{"_id":"66e5e35543ac3fa88209b166","slug":"flood-water-entered-palia-70-villages-submerged-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1003-129057-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: पलिया में घुसा बाढ़ का पानी, 70 गांव जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: पलिया में घुसा बाढ़ का पानी, 70 गांव जलमग्न
विज्ञापन
गांव में भरा पानी बैलगाड़ी पर बच्चे। संवाद
लखीमपुर खीरी। बारिश और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से उफनाई शारदा, मोहाना और घाघरा नदियों का पानी पलिया, बिजुआ, तिकुनिया और धौरहरा इलाके के 70 से अधिक गांवों में घुस गया है।
कई गांवों में लोग छतों पर डेरा जमाए हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ी पर पन्नी तानकर गुजारा कर रहे हैं। शारदा नदी का पानी पलिया नगर में प्रवेश कर गया है। पलिया-भीरा मार्ग पर पानी बहने से आवागमन बंद है। उफनाई मोहाना नदी का पानी तिकुनिया क्षेत्र के 12 गांवों में पहुंच गया है।
ग्राम पंचायत खैरेटिया के मजरा गांव नया पिंड के बाढ पीड़ित खैरेटिया गुरुद्वारा में आ गए हैं। नदी के किनारे बसे गांव दीपनगर, रघुनगर, गंगानगर, रननगर, इंदर नगर, टांडा, रघुनंदन पुरवा, जनकपुर, कौड़ियाला, बाबापुरवा, जसनगर और नया पिंड गांव के लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है। तहसीलदार हरेराम नया पिंड गांव पहुंचे। स्थिति का जायजा लिया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
तिकुनिया मंडी से संपर्क कटा
तिकुनिया गंगानगर मार्ग, तिकोनिया रननगर मार्ग, खखरौला मार्ग, इंदर नगर मार्ग, गुरुद्वारा कौड़ियाला मार्ग और खैरेटिया मार्ग पर एक से दो फुट पानी बह रहा है। जिसके चलते लोगों का आवागमन रात से ठप है।
-- -- -- -- -- --
20 गांवों में भरा बाढ़ का पानी, ग्रामीणों का छतों पर बसेरा
बिजुआ। लगातार हो रही बारिश और बनबसा बांध से छोड़े गए पानी से उफनाई शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में पानी भर गया है। घर गृहस्थी का सारा सामान भीग गया है। लोग छतों तथा ऊंचे स्थानों पर रहकर समय काट रहे हैं।
बाढ़ का पानी जंगल नंबर सात, ग्राम पंचायत शाहपुर का मजरा कुंअरपुर, बझेड़ा, रेवतीपुरवा, रमेश्वरापुर, रैनागंज, रामनगर, चंदपुरा, रड़ाबाजार, बेलहा सिकटिहा, करसौर, हजूरपुरवा, बेंचेपुरवा, रुरासुल्तानपुर, पूजागांव आषाढ़ी, मुड़िया पूजागांव, जौहरा, गुजारा, सिंघिया, मेंहदी आदि गांवों के घरों में पानी घुस गया है।
-- -- -- -- -- -- --
एसडीएम ने बांटे लंच पैकेट
एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता ने लेखपाल अविनाश मिश्रा तथा अमन कुमार सत्यार्थी को साथ लेकर बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेट बंटवाए। लेखपालों की चौबीस घंटे के लिए बाढ़ प्रभावित गांवों में ड्यूटी लगाई गई है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
-- -- -- -- -- -
आवागमन का साधन केवल नाव
रमियाबेहड़। घाघरा का जल स्तर बढ़ने से नदी का पानी गांव रामनगर बगहा, नरेंद्रनगर बेली, बोकरिहा, महादेव, बंगाली कॉलोनी, गोतेबाज पुरवा, सेमरापुरवा, रंजीतनगर तथा बदनपुरवा आदि कई गांवों में पहुंच गया है।
देवीपुरवा में जबरदस्त कटान कर सैकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को निगलते हुए घाघरा नदी आबादी की तरफ बढ़ रही है। कुर्तैहा के निकट 2016 में बनी बोल्डर परियोजना पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से राहगीरों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रामनगर बगहा, सुजानपुर और खैरीपुरवा में सड़क पर पानी चल रहा है। वहीं रामनगर-मोटेबाबा के मध्य सड़क पर तेज बहाव के साथ पानी इतना ज्यादा हो गया, पार करने के लिए शुक्रवार से राहगीर नाव पर सवार होकर गुजरने को मजबूर हो गए। नाव संचालक प्रति व्यक्ति 30 रुपये वसूल रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -
धौरहरा क्षेत्र के 20 गांवों में भरा बाढ़ का पानी
धौरहरा। धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, डुंडकी, रुद्रपुर, बंशीबेली, बनटुकरा, मांझासुमाली, समदहा, गौढ़ी मिलिक, सधुवापुर बेतीसहदेव रामलोक, गनापुर, दुर्गापुर पड़री, डाबर, जंगलमटेरा सहित करीब बीस गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। लोगों के घरों में दो फुट पानी भरा होने से घरों में चूल्हे नहीं जल रहे। एसडीएम ने इन ग्रामीणों को अलर्ट करते हुए गांवों में बाढ़ राहत टीमें भेजी थीं। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व टीम नाविकों के साथ मौजूद है। सभी बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कई गांवों में लोग छतों पर डेरा जमाए हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ी पर पन्नी तानकर गुजारा कर रहे हैं। शारदा नदी का पानी पलिया नगर में प्रवेश कर गया है। पलिया-भीरा मार्ग पर पानी बहने से आवागमन बंद है। उफनाई मोहाना नदी का पानी तिकुनिया क्षेत्र के 12 गांवों में पहुंच गया है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत खैरेटिया के मजरा गांव नया पिंड के बाढ पीड़ित खैरेटिया गुरुद्वारा में आ गए हैं। नदी के किनारे बसे गांव दीपनगर, रघुनगर, गंगानगर, रननगर, इंदर नगर, टांडा, रघुनंदन पुरवा, जनकपुर, कौड़ियाला, बाबापुरवा, जसनगर और नया पिंड गांव के लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है। तहसीलदार हरेराम नया पिंड गांव पहुंचे। स्थिति का जायजा लिया।
विज्ञापन
तिकुनिया मंडी से संपर्क कटा
तिकुनिया गंगानगर मार्ग, तिकोनिया रननगर मार्ग, खखरौला मार्ग, इंदर नगर मार्ग, गुरुद्वारा कौड़ियाला मार्ग और खैरेटिया मार्ग पर एक से दो फुट पानी बह रहा है। जिसके चलते लोगों का आवागमन रात से ठप है।
20 गांवों में भरा बाढ़ का पानी, ग्रामीणों का छतों पर बसेरा
बिजुआ। लगातार हो रही बारिश और बनबसा बांध से छोड़े गए पानी से उफनाई शारदा नदी के किनारे बसे गांवों में पानी भर गया है। घर गृहस्थी का सारा सामान भीग गया है। लोग छतों तथा ऊंचे स्थानों पर रहकर समय काट रहे हैं।
बाढ़ का पानी जंगल नंबर सात, ग्राम पंचायत शाहपुर का मजरा कुंअरपुर, बझेड़ा, रेवतीपुरवा, रमेश्वरापुर, रैनागंज, रामनगर, चंदपुरा, रड़ाबाजार, बेलहा सिकटिहा, करसौर, हजूरपुरवा, बेंचेपुरवा, रुरासुल्तानपुर, पूजागांव आषाढ़ी, मुड़िया पूजागांव, जौहरा, गुजारा, सिंघिया, मेंहदी आदि गांवों के घरों में पानी घुस गया है।
एसडीएम ने बांटे लंच पैकेट
एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता ने लेखपाल अविनाश मिश्रा तथा अमन कुमार सत्यार्थी को साथ लेकर बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेट बंटवाए। लेखपालों की चौबीस घंटे के लिए बाढ़ प्रभावित गांवों में ड्यूटी लगाई गई है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
आवागमन का साधन केवल नाव
रमियाबेहड़। घाघरा का जल स्तर बढ़ने से नदी का पानी गांव रामनगर बगहा, नरेंद्रनगर बेली, बोकरिहा, महादेव, बंगाली कॉलोनी, गोतेबाज पुरवा, सेमरापुरवा, रंजीतनगर तथा बदनपुरवा आदि कई गांवों में पहुंच गया है।
देवीपुरवा में जबरदस्त कटान कर सैकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को निगलते हुए घाघरा नदी आबादी की तरफ बढ़ रही है। कुर्तैहा के निकट 2016 में बनी बोल्डर परियोजना पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से राहगीरों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रामनगर बगहा, सुजानपुर और खैरीपुरवा में सड़क पर पानी चल रहा है। वहीं रामनगर-मोटेबाबा के मध्य सड़क पर तेज बहाव के साथ पानी इतना ज्यादा हो गया, पार करने के लिए शुक्रवार से राहगीर नाव पर सवार होकर गुजरने को मजबूर हो गए। नाव संचालक प्रति व्यक्ति 30 रुपये वसूल रहे हैं।
धौरहरा क्षेत्र के 20 गांवों में भरा बाढ़ का पानी
धौरहरा। धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, डुंडकी, रुद्रपुर, बंशीबेली, बनटुकरा, मांझासुमाली, समदहा, गौढ़ी मिलिक, सधुवापुर बेतीसहदेव रामलोक, गनापुर, दुर्गापुर पड़री, डाबर, जंगलमटेरा सहित करीब बीस गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। लोगों के घरों में दो फुट पानी भरा होने से घरों में चूल्हे नहीं जल रहे। एसडीएम ने इन ग्रामीणों को अलर्ट करते हुए गांवों में बाढ़ राहत टीमें भेजी थीं। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व टीम नाविकों के साथ मौजूद है। सभी बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं।

गांव में भरा पानी बैलगाड़ी पर बच्चे। संवाद