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गोमती पुल पर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता
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मांगों के निस्तारण के लिए किसान डीएम को धरना स्थल पर बुलाने पर अड़े
चपरतला। मितौली तहसील के चपरतला गोमती पुल पर भारतीय किसान यूनियन अवध के प्रदेश अध्यक्ष श्यामू शुक्ला और किसान यूनियन के तमाम किसान बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि भूख हड़ताल से भी मांगें नहीं मानी गईं तो वह लोग नदी में पूर्व की तरह भूख हड़ताल और जल सत्याग्रह एक साथ करेंगे। मांगों के निस्तारण के लिए किसान डीएम को धरना स्थल पर बुलाने के लिए अड़ गए हैं।
भारतीय किसान यूनियन अवध के प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामू शुक्ला ने डेढ़ माह पूर्व इसी जगह पर जल सत्याग्रह किया गया था। तीन दिन लगातार जल सत्याग्रह करने के मामले में जिले के अधिकारियों में खलबली मच गई थी। सभी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और समस्या समाधान की बात कही थी।
डेढ़ माह बीतने के बाद भी समस्या हल न होने पर किसानों ने मजबूरन फिर उसी जगह पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसान डीएम को धरना स्थल पर बुलाने के लिए अड़ गए हैं। किसानों का कहना है कि खाद्य विभाग में कोटेदारों के द्वारा धांधली की जा रही है, क्षेत्र में मक्खियों की समस्या अधिक है पर कोई लगाम नहीं लगी। 16 सूत्रीय मांग पत्र अधिकारियों को दिया गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। किसानों ने शनिवार को दोपहर में ही भूख हड़ताल की तैयारी की। इससे पहले सभी किसानों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। भोजन करने के बाद शनिवार को ही 5:50 बजे से भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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चपरतला। मितौली तहसील के चपरतला गोमती पुल पर भारतीय किसान यूनियन अवध के प्रदेश अध्यक्ष श्यामू शुक्ला और किसान यूनियन के तमाम किसान बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि भूख हड़ताल से भी मांगें नहीं मानी गईं तो वह लोग नदी में पूर्व की तरह भूख हड़ताल और जल सत्याग्रह एक साथ करेंगे। मांगों के निस्तारण के लिए किसान डीएम को धरना स्थल पर बुलाने के लिए अड़ गए हैं।
भारतीय किसान यूनियन अवध के प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामू शुक्ला ने डेढ़ माह पूर्व इसी जगह पर जल सत्याग्रह किया गया था। तीन दिन लगातार जल सत्याग्रह करने के मामले में जिले के अधिकारियों में खलबली मच गई थी। सभी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और समस्या समाधान की बात कही थी।
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डेढ़ माह बीतने के बाद भी समस्या हल न होने पर किसानों ने मजबूरन फिर उसी जगह पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसान डीएम को धरना स्थल पर बुलाने के लिए अड़ गए हैं। किसानों का कहना है कि खाद्य विभाग में कोटेदारों के द्वारा धांधली की जा रही है, क्षेत्र में मक्खियों की समस्या अधिक है पर कोई लगाम नहीं लगी। 16 सूत्रीय मांग पत्र अधिकारियों को दिया गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। किसानों ने शनिवार को दोपहर में ही भूख हड़ताल की तैयारी की। इससे पहले सभी किसानों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। भोजन करने के बाद शनिवार को ही 5:50 बजे से भूख हड़ताल शुरू कर दी।
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