभग बंद हो चुका है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर है।
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दो दिनों से बनबसा बैराज से पानी की रिलीजिंग 70 हजार क्यूसेक से अधिक की हो रही है। जिसके चलते शारदा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जल आयोग के मुताबिक बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर ऊपर 154.570 सेंटीमीटर था। नदी का पानी इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर एक बार फिर से चलने लगा है। जिससे यह रास्ता बंद हो गया है और ग्रामीण लंबा चक्कर काटकर भीरा होकर इमलिया फार्म जाने को विवश हैं। अन्य कई गांवों का संपर्क मार्ग होने के कारण अब उनको भी भीरा होकर पलिया तक का सफर तय करना पड़ रहा है। जिससे समय के साथ ही अन्य परेशानियां उठानी पड़ रहीं हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण श्रीनगर गांव के ग्रामीण खासे चिंतित हैं। नदी किनारे होने के कारण उनमें भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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मोहाना,करनाली नदी का जलस्तर घटा तो शुरू हुआ कटान
तिकुनियां। भारत नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना, करनाली, कौड़ियाला नदियों का जलस्तर बृहस्पतिवार को कम हो गया जिससे नदी किनारे बसे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। उधर नदी का जलस्तर कम होते ही नदियों ने कटान शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीणों पर दोहरी मार पड़ रही है।
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ग्रामीणों का कहना है नदियां भूकटान कर कई लोगों को बेघर और भूमिहीन बना रहीं हैं। भारत नेपाल सीमा पर मोहाना नदी ने कटान करके इलाके का भूगोल ही बदल दिया है। कटान से बॉर्डर पर बसे ग्रामीणों के लिए रोजी रोटी का संकट बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसके चलते गांव में पानी घुसने लगा था नदी किनारे का गांव नया पिंड जलमग्न हो गया था।
गुरुवार को जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन गांव तक आने-जाने के लिए ग्रामीणों को अब भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
मोहाना नदी किनारे के गांव गंगानगर, रामनगर, इंदिरा नगर, पुरबिया बस्ती में कटान शुरू हो गया है। यहां के ग्रामीण भयभीत हैं और अपना सामान समेट कर पलायन की तैयारी कर रहे हैं। संवाद
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बाढ़ के चलते शाहीपुर गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
धनगढ़ी (नेपाल)। कैलाली जिले के टीकापुर नगर पालिका के तहत कर्णाली नदी के कटान के चलते वार्ड पांच के शाहीपुर गांव में बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
सीमा से लगे कैलाली जिले की टीकापुर नगर पालिका के तहत कर्णाली नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद वार्ड पांच के शाहीपुर गांव की तरफ नदी ने तेजी से कटान शुरू कर दिया है। गांवों में पानी भरने के खतरे को लेकर जिला प्रशासन ने गांव के लोगों को टीकापुर नगर पालिका में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
वार्ड आठ अध्यक्ष ठकुल्ला ने बताया कि इसके अलावा वार्ड सात सत्ती बाजार, वार्ड आठ सूर्यपुर, विष्णु और कांतिपुर गांव में भी खतरा बना हुआ है। कटान रोकने का प्रयास प्रशासन कर रहा है।

टीकापुर प्रशासन कार्यालय के प्रमुख मोहनराज जोशी ने बताया कि नदी कटान रोकने का प्रयास जारी है। इससे पूर्व भी एक पखवाड़ा पूर्व नेपाली सेना, नेपाल एपीएफ, नेपाल पुलिस, रानी जमरा कुलरिया आयोजना समेत स्थानीय लोगों ने नदी कटान रोकने को लेकर प्रयास किए थे। अब नदी के किनारे बसे ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। संवाद
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