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किसानों के माथे पर बल डाल रहे छाए बादल
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:41 PM IST
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किसान हलकान
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में कुछ स्थानों पर हुई बूदाबांदी
जिले में रविवार को सुबह से छाए घने बादलों और शहर के अलावा गांवों में भी बूदाबांदी ने किसानों के माथे पर बल डाल दिए। आसमान में दिनभर बादल छाए रहने और हवा चलने से मौसम सुहावना रहा। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
खेतों में गेहूं और चना की फसल लहलहा रही है। सुबह से ही काले घने बादल छा गए और बूदाबांदी हुई। फरधान के किसान वीरपाल सिंह, राजेश मिश्रा, रणधीर सिंह, कुलवंत सिंह ने बताया कि खेत में उनकी गेहूं की उपज पकी खड़ी है। पानी बरस गया तो कटाई नहीं हो पाएगी और उपज को भी नुकसान होगा।
रजागंज। मौसम के बदलते मिजाज को देखकर गांव के विद्याशंकर, रामशंकर, रामसिंह, पप्पू सिंह, सारजन वर्मा आदि किसान चिंतित हैं। तेज पछुवा हवा और गरज चमक के साथ हुई बूंदाबांदी ने किसानों की नींद उड़ा दी। किसानों की तैयार खड़ी मसूर की फसल को नुकसान पहुंचा है। दलहन, तिलहन समेत मौसमी फल और आम के बाग मालिक भी चिंतित हैं।
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अमीरनगर। आसमान में छाये बादलों को देखकर किसान हलकान हो रहे हैं। इस समय पर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कटने का इंतजार कर रही है। परगना मगदापुर क्षेत्र में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पककर तैयार है। इसी सप्ताह तेजी के साथ कंपाइन मशीनें दौड़ना शुरू हो जाएगी। रविवार को रूक-रूक कर हुई बूंदाबांदी और आसमान में छाये बादलों को देखकर किसानों के माथे पर पसीना आ रहा है। पिछले वर्ष गेहूं की तैयार फसल में ओलावृष्टि हो जाने से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी जिसके चलते अभी तक किसानों की हालत सुधर नहीं पाई है।
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जिले में रविवार को सुबह से छाए घने बादलों और शहर के अलावा गांवों में भी बूदाबांदी ने किसानों के माथे पर बल डाल दिए। आसमान में दिनभर बादल छाए रहने और हवा चलने से मौसम सुहावना रहा। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
खेतों में गेहूं और चना की फसल लहलहा रही है। सुबह से ही काले घने बादल छा गए और बूदाबांदी हुई। फरधान के किसान वीरपाल सिंह, राजेश मिश्रा, रणधीर सिंह, कुलवंत सिंह ने बताया कि खेत में उनकी गेहूं की उपज पकी खड़ी है। पानी बरस गया तो कटाई नहीं हो पाएगी और उपज को भी नुकसान होगा।
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रजागंज। मौसम के बदलते मिजाज को देखकर गांव के विद्याशंकर, रामशंकर, रामसिंह, पप्पू सिंह, सारजन वर्मा आदि किसान चिंतित हैं। तेज पछुवा हवा और गरज चमक के साथ हुई बूंदाबांदी ने किसानों की नींद उड़ा दी। किसानों की तैयार खड़ी मसूर की फसल को नुकसान पहुंचा है। दलहन, तिलहन समेत मौसमी फल और आम के बाग मालिक भी चिंतित हैं।
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अमीरनगर। आसमान में छाये बादलों को देखकर किसान हलकान हो रहे हैं। इस समय पर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कटने का इंतजार कर रही है। परगना मगदापुर क्षेत्र में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पककर तैयार है। इसी सप्ताह तेजी के साथ कंपाइन मशीनें दौड़ना शुरू हो जाएगी। रविवार को रूक-रूक कर हुई बूंदाबांदी और आसमान में छाये बादलों को देखकर किसानों के माथे पर पसीना आ रहा है। पिछले वर्ष गेहूं की तैयार फसल में ओलावृष्टि हो जाने से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी जिसके चलते अभी तक किसानों की हालत सुधर नहीं पाई है।