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छह लोगों की मौत से दहशत में ग्रामीण... तो, गांव में चारों तरफ फैली गंदगी

Thu, 25 Aug 2022 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 01:21 AM IST
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filth in the village
मोहम्मदी। सीएचसी क्षेत्र के बसविरवा गांव में रहस्यमयी बुखार ने छह लोगों की जान ले ली है, जबकि 60 से ज्यादा लोग बीमार हैं। गांव में घुसते ही चारों तरफ गंदगी का अंबार है। जगह-जगह जलभराव और गंदगी है, जबकि कूड़े का ढेर लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार कहने के बावजूद सफाईकर्मी नहीं आते। वहीं, विधायक के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम और नगर पालिका की टीम भी हरकत में आ गई और सफाई करवाना शुरू करा दिया।
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पूरे गांव में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गलियों में जलभराव है तो नालियों की महीनों से सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां कोई सफाई करना आता ही नहीं है। ब्लॉक वाले कहते नगर पालिका सफाई करेगी तो नगर पालिका वाले कहते हैं ब्लॉक के लोग सफाई करवाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव जल्द ही नगर पालिका मोहम्मदी के दायरे में आया है। संक्रामक बुखार से बसबिरवा में हुई मौतों के मामले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बरसात का मौसम है। नगर के कई मोहल्ले संक्रामक बुखार जैसी बीमारियों से घिरे हैं, जबकि पालिका परिषद द्वारा अभी तक कई मोहल्लों में दवा का छिड़काव ही नहीं कराया गया है। अधिशासी अधिकारी पीएन दीक्षित ने मामले में तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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गांव में नहीं देखी कभी इतनी बड़ी बीमारी
मोहम्मदी। गांव के राम सहारे, नरेंद्र पाल, रामबीर पाल का कहना है की गांव में इतनी बड़ी बीमारी कभी नहीं फैली। पहली बार बुखार से इतने लोगों की मौत से गांव वाले दहशत में हैं। 10 से 15 मिनट में मौत हो जा रही है। हर घर में दो-चार लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जाड़ा लगकर तेज बुखार आता है और उसके बाद पेट में दर्द होता है, इसी बीच उसकी मौत हो जाती है।
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गांव के ही प्रेम रतन ने बताया कि शनिवार को सीएचसी अधीक्षक को प्रार्थनापत्र दिया था और एक प्रार्थनापत्र जांच टीम को दिया था कि गांव में बीमारी फैल रही है, लेकिन कोई संतोषजनक उपाय नहीं मिला। उमेश पाल ने बताया कि अपनी पुत्री नैंसी 12 वर्षीय की जांच कराई थी। उन्हें रिपोर्ट नहीं मिली और न दवा दी गई। 15 वर्षीय ज्ञानू ने बताया कि उनकी जांच हुई थी मगर रिपोर्ट और दवा नहीं दी गई। सात वर्षीय साधना देवी की भी जांच और रिपोर्ट नहीं मिली। अधीक्षक डॉ मयंक मिश्रा का कहना है कि गांव में शनिवार को एक टीम गई थी। लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए और दवाएं दी गईं।
एक ही परिवार में देवरानी और जेठानी की मौत
मोहम्मदी। गांव वाले बताते हैं कि मृतक रामश्री और मुन्नी देवी आपस में देवरानी और जेठानी है। सोमवार को मुन्नी देवी को शाम छह बजे बुखार के बाद इलाज के लिए ले जाया जा रहा था लेकिन शाहजहांपुर के हथौड़ा चौराहे पर ही उनकी मौत हो गई। इसी तरह मंगलवार की शाम जेठानी रामश्री की भी मौत हो गई। रामश्री के लड़के अशोक ने बताया कि उनकी मां की जांच हुई थी। वह मलेरिया पॉजिटिव थीं और उन्हें टायफाइड भी था। फिलहाल सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इसके अलावा 60 से ज्यादा लोग बीमार हैं।

गांव में बनाया गया कंट्रोल रूम
घटना की जानकारी लगते हैं पालिका प्रशासन हरकत में आया और गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव कराया गया है। पुराने कूड़े के अंबार को हटवाया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर मयंक मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में फीवर वार्ड की व्यवस्था की गई है। कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो मरीज बुखार जाने से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाएगा। स्वास्थ्य टीम देख रही है। गांव में स्वास्थ्य कर्मी की टीम ने 72 मरीजों के सैंपल लिए और उन्हें दवाई दी लेकिन 2:00 बजे पूरी टीम गांव से चली आई थी। गांव वाले इंतजार ही करते रहे।
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