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पिता ही वह संबल है, जो हर हालात में साथ रहता है
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अपने बड़े भाई अभिषेक व पिता अनूप पांडे के साथ एसडीएम अश्विनी पांडे
- फोटो : LAKHIMPUR
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फरधान। तीन महीने पहले एसडीएम भदोही बने थाना क्षेत्र के गांव सैदपुरभाऊ निवासी अश्विनी पांडे सफलता का श्रेय अपने पिता को देते हैं। इस फादर्स डे पर वह अपने पिता के संघर्षों को याद कर भावुक हो जाते हैं, उनका कहना है कि हर समय सुख, दुख और मुश्किल वक्त में पिता ही वह संबल है, जो हर हाल में साथ देता है। उन्होंने भी फादर्स डे पर अपने पिता को शुभकामनाएं भेजी हैं।
अश्विनी पांडे का कहना है कि उनके पिता अनूप पांडे आरटीओ ऑफिस में क्लर्क की नौकरी करते हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई लखीमपुर में ही हुई है। वह बताते हैं कि स्नातक की पढ़ाई के बाद सिविल की तैयारी के लिए उन्होंने जब अपने पिता से कहा तो उन्होंने पिता, भाई व दोस्त की भूमिका निभाते हुए आशीर्वाद दिया। वह कहते हैं कि पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद पहली पोस्टिंग भदोही जिले में उपजिलाधिकारी के पद पर तीन महीने पहले ही तैनाती हुई हैं। छुट्टी न मिलने के कारण वह फादर्स डे पर अपने पिता के साथ नहीं हैं, लेकिन उनका ऋण जीवन भर रहेगा।
उन्होंने फादर्स डे पर अपने पिता के लिए लंबी आयु की कामना की है। वहीं, अनूप पांडे भी अपने दोनों बेटों की सफलता पर गदगद हैं। उनका बड़ा बेटा सब इंस्पेक्टर तो छोटा बेटा एसडीएम। संवाद
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अश्विनी पांडे का कहना है कि उनके पिता अनूप पांडे आरटीओ ऑफिस में क्लर्क की नौकरी करते हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई लखीमपुर में ही हुई है। वह बताते हैं कि स्नातक की पढ़ाई के बाद सिविल की तैयारी के लिए उन्होंने जब अपने पिता से कहा तो उन्होंने पिता, भाई व दोस्त की भूमिका निभाते हुए आशीर्वाद दिया। वह कहते हैं कि पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद पहली पोस्टिंग भदोही जिले में उपजिलाधिकारी के पद पर तीन महीने पहले ही तैनाती हुई हैं। छुट्टी न मिलने के कारण वह फादर्स डे पर अपने पिता के साथ नहीं हैं, लेकिन उनका ऋण जीवन भर रहेगा।
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उन्होंने फादर्स डे पर अपने पिता के लिए लंबी आयु की कामना की है। वहीं, अनूप पांडे भी अपने दोनों बेटों की सफलता पर गदगद हैं। उनका बड़ा बेटा सब इंस्पेक्टर तो छोटा बेटा एसडीएम। संवाद
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