फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Flood of faith: Jalabhishek with Argha for two and a half hours

आस्था का सैलाब : ढाई घंटे अरघे से जलाभिषेक

Mon, 03 Aug 2026 11:40 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Mon, 03 Aug 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
Flood of faith: Jalabhishek with Argha for two and a half hours
गोला में सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
गोला गोकर्णनाथ (खीरी) । सावन के पहले सोमवार को छोटी काशी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पौराणिक शिव मंदिर के द्वार ब्रह्म मुहूर्त में रात्रि तीन बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इससे पहले ही स्टेशन मार्ग से कॉरिडोर के मुख्य द्वार तक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की लंबी कतारें लग गई थीं।
विज्ञापन

भीड़ का दबाव अधिक होने पर गर्भगृह के दोनों द्वारों पर अरघा लगाकर करीब ढाई घंटे तक जलाभिषेक कराया गया। भीड़ सामान्य होने पर अरघा हटा लिया गया। देर रात तक दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा। शृंगार पूजा, भोग और शयन पूजा के बाद मंदिर बंद किए गए।
विज्ञापन

सावन के पहले सोमवार पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने गोकर्ण तीर्थ में आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेले की सुरक्षा और व्यवस्थाओं में एसडीएम युगांतर त्रिपाठी, सीओ महक शर्मा, विधायक अमन गिरि, नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू समेत जिला प्रशासन, पुलिस बल, नगर पालिका कर्मी और वालंटियर पूरे दिन तैनात रहे। दोपहर में आईजी जोन लखनऊ किरण एस ने एसपी डॉ. ख्याति गर्ग के साथ मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
---------
फूल बरसाकर किया शिवभक्तों का स्वागत

मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरि, नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, धर्मेंद्र गिरि मोंटी और नगरवासियों ने शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। वहीं सुबह करीब 10 बजे एक श्रद्धालु कीलों जड़े बिछौने पर लेटकर दंडवत करते हुए मंदिर पहुंचा। उसकी शिवभक्ति देखकर श्रद्धालु भावुक हो गए।
--------------------
दो दर्जन ई-रिक्शों का चालान, एसडीएम बोले- दोपहर दो बजे तक 60 हजार ने किए दर्शन
मुख्य मार्ग पर नो-एंट्री का उल्लंघन करने पर यातायात पुलिस ने करीब दो दर्जन ई-रिक्शों का चालान किया। एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराए गए। मंदिर खुलने के समय भीड़ अधिक होने से ढाई घंटे तक अरघे से जलाभिषेक कराया गया। दोपहर दो बजे तक करीब 60 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। प्रत्येक ड्यूटी प्वाइंट पर पुलिस, नगर पालिका परिषद और राजस्व विभाग के कर्मचारी तैनात रहे।
-----
तीर्थ तक पहुंचना हुआ मुश्किल, दुकानदारों की ग्राहकी रही प्रभावित
---श्रद्धालुओं को 300 मीटर अतिरिक्त चलना पड़ा, बैरीकेडिंग के कारण झेलीं मुसीबतें
संवाद न्यूज एजेंसी
गोला गोकर्णनाथ। सावन मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए की गई बैरीकेडिंग और रूट व्यवस्था ने श्रद्धालुओं, पंडा-पुरोहितों, दुकानदारों और रोडवेज यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। तीर्थ तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 300 मीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ा, जबकि बैरीकेडिंग के कारण मंदिर परिसर की करीब 25 फूल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और प्रसाद की दुकानों पर ग्राहकी प्रभावित रही।
सावन के पहले सोमवार को आंबेडकर तिराहे के पास बोल्डर और बांस लगाकर तथा शिव मंदिर परिसर में टिन की चादरों की बैरीकेडिंग कर पुराने मार्ग को बंद कर दिया गया। इसके स्थान पर तीर्थ परिसर की ओर नया मार्ग खोला गया। वहीं रोडवेज का अस्थायी बस अड्डा मोहम्मदी मार्ग बाइपास स्थित सत्यप्रकाश अग्रवाल की राइस मिल में बनाया गया, जहां से बसों का संचालन हुआ। एआरएम महेश चंद्र कमल ने बताया कि बसों का संचालन राइस मिल से किया गया, लेकिन जगह की दिक्कत रही।
गोकर्ण तीर्थ को चारों ओर से बैरीकेडिंग कर श्रद्धालुओं के लिए नीलकंठ मैदान से होकर वैकल्पिक रास्ता बनाया गया। इससे श्रद्धालुओं को तीर्थ तक पहुंचने के लिए करीब 300 मीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। इस व्यवस्था से पंडा-पुरोहितों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंदिर परिसर में सघन बैरीकेडिंग के कारण मेला कार्यालय के पीछे लगी पानी की टोंटियों तक जाने का रास्ता भी टिन की बाड़ लगाकर बंद कर दिया गया। विस्तृत परिसर में शिव मंदिर के निकट केवल एक स्थान पर पेयजल की व्यवस्था थी, लेकिन वहां भी रस्सी लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया। ऐसे में श्रद्धालु पाइप से पानी भरते नजर आए। शौचालय भी मंदिर परिसर से बाहर नीलकंठ मैदान में होने के कारण श्रद्धालुओं, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों, कर्मचारियों, दुकानदारों और पंडा-पुरोहितों को पेयजल और शौचालय के लिए दिक्कत उठानी पड़ी।
मंदिर परिसर में फूल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और प्रसाद बेचने वाले करीब 25 दुकानदारों की दुकानदारी भी प्रभावित रही। प्रशासन ने दुकानों के सामने बनी दीर्घा में श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया और बैरीकेडिंग से करीब पांच फुट पीछे दुकान लगाने के निर्देश दिए। इससे श्रद्धालु दुकानों तक नहीं पहुंच सके। दुकानदार महेश सैनी, नंदू गिरि, रामगोपाल, सावन सैनी, श्याम बिहारी गिरि और सुभाष गिरि ने बताया कि सामान्य तौर पर रविवार और सोमवार को आठ से दस हजार रुपये तक की बिक्री होती थी, लेकिन इस बार दोनों दिनों में दो हजार रुपये की बिक्री भी मुश्किल रही।
सोमवार को मंदिर परिसर का निकासी पाइप गोकर्ण तीर्थ में गिरता दिखाई दिया। पानी निकासी की इस व्यवस्था पर लोगों ने नाराजगी जताई।
----------------
अस्थायी बस अड्डे पर भी यात्रियों को हुई परेशानी
सावन मेले के दौरान रोडवेज का अस्थायी बस अड्डा मोहम्मदी मार्ग बाइपास स्थित सत्यप्रकाश अग्रवाल की राइस मिल में बनाया गया। यहीं से बसों का संचालन हुआ। एआरएम महेश चंद्र कमल ने बताया कि बस संचालन सुचारु रहा, लेकिन स्थान कम होने से यात्रियों और बसों के संचालन में दिक्कत आई।

-------
बैरीकेडिंग से बाजार भी रहा सूना
मंदिर परिसर में दुकानों के सामने बैरीकेडिंग और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक का सीधा असर कारोबार पर पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि सामान्य दिनों में पहले सोमवार पर आठ से दस हजार रुपये तक की बिक्री होती थी, लेकिन इस बार दोनों दिनों में दो हजार रुपये की बिक्री भी मुश्किल रही। दुकानदारों ने बताया कि श्रद्धालु दुकानों तक पहुंच ही नहीं पाए, जिससे अधिकांश समय दुकानें सूनी रहीं।

गोला में सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद

गोला में सावन के पहले सोमवार पर शिव मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed