{"_id":"613a50b28ebc3e83aa162058","slug":"flood-situation-in-the-district-intensified-due-to-the-decrease-in-the-normal-water-level-lakhimpur-news-bly4589999158","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में बाढ़ की स्थिति सामान्य, जलस्तर घटने से भूकटान तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में बाढ़ की स्थिति सामान्य, जलस्तर घटने से भूकटान तेज
विज्ञापन
चकपुरवा गांव में भरा बाढ़ का पानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि योग्य भूमि के कटने से किसानों के सामने आएगा रोजी-रोटी का संकट
विज्ञापन
कई गांवों में हो रहे कटान से कई परिवारों के बेघर होने का मंडरा रहा है खतरा
लखीमपुर खीरी। जिले में बाढ़ की स्थिति लगभग सामान्य हो गई है तो वहीं नदियों का जलस्तर घटने से भूकटान में तेजी आ रही है। इससे कई गांवों में हो रहे कटान से कई परिवारों के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। कृषि योग्य भूमि के लगातार कटने से किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना और करनाली नदियां चौगुर्जी और पुरबिया बस्ती में कटान कर रही हैं। कटान की जद में आए घरों में रहने वाले लोग अपने हाथों अपने घर उजाड़कर पलायन कर रहे हैं।
जिले में बहने वाली शारदा, घाघरा और मोहाना आदि नदियों के जलस्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। यही कारण है कि भूकटान में तेजी आ रही है। बृहस्पतिवार को शारदा बैराज पर शारदा नदी का जलस्तर 134.95 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान 135.49 से 0.54 मीटर नीचे है, जबकि गिरजा बैराज पर घाघरा नदी का जलस्तर 135.45 मीटर दर्ज किया गया। यह जलस्तर खतरे के निशान से 136.78 से 1.33 मीटर नीचे है।
विज्ञापन
चकपुरवा में भूकटान तेज, गांव की तरफ बढ़ रही शारदा
बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा मे कटान तेज हो गया है। ज्यों-ज्यों शारदा नदी का जलस्तर घट रहा है त्यों त्यों कटान बढ़ रहा है। कटान करते हुए नदी गांव के बिल्कुल नजदीक आ गई है। गांव जाने वाली रोड आधी कट गई है। चकपुरवा निवासी मुखिया यादव के अनुसार पिछले साल भी नदी ने गांव को निशाना बनाया था लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पर्क्युपाइन डलवाकर नदी का रुख दूसरी तरफ मोड़ दिया था। इससे गांव कटने से बच गया था। इस बार फिर एक बार शारदा नदी ने गांव की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड शारदा नगर के जेई सत्यवान वर्मा ने बताया कि कटान रुक गया था, लेकिन नदी का जलस्तर कम होने से एकाएक कटान बढ़ गया है। कटान को देखते हुए मजदूरों की संख्या बढ़ा दी है। गांव को बचाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान भगौती प्रसाद का कहना है कि जितने मजदूरों की आवश्यकता पडे़गी भेजे जाएंगे। गांव वाले भी सहयोग कर रहे हैं। संवाद
बाढ़ क्षेत्र में पहुंची रेडक्रॉस सोसायटी, बांटी राहत सामग्री
धौरहरा। बुधवार को ईसानगर क्षेत्र के मंडूरा और रोटिहा समेत पड़ोसी जिला सीतापुर के ब्लॉक बेहटा क्षेत्र के गांव नकहा में बाढ़ पीड़ित परिवारों का इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की एक टीम सर्वे करनी पहुंची। जिला कोऑर्डिनेटर आरती श्रीवास्तव और उनकी टीम ने करीब 150 लोगों को बाढ़ राहत सामग्री बांटी। आरती श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ व कटान से अत्यधिक प्रभावित ईसानगर ब्लॉक के ग्राम मंडूरा, ग्राम नकहा में इनोवेशन फॉर चेंज, इनरव्हील क्लब ऑफ लखीमपुर नवदिशा के सहयोग से खाद्य सामग्री का वितरण किया गया है। मंडूरा ग्राम के आगे ग्राम नकहा, जो जिला सीतापुर की सीमा में आता है, पूरा गांव बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। वहां पर झुग्गियों में रह रहे पीड़ित परिवारों की स्थिति बेहद खराब है। रेडक्रास और इनोवेशन फॉर चेंज के स्वयंसेवियों ने दो जगह नाव पर बैठकर व तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्राम नकहा के बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाई। संवाद
विज्ञापन
कई गांवों में हो रहे कटान से कई परिवारों के बेघर होने का मंडरा रहा है खतरा लखीमपुर खीरी। जिले में बाढ़ की स्थिति लगभग सामान्य हो गई है तो वहीं नदियों का जलस्तर घटने से भूकटान में तेजी आ रही है। इससे कई गांवों में हो रहे कटान से कई परिवारों के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। कृषि योग्य भूमि के लगातार कटने से किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। तिकुनिया क्षेत्र में मोहाना और करनाली नदियां चौगुर्जी और पुरबिया बस्ती में कटान कर रही हैं। कटान की जद में आए घरों में रहने वाले लोग अपने हाथों अपने घर उजाड़कर पलायन कर रहे हैं।
जिले में बहने वाली शारदा, घाघरा और मोहाना आदि नदियों के जलस्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। यही कारण है कि भूकटान में तेजी आ रही है। बृहस्पतिवार को शारदा बैराज पर शारदा नदी का जलस्तर 134.95 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान 135.49 से 0.54 मीटर नीचे है, जबकि गिरजा बैराज पर घाघरा नदी का जलस्तर 135.45 मीटर दर्ज किया गया। यह जलस्तर खतरे के निशान से 136.78 से 1.33 मीटर नीचे है।
विज्ञापन
चकपुरवा में भूकटान तेज, गांव की तरफ बढ़ रही शारदा
बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा मे कटान तेज हो गया है। ज्यों-ज्यों शारदा नदी का जलस्तर घट रहा है त्यों त्यों कटान बढ़ रहा है। कटान करते हुए नदी गांव के बिल्कुल नजदीक आ गई है। गांव जाने वाली रोड आधी कट गई है। चकपुरवा निवासी मुखिया यादव के अनुसार पिछले साल भी नदी ने गांव को निशाना बनाया था लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पर्क्युपाइन डलवाकर नदी का रुख दूसरी तरफ मोड़ दिया था। इससे गांव कटने से बच गया था। इस बार फिर एक बार शारदा नदी ने गांव की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड शारदा नगर के जेई सत्यवान वर्मा ने बताया कि कटान रुक गया था, लेकिन नदी का जलस्तर कम होने से एकाएक कटान बढ़ गया है। कटान को देखते हुए मजदूरों की संख्या बढ़ा दी है। गांव को बचाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। ग्राम प्रधान भगौती प्रसाद का कहना है कि जितने मजदूरों की आवश्यकता पडे़गी भेजे जाएंगे। गांव वाले भी सहयोग कर रहे हैं। संवाद