{"_id":"6689b25364cfdeaeee066753","slug":"farmers-stage-indefinite-protest-from-road-to-collectorate-against-land-acquisition-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1003-124028-2024-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का सड़क से कलक्ट्रेट तक बेमियादी हल्ला-बोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का सड़क से कलक्ट्रेट तक बेमियादी हल्ला-बोल
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में किसानों से बत करते एसडीएम-तहसीलदार संवाद
लखीमपुर खीरी। भूमि अधिग्रहण के विरोध में राजापुर-पिपरिया के किसानों ने प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है। शनिवार को दोनों गांव के करीब 150 किसान नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वे गेट के सामने सड़क पर बैठ गए और आवास विकास के खिलाफ नारेबाजी करने लगेे। बाद में किसानों ने बारिश में डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन पूरी रात चला। वहीं उन्होंने साथ लाया खाना भी खाया।
आवास विकास की राजापुर (एलआरपी) मार्ग योजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भूमि न देने और योजना निरस्त करने की मांग पर अड़े किसानों ने आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। करीब 150 महिला-पुरुष किसान सुबह 11 बजे के बाद नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट के लिए निकले।
कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर सड़क पर बैठ गए और आवास विकास के खिलाफ नारेबाजी की। आधे घंटे से अधिक समय तक किसान सड़क पर बैठे रहे। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया। आक्रोशित किसान डीएम कार्यालय के सामने पहुंच गए और बारिश के बीच सड़क पर बैठ गए। साथ लाया खाना भी सड़क पर ही बैठकर खाया। शाम पांच के बाद तक किसान कलक्ट्रेट में ही डटे रहे।
विज्ञापन
... मर जाएंगे, मगर जमीन नहीं देंगे
बैनर पर आत्मदाह को मजबूर लिखाकर कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने कहा कि मर जाएंगे, मगर जमीन नहीं देंगे। कब्जा करने आएंगे, हम वहीं जान दे देंगे। महिला किसान उर्मिला, नीलम, पिंकी आदि ने बताया कि हर बार राजापुर की जमीनों का ही अधिग्रहण क्यों किया जाता है। जमीन चली जाएगी तो हम लोग भूमिहीन हो जाएंगे। कहा कि सालों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
माशूक की बिगड़ी हालत, भेजा गया अस्पताल
विरोध-प्रदर्शन में शामिल राजापुर गांव के किसान माशूक अली की तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत ही एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। किसानों ने बताया कि जब तक समाधान नहीं हो जाता वे लोग कलक्ट्रेट में ही बैठे रहेंगे। सदर एसडीएम अश्वनी कुमार और तहसीलदार के समझाने पर भी किसान नहीं माने और डीएम कार्यालय के सामने पार्क में बैठे रहे।
यह है भूमि अधिग्रहण का मामला
वर्ष 2010 में आवास विकास परिषद ने राजापुर मार्ग गृहस्थान योजना की अधिसूचना जारी की। जमीन का अधिग्रहण शुरू किया गया। इस प्रोजेक्ट में करीब 317 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी। दर का निर्धारण 17.91 रुपये वर्ग फिट तय किया गया। प्रोजेक्ट की शुरूआत से किसान नाराज थे। 21 जून को किसानों ने विलोबी हाल के सामने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध किया था।
28 जून को 286 किसानों ने दिया था प्रत्यावेदन
भूमि अधिग्रहण के विरोध में राजापुर और पिपरिया गांव के किसानों ने 28 जून को आवास विकास परिषद के अधिकारियों के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। जमीन न देने की बात कही और भूमि अधिग्रहण पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। 286 किसानों ने इस संबंध में शपथ पर प्रत्यावेदन भी जमा किया था।
विज्ञापन
आवास विकास की राजापुर (एलआरपी) मार्ग योजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भूमि न देने और योजना निरस्त करने की मांग पर अड़े किसानों ने आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। करीब 150 महिला-पुरुष किसान सुबह 11 बजे के बाद नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट के लिए निकले।
विज्ञापन
कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर सड़क पर बैठ गए और आवास विकास के खिलाफ नारेबाजी की। आधे घंटे से अधिक समय तक किसान सड़क पर बैठे रहे। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया। आक्रोशित किसान डीएम कार्यालय के सामने पहुंच गए और बारिश के बीच सड़क पर बैठ गए। साथ लाया खाना भी सड़क पर ही बैठकर खाया। शाम पांच के बाद तक किसान कलक्ट्रेट में ही डटे रहे।
विज्ञापन
... मर जाएंगे, मगर जमीन नहीं देंगे
बैनर पर आत्मदाह को मजबूर लिखाकर कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने कहा कि मर जाएंगे, मगर जमीन नहीं देंगे। कब्जा करने आएंगे, हम वहीं जान दे देंगे। महिला किसान उर्मिला, नीलम, पिंकी आदि ने बताया कि हर बार राजापुर की जमीनों का ही अधिग्रहण क्यों किया जाता है। जमीन चली जाएगी तो हम लोग भूमिहीन हो जाएंगे। कहा कि सालों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
माशूक की बिगड़ी हालत, भेजा गया अस्पताल
विरोध-प्रदर्शन में शामिल राजापुर गांव के किसान माशूक अली की तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत ही एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। किसानों ने बताया कि जब तक समाधान नहीं हो जाता वे लोग कलक्ट्रेट में ही बैठे रहेंगे। सदर एसडीएम अश्वनी कुमार और तहसीलदार के समझाने पर भी किसान नहीं माने और डीएम कार्यालय के सामने पार्क में बैठे रहे।
यह है भूमि अधिग्रहण का मामला
वर्ष 2010 में आवास विकास परिषद ने राजापुर मार्ग गृहस्थान योजना की अधिसूचना जारी की। जमीन का अधिग्रहण शुरू किया गया। इस प्रोजेक्ट में करीब 317 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी। दर का निर्धारण 17.91 रुपये वर्ग फिट तय किया गया। प्रोजेक्ट की शुरूआत से किसान नाराज थे। 21 जून को किसानों ने विलोबी हाल के सामने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध किया था।
28 जून को 286 किसानों ने दिया था प्रत्यावेदन
भूमि अधिग्रहण के विरोध में राजापुर और पिपरिया गांव के किसानों ने 28 जून को आवास विकास परिषद के अधिकारियों के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। जमीन न देने की बात कही और भूमि अधिग्रहण पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। 286 किसानों ने इस संबंध में शपथ पर प्रत्यावेदन भी जमा किया था।

कलेक्ट्रेट में किसानों से बत करते एसडीएम-तहसीलदार संवाद

कलेक्ट्रेट में किसानों से बत करते एसडीएम-तहसीलदार संवाद

कलेक्ट्रेट में किसानों से बत करते एसडीएम-तहसीलदार संवाद