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भीरा-पलिया रोड पर आज दो घंटे धरना देंगे किसान
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पलिया में मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
धरने के साथ भूख हड़ताल भी जारी
बोले, भीख नहीं, मांग रहे अपना पैसा
पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का चल रहा धरना प्रदर्शन निरंतर जारी है। सोमवार से किसानों द्वारा शुरू की गई भूख हड़ताल पर भी दूसरे दिन पांच किसान बैठे। इनका माल्यार्पण कर किसानों ने स्वागत किया। किसानों ने निर्णय लिया है कि आठ दिसंबर बुधवार को दो घंटे के लिए पलिया-भीरा रोड पर सांकेतिक धरना दिया जाएगा।
28 नवंबर को गन्ना समिति में ताला डालकर किसानों ने चीनी मिल में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। धरना प्रदर्शन के बीच में ही सोमवार से भूख हड़ताल भी किसानों ने शुरू कर दी थी। जिसमें मंगलवार को पांच किसान मोहम्मद इश्तियाक, गुरचरण सिंह, रामदयाल वर्मा, रामनरेश बीडीसी व लालता प्रसाद भूख हड़ताल पर बैठे। इनका बाकी किसानों ने फूल मालाओं से लादकर संघर्ष करने के लिए सम्मान किया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि मिल प्रबंधन व मिल मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है, लेकिन इस मामले में कार्रवाई आगे क्या बढ़ी, यह अभी किसानों को नहीं बताया गया है। किसान अपने हक का पैसा मिल से मांग रहे हैं कोई भीख नहीं मांग रहे। किसानों ने एलान किया कि आठ दिसंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक करीब दो घंटा के लिए पलिया-भीरा रोड पर किसान सांकेतिक धरना देकर रोड बंद करेंगे।
सीओ पर कार्रवाई न होने से किसानों में रोष
पलिया सीओ द्वारा एक किसान से अभद्र टिप्पणी करने के बाद उनके खिलाफ किसानों में रोष है। किसान नेता जगपाल सिंह ने कहा कि किसान अपने हक का पैसा मांग रहे हैं। अगर सीओ को लग रहा है कि किसान कानून का उल्लंघन कर रहे हैं तो आकर खुद पूरे बकाया गन्ना का भुगतान दिलवाएं। कहा कि एएसपी के सीओ की अभद्र टिप्पणी की जांच करने की बात कही गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सीओ को हटाने की मांग की। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है।
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तंबू लगी ट्रॉलियां रात में किसानों की बनती हैं बसेरा
धरनास्थल पर ही किसानों द्वारा तंबू लगीं ट्रॉलियां खड़ी की गई हैं, जो धरना स्थल पर ही खड़ी कर रात में किसानों का बसेरा बनती हैं। किसान पुरजोर तरीके से बकाया भुगतान की मांग उठा रहा है और भुगतान न होने तक यहीं पर डेरा जमाए रखने को कह रहा है।
अब बेलरायां मिल बंद करने का किसानों ने किया एलान
निघासन। बजाज ग्रुप की चीनी मिलों से भुगतान न मिलने के बाद अब किसान सहकारी चीनी मिल के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। किसानों ने एक सप्ताह में भुगतान न होने पर चीनी मिल को बंद कराने का एलान किया है। बंदी के एलान से चीनी मिल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
बेलरायां चीनी मिल के निर्वतमान अध्यक्ष अमनदीप सिंह, पूर्व संचालक विनोद वर्मा, किसान संगठन के तहसील अध्यक्ष गुरमीत सिंह रंधावा, सिख संगठन के जसपाल सिंह पल्ला आदि ने कहा कि 26 मार्च से चीनी मिल ने पिछले सत्र का भुगतान नहीं किया है। नए सत्र का भी एक माह हो रहा है। यदि चीनी मिल ने एक सप्ताह के अंदर भुगतान नहीं किया तो गोला, पलिया और खंभारखेड़ा की तरह बेलरायां चीनी मिल को बंद कर दिया जाएगा। इस संबंध में चीनी मिल सीसीओ श्रीनिवास ने बताया कि जिला सहकारी बैंक से ऋण लेने के लिए फाइल भेजी गई है। मंजूर होने पर भुगतान किया जाएगा।
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बोले, भीख नहीं, मांग रहे अपना पैसा
पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों का चल रहा धरना प्रदर्शन निरंतर जारी है। सोमवार से किसानों द्वारा शुरू की गई भूख हड़ताल पर भी दूसरे दिन पांच किसान बैठे। इनका माल्यार्पण कर किसानों ने स्वागत किया। किसानों ने निर्णय लिया है कि आठ दिसंबर बुधवार को दो घंटे के लिए पलिया-भीरा रोड पर सांकेतिक धरना दिया जाएगा।
28 नवंबर को गन्ना समिति में ताला डालकर किसानों ने चीनी मिल में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। धरना प्रदर्शन के बीच में ही सोमवार से भूख हड़ताल भी किसानों ने शुरू कर दी थी। जिसमें मंगलवार को पांच किसान मोहम्मद इश्तियाक, गुरचरण सिंह, रामदयाल वर्मा, रामनरेश बीडीसी व लालता प्रसाद भूख हड़ताल पर बैठे। इनका बाकी किसानों ने फूल मालाओं से लादकर संघर्ष करने के लिए सम्मान किया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि मिल प्रबंधन व मिल मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है, लेकिन इस मामले में कार्रवाई आगे क्या बढ़ी, यह अभी किसानों को नहीं बताया गया है। किसान अपने हक का पैसा मिल से मांग रहे हैं कोई भीख नहीं मांग रहे। किसानों ने एलान किया कि आठ दिसंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक करीब दो घंटा के लिए पलिया-भीरा रोड पर किसान सांकेतिक धरना देकर रोड बंद करेंगे।
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सीओ पर कार्रवाई न होने से किसानों में रोष
पलिया सीओ द्वारा एक किसान से अभद्र टिप्पणी करने के बाद उनके खिलाफ किसानों में रोष है। किसान नेता जगपाल सिंह ने कहा कि किसान अपने हक का पैसा मांग रहे हैं। अगर सीओ को लग रहा है कि किसान कानून का उल्लंघन कर रहे हैं तो आकर खुद पूरे बकाया गन्ना का भुगतान दिलवाएं। कहा कि एएसपी के सीओ की अभद्र टिप्पणी की जांच करने की बात कही गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सीओ को हटाने की मांग की। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है।
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तंबू लगी ट्रॉलियां रात में किसानों की बनती हैं बसेरा
धरनास्थल पर ही किसानों द्वारा तंबू लगीं ट्रॉलियां खड़ी की गई हैं, जो धरना स्थल पर ही खड़ी कर रात में किसानों का बसेरा बनती हैं। किसान पुरजोर तरीके से बकाया भुगतान की मांग उठा रहा है और भुगतान न होने तक यहीं पर डेरा जमाए रखने को कह रहा है।
अब बेलरायां मिल बंद करने का किसानों ने किया एलान
निघासन। बजाज ग्रुप की चीनी मिलों से भुगतान न मिलने के बाद अब किसान सहकारी चीनी मिल के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। किसानों ने एक सप्ताह में भुगतान न होने पर चीनी मिल को बंद कराने का एलान किया है। बंदी के एलान से चीनी मिल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
बेलरायां चीनी मिल के निर्वतमान अध्यक्ष अमनदीप सिंह, पूर्व संचालक विनोद वर्मा, किसान संगठन के तहसील अध्यक्ष गुरमीत सिंह रंधावा, सिख संगठन के जसपाल सिंह पल्ला आदि ने कहा कि 26 मार्च से चीनी मिल ने पिछले सत्र का भुगतान नहीं किया है। नए सत्र का भी एक माह हो रहा है। यदि चीनी मिल ने एक सप्ताह के अंदर भुगतान नहीं किया तो गोला, पलिया और खंभारखेड़ा की तरह बेलरायां चीनी मिल को बंद कर दिया जाएगा। इस संबंध में चीनी मिल सीसीओ श्रीनिवास ने बताया कि जिला सहकारी बैंक से ऋण लेने के लिए फाइल भेजी गई है। मंजूर होने पर भुगतान किया जाएगा।