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Lakhimpur Kheri News: बाघ को पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ फंसी

Wed, 19 Nov 2025 11:21 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 19 Nov 2025 11:21 PM IST
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Female leopard trapped in cage set to capture tiger
संपूर्णानगर वन रेंज में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ। संवाद
संपूर्णानगर/पलियाकलां। संपूर्णानगर रेंज के सिंगाही खुर्द में बाघ को पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे में मंगलवार देर शाम मादा तेंदुआ फंस गई। इसका स्वास्थ्य परीक्षण बफर जोन की डीएफओ के समक्ष कराने के बाद कर्तनिया घाट में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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शुक्रवार की रात वृंदावन काॅलोनी निवासी 65 वर्षीय चंद्रिका प्रसाद पर बाघ ने हमला कर मार दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए सड़क जाम तक कर दी थी। मामले में आश्वासन के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया था। इधर, वन विभाग भी हिंसक वन्यजीव को पकड़े जाने के लिए सतर्क हो गया था और इसको लेकर पिंजरा लगाते हुए उसको जीपीएस से लैस किया था। इसी पिंजरे में मंगलवार की देर शाम साढ़े छह बजे एक मादा तेंदुआ फंस गई। बफर जोन की डीएफओ कीर्ति चौधरी ने बताया कि सिंगाही खुर्द बीट में लगाए गए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद हुई है। यहां पर पिंजरे में जीपीएस रीडिंग लगाई गई थी, इसके बाद मादा तेंदुए के कैद होने की पुष्टि हुई है।
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वन विभाग के रेंजर ललित कुमार समेत टीम ने मुआयना किया है। इसके बाद तेंदुए को पिंजरे समेत संपूर्णानगर रेंज परिसर लाया गया। यहां दुधवा के पशु चिकित्सक डाॅ. दयाशंकर द्वारा तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इसके बाद उसको अवमुक्त के लिए उपयुक्त भी पाया गया है। उधर रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद हुआ है। सूचना उच्चाधिकारियों को देने के साथ ही इसे कर्तनिया घाट जंगल भेजने की तैयारी की जा रही है।
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बुजुर्ग को मारने वाला बाघ अभी भी नहीं मिला

दुधवा बफर जोन क्षेत्र के अंतर्गत संपूर्णानगर क्षेत्र में पिछले एक वर्ष से कई बार बाघ व तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया। लेकिन वन विभाग को आज तक कोई भी सफलता नहीं मिली थी। ग्रामीणों में चर्चा है कि यह भी इत्तेफाक है कि मादा तेंदुआ भी जैसे-तैसे फंस गई, क्योंकि यह पिंजरा बाघ के लिए लगाया गया था।
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