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फसल हमारी भाव तुम्हारा नहीं चलेगा नहीं चलेगा
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गोला गोकर्णनाथ। नगर में जहां एक ओर महात्मा गांधी की जयंती मनाई जा रही थी। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी और किसान मुक्तिधाम में गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन, गन्ना विकास समिति के गेट पर सिर मुड़वा रहे थे। कोतवाली पुलिस ने किसानों को रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। सूचना पर पहुंचे एसडीएम, सचिव और बजाज हिंदुस्तान शुगर मिल के अधिकारियों से दो घंटे तक वार्तालाप होने के बाद पदाधिकारियों ने सात दिन के अंदर गन्ने का सारा भुगतान कराने की मांग की, अन्यथा की स्थिति में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार की दोपहर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारी और किसान मुक्तिधाम में प्रदर्शन करने के लिए गन्ना और दरी लेकर एकत्र हुए। मुक्तिधाम में धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर राजेश कुमार यादव, एसआई शरद यादव दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। गांधी जयंती पर इस तरीके का प्रदर्शन रोकने का प्रयास करने लगे। किसान नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। किसान नेताओं ने ‘फसल हमारी-भाव तुम्हारा, नहीं चलेगा नहीं चलेगा’ नारे लगाते हुए कहा कि गन्ने का भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक तंगी और भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। बाजार में सन्नाटा पसरा है, किसानों के बच्चों की शादी ब्याह, पढ़ाई लिखाई प्रभावित हो रही है। ऊपर से बैंकों द्वारा वसूली के लिए आरसी जारी की जा रही है, जिससे किसान परेशान है। चीनी मिल द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन किया जा रहा है।
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम अखिलेश यादव, गन्ना विकास समिति सचिव नंदलाल, बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड के यूनिट हेड ओमपाल सिंह, लीगल मैनेजर एके पांडे मुक्तिधाम पहुंचे। वहां उनकी संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, नरेश सिंह भदौरिया सहित पदाधिकारियों और किसानों से दो घंटे तक बात हुई। इस दौरान किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों को हर जगह से खदेड़ा जा रहा है इसलिए मजबूरी में उन्हें मरघट में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांग करनी पड़ी है। काफी समझाने बुझाने के बाद किसान नेताओं ने कहा कि उनका सारा भुगतान सात दिन के अंदर मिल जाना चाहिए। अन्यथा की स्थिति में बड़ा आंदोलन होगा। संगठन के शाहजहांपुर जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह संधू, शिवदयाल वर्मा, सर्वेश, दर्शन कुमार, मनोज मौर्य, पवन कश्यप, बलसिंह यादव, ओमप्रकाश मौर्य, प्रेम वर्मा, सुरेश, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड के यूनिट हेड ओमपाल सिंह ने बताया कि चीनी की बिक्री एवं अन्य उत्पादों से प्राप्त धनराशि का 85 प्रतिशत गन्ना भुगतान में दिया जाता है। शादी-ब्याह, बीमारी, बच्चों की फीस जमा करने के लिए जरूरतमंद किसानों को वरीयता के आधार पर 50प्रतिशत आंशिक भुगतान डिमांड के आधार पर किया जाता है। जो धनराशि सरकार पर बकाया है। वह यदि मिल जाए तो मिल 31 अक्तूबर तक किसानों का सारा गन्ना भुगतान कर देगी।
एसडीएम अखिलेश यादव ने कहा कि जिन किसानों पर बैंक आरसी जारी कर रही है उन्हें सहूलियत दिलाने के लिए डीएम को पत्र लिखेंगे। अमीनों को भी निर्देशित किया जाएगा कि वह किसानों को परेशान न करें। एसडीएम के आश्वासन पर किसान नेता माने और धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
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बुधवार की दोपहर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारी और किसान मुक्तिधाम में प्रदर्शन करने के लिए गन्ना और दरी लेकर एकत्र हुए। मुक्तिधाम में धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर राजेश कुमार यादव, एसआई शरद यादव दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। गांधी जयंती पर इस तरीके का प्रदर्शन रोकने का प्रयास करने लगे। किसान नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। किसान नेताओं ने ‘फसल हमारी-भाव तुम्हारा, नहीं चलेगा नहीं चलेगा’ नारे लगाते हुए कहा कि गन्ने का भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक तंगी और भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। बाजार में सन्नाटा पसरा है, किसानों के बच्चों की शादी ब्याह, पढ़ाई लिखाई प्रभावित हो रही है। ऊपर से बैंकों द्वारा वसूली के लिए आरसी जारी की जा रही है, जिससे किसान परेशान है। चीनी मिल द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन किया जा रहा है।
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धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम अखिलेश यादव, गन्ना विकास समिति सचिव नंदलाल, बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड के यूनिट हेड ओमपाल सिंह, लीगल मैनेजर एके पांडे मुक्तिधाम पहुंचे। वहां उनकी संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, नरेश सिंह भदौरिया सहित पदाधिकारियों और किसानों से दो घंटे तक बात हुई। इस दौरान किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों को हर जगह से खदेड़ा जा रहा है इसलिए मजबूरी में उन्हें मरघट में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांग करनी पड़ी है। काफी समझाने बुझाने के बाद किसान नेताओं ने कहा कि उनका सारा भुगतान सात दिन के अंदर मिल जाना चाहिए। अन्यथा की स्थिति में बड़ा आंदोलन होगा। संगठन के शाहजहांपुर जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह संधू, शिवदयाल वर्मा, सर्वेश, दर्शन कुमार, मनोज मौर्य, पवन कश्यप, बलसिंह यादव, ओमप्रकाश मौर्य, प्रेम वर्मा, सुरेश, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड के यूनिट हेड ओमपाल सिंह ने बताया कि चीनी की बिक्री एवं अन्य उत्पादों से प्राप्त धनराशि का 85 प्रतिशत गन्ना भुगतान में दिया जाता है। शादी-ब्याह, बीमारी, बच्चों की फीस जमा करने के लिए जरूरतमंद किसानों को वरीयता के आधार पर 50प्रतिशत आंशिक भुगतान डिमांड के आधार पर किया जाता है। जो धनराशि सरकार पर बकाया है। वह यदि मिल जाए तो मिल 31 अक्तूबर तक किसानों का सारा गन्ना भुगतान कर देगी।
एसडीएम अखिलेश यादव ने कहा कि जिन किसानों पर बैंक आरसी जारी कर रही है उन्हें सहूलियत दिलाने के लिए डीएम को पत्र लिखेंगे। अमीनों को भी निर्देशित किया जाएगा कि वह किसानों को परेशान न करें। एसडीएम के आश्वासन पर किसान नेता माने और धरना प्रदर्शन समाप्त किया।