फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Farmers in confusion due to lack of market for coarse grains

Lakhimpur Kheri News: मोटे अनाज का बाजार नहीं हाेने से असमंजस में किसान

Thu, 20 Jul 2023 11:50 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jul 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
Farmers in confusion due to lack of market for coarse grains
यदुनंंदन सिंह पुजारी।
बांकेगंज। श्रीअन्न योजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन जिले और तहसील स्तर पर इसका बाजार न होने से इलाके के किसान खेती को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि अनाज को बेचने कहां ले जाएंगे। किसान तहसील स्तर पर क्रय केंद्र खोलने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती के लिए किसानों को रागी, सांवा, कोदो, ज्वार आदि के बीज कृषि विभाग निशुल्क दे रहा है। मोटा अनाज शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक होने के साथ बीमारियों को नियंत्रित करने में भी मददगार है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तमाम पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमें रेशे, बी-काॅम्प्लेक्स, विटामिन्स, अमीनो एसिड, वसीय अम्ल, विटामिन-ई, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, विटामिन बी-6 व कैरोटीन पाए जाते हैं। ग्लूकोज कम हाेने से मधुमेह का खतरा कम होता है। इस वजह से इन अनाजों को सुपर फूड कहा जाता है।
विज्ञापन


बांकेगंज कस्बा निवासी किसान यदुनंदन सिंह पुजारी का कहना है कि मोटे अनाज की खेती करनी है,लेकिन उगाई गई फसल को कहां बेचेंगे। इसे लेकर संशय है। कृषि विभाग कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं है। इस स्थिति में किसान दोराहे पर खड़े हैं और वे कुछ सोच नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान गोल्डी गोयल का कहना है कि किसी भी फसल की खेती करने से पहले किसान उसका बाजार ढूंढते हैं। बिना बाजार के मोटे अनाज की खेती बेकार है।
पूरनपुर गांव निवासी किसान सुखराज सिंह कहते हैं कि मोटे अनाज की खेती आर्थिक रूप से किसानों को समृद्ध बना सकती है। इसके लिए सरकार को उत्पादन खरीदने की गारंटी देनी होगी।

किसान संजय भार्गव कहते हैं कि पहले सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर क्रय केंद्र बनाए। इसके बाद ही मोटे अनाज की खेती करने में तेजी आएगी। इसके साथ ही खरीद के लिए बाजार भी उपलब्ध कराएं, ताकि किसान संतुष्ट रहे।

यदुनंंदन सिंह पुजारी।

यदुनंंदन सिंह पुजारी।

यदुनंंदन सिंह पुजारी।

यदुनंंदन सिंह पुजारी।

यदुनंंदन सिंह पुजारी।

यदुनंंदन सिंह पुजारी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed