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वृंदावन से आए कलाकारों ने समा बांधा
ब्यूरो धौरहरा।
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:41 PM IST
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रासलीला
- फोटो : अमर उजाला
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तुलसीदास के कर्मस्थली रामवाटिका में हुई रासलीला
नंद के घर बजी शहनाई, गोपिकाओं ने किया नृत्य
तुलसीदास की कर्मस्थली धौरहरा स्थित रामवाटिका में आयोजित हनुमंत यज्ञ व रासलीला के कार्यक्रम में शनिवार की रात वृंदावन से आए कलाकारों ने नंद महोत्सव, ताड़का वध तथा शिव तांडव का मंचन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राधाकृष्ण की सुंदर झांकी से हुआ। झांकी की आरती नगर व्यापार सिप्पू निगम के साथ सैकड़ों लोगों ने किया। गोकुल में श्रीकृष्ण के जन्म लेने की खुशी में नंद महोत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में दिखाया गया कि जन्म के समय श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए भगवान शंकर गोकुल पहुंच जाते हैं। शंकर जी ने मां यशोदा से श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए कहा, लेकिन शंकर जी का रूप देख कर यशोदा डर जाती हैं और कहती हैं कि बाबा सोना, चांदी, हीरा जो कुछ चाहिए सब कुछ ले लो पर हम श्रीकृष्ण के दर्शन नहीं कराएंगी। यह सुनकर शंकर जी तांडव करने लगते हैं। जिसके बाद मजबूरन यशोदा मां को श्रीकृष्ण के दर्शन कराने पड़े। कार्यक्रम में शिव तांडव देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मंचन के दौरान पूतना वध की झांकी भी दिखाई गई। इस दौरान यज्ञ में मुख्य यजमान रमाकांत अवस्थी सहित 11 अन्य भक्तों ने आहुतियां डाली। कार्यक्रम में आयोजक समिति के भगवती प्रसाद अग्रवाल, राम प्रसाद शर्मा, चेयरमैन राजीव जायसवाल सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
नंद के घर बजी शहनाई, गोपिकाओं ने किया नृत्य
तुलसीदास की कर्मस्थली धौरहरा स्थित रामवाटिका में आयोजित हनुमंत यज्ञ व रासलीला के कार्यक्रम में शनिवार की रात वृंदावन से आए कलाकारों ने नंद महोत्सव, ताड़का वध तथा शिव तांडव का मंचन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राधाकृष्ण की सुंदर झांकी से हुआ। झांकी की आरती नगर व्यापार सिप्पू निगम के साथ सैकड़ों लोगों ने किया। गोकुल में श्रीकृष्ण के जन्म लेने की खुशी में नंद महोत्सव का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में दिखाया गया कि जन्म के समय श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए भगवान शंकर गोकुल पहुंच जाते हैं। शंकर जी ने मां यशोदा से श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए कहा, लेकिन शंकर जी का रूप देख कर यशोदा डर जाती हैं और कहती हैं कि बाबा सोना, चांदी, हीरा जो कुछ चाहिए सब कुछ ले लो पर हम श्रीकृष्ण के दर्शन नहीं कराएंगी। यह सुनकर शंकर जी तांडव करने लगते हैं। जिसके बाद मजबूरन यशोदा मां को श्रीकृष्ण के दर्शन कराने पड़े। कार्यक्रम में शिव तांडव देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मंचन के दौरान पूतना वध की झांकी भी दिखाई गई। इस दौरान यज्ञ में मुख्य यजमान रमाकांत अवस्थी सहित 11 अन्य भक्तों ने आहुतियां डाली। कार्यक्रम में आयोजक समिति के भगवती प्रसाद अग्रवाल, राम प्रसाद शर्मा, चेयरमैन राजीव जायसवाल सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।