फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Flood risk increased in many villages

Lakhimpur Kheri News: कई गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा

Sat, 14 Sep 2024 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2024 01:21 AM IST
विज्ञापन
Flood risk increased in many villages
पलिया की अतरिया क्रासिंग के पास ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर रोका गया ट्रैफिक। संवाद
पलियाकलां। लगातार बारिश और बनबसा बैराज से दोपहर तीन बजे तक चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से एक बार फिर पलिया क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालांकि अभी गांवों में पानी तो नहीं आया है, लेकिन देर रात तक पानी घुसने की आशंका से लोग परेशान हैं। प्रशासन की ओर से सूचना प्रसारित कराकर ग्रामीणों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
विज्ञापन


बनबसा बैराज से बृहस्पतिवार रात नौ बजे 90 हजार क्यूसेक पानी शारदा नदी में पास किया गया। यह आंकड़ा रात 12 बजे तक एक लाख और सुबह सात बजे डेढ़ लाख क्यूसेक हो गया। अब तक चार लाख 19 हजार क्यूसेक पानी पास किया जा चुका है। यह पानी देर रात तक शारदा नदी में आने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन

इससे पहले शुक्रवार सुबह से ही पलिया-भीरा मार्ग पर बाढ़ का पानी सड़क क्रॉस कर बहने लगा। प्रशासन ने इस मार्ग पर पूरी तरह से आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते शारदा पुल और अतरिया क्रॉसिंग पर वाहनों की लाइनें लगी रहीं। हालांकि अतरिया क्रॉसिंग से नाव के जरिये लोगों का आवागमन शारदा पुल तक जारी रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------



गोविंदनगर, खजुरिया के अलावा बाढ़ग्रस्त गांवों में पिटवाई डुग्गी

प्रशासन ने सबसे पहले बाढ़ प्रभावित होने वाले गोविंदनगर व भानपुरी खजुरिया में डुग्गी पिटवाकर गांव को खाली करने की अपील की। लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया। देर शाम छह बजे से पहले ही पूरा गांव खाली करने की अपील की गई। जिसके बाद ग्रामीण अपना-अपना सामान लेकर ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए जाते दिखे। अतरिया गांव में भी एनाउंस कर पलिया-भीरा मार्ग से आवागमन न करने की अपील की गई।
------------



अभी बनाया और फिर उजाड़ना पड़ा आशियाना

पलियाकलां। पलिया-भीरा मार्ग पर अतरिया गांव के ग्रामीणों को हर साल संकट झेलना पड़ता है। इन ग्रामीणों का कहना है कि न तो इनको सरकारी इमदाद मिलती है और न ही लंच पैकेट दिए जाते हैं। पीड़ितों ने बताया कि हर बार पानी का जलस्तर बढ़ने से उनके घरों में दो से तीन फुट पानी भर जाता है। रेलवे लाइन कटने से धार सीधी सड़क पर आती है और सड़क किनारे रहने के कारण बाढ़ का पानी हर बार उनके आशियानों को तोड़ता है। हर बार वह जी-तोड़ मेहनत कर अपना आशियाना बनाते हैं और फिर नुकसान झेलना पड़ता है।


--------------------------------

बनबसा बैराज से चार लाख से अधिक क्यूसेक पानी पास किए जाने के बाद गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तहसीलदार के साथ ही लेखपालों की टीमों को लगाया गया है। प्रत्येक बाढ़ प्रभावित गांवों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए प्रचार किया जा रहा है, ताकि वह ऊंचे स्थानों पर पहुंचे।

कार्तिकेय सिंह, एसडीएम पलिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed